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रजबहे में पानी नहीं छोड़ा तो चुनाव में नोटा का बटन दबाएंगे किसान
Updated Mon, 16 Jul 2018 12:22 AM IST
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सहारनपुर। रजबहे नल्हेडा माइन टेल जड़ौदा पांडा में 35 क्यूसेक पानी छोड़ने की मांग को लेकर आंदोलनरत क्षेत्र के किसानों ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन भेजा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 20 वर्षों से चल रही उनकी मांग को पूरा नहीं किया गया तो वे आने वाले लोकसभा चुनाव में नोटा का बटन दबाने के लिए मजबूर होंगे।
प्रधानमंत्री को भेजे ज्ञापन में गांव मोरा, तिलफरा ऐनाबाद, नया गांव, बालू माजरा, लोटनी, जयपुर, शेरपुर, किशनपुर, कन्नाहेडी, आदि के किसानों ने कहा कि उनके रजबहे में पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। इसके चलते क्षेत्र में जलस्तर काफी नीचे चला गया। जिसका असर फसल के उत्पादन पर भी पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार, मनोज सिन्हा, पूर्व मंत्री संजीव बालियान, सांसद राघव लखनपाल शर्मा और क्षेत्र के प्रत्याशी और विधायक ब्रिजेश सिंह ने मंच से वादा किया था कि सरकार बनते ही मांग को पूरा कर दिया जाएगा। लेकिन अब तक इस मामले में कोई प्रगति नहीं हुए है। उन्होंने कहा कि हमारे दर्जन भर गांवों को केवल 35 क्यूसेक पानी चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा कि यदि मांग पूरी नहीं हुई तो वे आगामी चुनाव में नोटा का बटन दबाने के लिए मजबूर होंगे। संयोजक अरविंद त्यागी, कर्मवीर, राकेश त्यागी, विनोद, कुलदीप, सतेश, शिवकुमार, सतेंद्र त्यागी, नरेंद्र त्यागी, महीपाल, मदन राणा, बिजेंद्र राणा आदि रहे।
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प्रधानमंत्री को भेजे ज्ञापन में गांव मोरा, तिलफरा ऐनाबाद, नया गांव, बालू माजरा, लोटनी, जयपुर, शेरपुर, किशनपुर, कन्नाहेडी, आदि के किसानों ने कहा कि उनके रजबहे में पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। इसके चलते क्षेत्र में जलस्तर काफी नीचे चला गया। जिसका असर फसल के उत्पादन पर भी पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार, मनोज सिन्हा, पूर्व मंत्री संजीव बालियान, सांसद राघव लखनपाल शर्मा और क्षेत्र के प्रत्याशी और विधायक ब्रिजेश सिंह ने मंच से वादा किया था कि सरकार बनते ही मांग को पूरा कर दिया जाएगा। लेकिन अब तक इस मामले में कोई प्रगति नहीं हुए है। उन्होंने कहा कि हमारे दर्जन भर गांवों को केवल 35 क्यूसेक पानी चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा कि यदि मांग पूरी नहीं हुई तो वे आगामी चुनाव में नोटा का बटन दबाने के लिए मजबूर होंगे। संयोजक अरविंद त्यागी, कर्मवीर, राकेश त्यागी, विनोद, कुलदीप, सतेश, शिवकुमार, सतेंद्र त्यागी, नरेंद्र त्यागी, महीपाल, मदन राणा, बिजेंद्र राणा आदि रहे।
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