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बुक्कल नवाब के दारुल उलूम पर दिए बयान से उलमा आग बबूला
Updated Fri, 08 Jun 2018 12:41 AM IST
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देवबंद (सहारनपुर)। भाजपा के एमएलसी बुक्कल नवाब ने बयान दिया है कि दारुल उलूम खूनी पंजा है, ओसामा बिन लादेन, बगदादी, हाफिज सईद और दाऊद इब्राहीम जैसे आतंकवादी यहीं से पैदा हुए हैं । इस पर देवबंदी उलमा आगबबूला हो गए हैं। उनका कहना है कि बुक्कल नवाब और उन जैसे नेताओं पर मुकदमे दर्ज होने चाहिए।
दारुल उलूम अशरफिया के वरिष्ठ उस्ताद मौलाना अथर कासमी ने बीजेपी एमएलसी बुक्कल नवाब के बयान की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि ऐसे लोगों इतिहास से वाकिफ नहीं है इसलिए जो दिल में आए उलटे सीधे बयान देते रहते हैं। सरकार को चाहिए कि वह ऐसे लोगों के बयानों का संज्ञान ले और उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज कराएं। ताकि देश में अमन चैन और भाईचारा बरकरार रह सके। उन्होंने कहा कि यह लोग पहले साबित करके दिखा दें कि दारुल उलूम दहशतगर्दी का अड्डा है और अगर साबित न कर सके तो वह खुद अपने आपको दहशतगर्द मान लें। इसलिए ये कहना बेहतर होगा कि जिन्हें इतिहास की जानकारी ही नहीं उन जैसे लोगों के बयानों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। मौलाना अथर कासमी ने कहा कि दारुल उलूम दहशतगर्दी का विरोध करता है और इसके संबंध में फतवा जारी कर अपना रुख भी साफ कर चुका है, लेकिन उसके बावजूद कुछ लोग सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए इस तरह के बयान दे रहे हैं, जबकि सब जानते हैं कि दारुल उलूम और उससे जुड़ा हर व्यक्ति अमन और शांति का पैगाम देने का काम कर रहा है। साथ ही कहा कि बुक्कल नवाब से कहना चाहूंगा कि यह बेहद अफसोस की बात है कि देश को आजाद कराने में जिन देवबंदी उलमा ने अपनी जानों की कुरबानी दी आज उन्हीं का नाम मिटा दिया गया।
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दारुल उलूम अशरफिया के वरिष्ठ उस्ताद मौलाना अथर कासमी ने बीजेपी एमएलसी बुक्कल नवाब के बयान की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि ऐसे लोगों इतिहास से वाकिफ नहीं है इसलिए जो दिल में आए उलटे सीधे बयान देते रहते हैं। सरकार को चाहिए कि वह ऐसे लोगों के बयानों का संज्ञान ले और उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज कराएं। ताकि देश में अमन चैन और भाईचारा बरकरार रह सके। उन्होंने कहा कि यह लोग पहले साबित करके दिखा दें कि दारुल उलूम दहशतगर्दी का अड्डा है और अगर साबित न कर सके तो वह खुद अपने आपको दहशतगर्द मान लें। इसलिए ये कहना बेहतर होगा कि जिन्हें इतिहास की जानकारी ही नहीं उन जैसे लोगों के बयानों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। मौलाना अथर कासमी ने कहा कि दारुल उलूम दहशतगर्दी का विरोध करता है और इसके संबंध में फतवा जारी कर अपना रुख भी साफ कर चुका है, लेकिन उसके बावजूद कुछ लोग सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए इस तरह के बयान दे रहे हैं, जबकि सब जानते हैं कि दारुल उलूम और उससे जुड़ा हर व्यक्ति अमन और शांति का पैगाम देने का काम कर रहा है। साथ ही कहा कि बुक्कल नवाब से कहना चाहूंगा कि यह बेहद अफसोस की बात है कि देश को आजाद कराने में जिन देवबंदी उलमा ने अपनी जानों की कुरबानी दी आज उन्हीं का नाम मिटा दिया गया।
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