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सांप्रदायिक तत्वों में कानून से बचने का गुमान पैदा हुआ: मदनी
Updated Sun, 01 Apr 2018 01:04 AM IST
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सांप्रदायिक तत्वों में कानून से बचने का गुमान पैदा हुआ : मदनी
देवबंद(सहारनपुर)। जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना सैय्यद महमूद मदनी ने बिहार और पश्चिम बंगाल में हुए सांप्रदायिक दंगों पर चिंता व्यक्त करते हुए राज्य और केंद्र सरकार से मांग की है कि वह शांति और व्यवस्था बहाल करने के लिए हर संभव व्यवहारिक कदम उठाएं।
शनिवार को जारी बयान में मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि भागलपुर दंगों के आरोपी कैबिनेट मंत्री के पुत्र अर्जित के खिलाफ कार्रवाई की जाती तो यह आग नवादा, नालंदा, औरंगाबाद, रोसरा समेत आठ जिलों तक नहीं फैलती। राजनीति के लिए धर्म का इस्तेमाल और बांटने वाले प्रयासों को विफल करने के लिए बहुमत वर्ग के जिम्मेदार लोगों को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि जमीअत उलमा-ए-हिंद हमेशा यह कहती रही है कि दंगों के लिए जिला प्रशासन को जवाबदेह बनाया जाए और पीड़ितों को उचित मुआवजा दिया जाए। मौलाना मदनी ने पश्चिम बंगाल की नूरानी मस्जिद के इमाम मौलाना इम्दादुल्लाह रशीदी के जज्बे को अनुकरणीय बताया जिन्होंने दंगे में अपने सोलह वर्षीय बच्चे की हत्या के बावजूद स्थानीय मुसलमानों को जज्बाती कदम उठाने से पूरी ताकत से रोका ।
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देवबंद(सहारनपुर)। जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना सैय्यद महमूद मदनी ने बिहार और पश्चिम बंगाल में हुए सांप्रदायिक दंगों पर चिंता व्यक्त करते हुए राज्य और केंद्र सरकार से मांग की है कि वह शांति और व्यवस्था बहाल करने के लिए हर संभव व्यवहारिक कदम उठाएं।
शनिवार को जारी बयान में मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि भागलपुर दंगों के आरोपी कैबिनेट मंत्री के पुत्र अर्जित के खिलाफ कार्रवाई की जाती तो यह आग नवादा, नालंदा, औरंगाबाद, रोसरा समेत आठ जिलों तक नहीं फैलती। राजनीति के लिए धर्म का इस्तेमाल और बांटने वाले प्रयासों को विफल करने के लिए बहुमत वर्ग के जिम्मेदार लोगों को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि जमीअत उलमा-ए-हिंद हमेशा यह कहती रही है कि दंगों के लिए जिला प्रशासन को जवाबदेह बनाया जाए और पीड़ितों को उचित मुआवजा दिया जाए। मौलाना मदनी ने पश्चिम बंगाल की नूरानी मस्जिद के इमाम मौलाना इम्दादुल्लाह रशीदी के जज्बे को अनुकरणीय बताया जिन्होंने दंगे में अपने सोलह वर्षीय बच्चे की हत्या के बावजूद स्थानीय मुसलमानों को जज्बाती कदम उठाने से पूरी ताकत से रोका ।
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