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फिरकों में बंटने से बचाती है कुरआन की तालीम: रशीद
Updated Tue, 06 Feb 2018 01:08 AM IST
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देवबंद (सहारनपुर)। इस्लामी स्कॉलर मौलाना अब्दुल रशीद ने कहा कि आज हम फिरकों में बंटकर अलग थलग पड़े हुए हैं। यदि कुरआन की तालीम पर अमल किया जाए तो फिरकों में बंटने से बचा जा सकता है।
सोमवार को मोहल्ला दीवान स्थित तैय्यद मस्जिद में आयोजित इस्लाही मुआशरा (समाज सुधार) कार्यक्रम में मौलाना अब्दुल रशीद ने कुरआन-ए-पाक की तालीम पर रोशनी डालते हुए कहा कि जिस किसी ने भी इस पर अमल किया वो कामयाब हुआ है और जो लोग इससे हटे हैं वो तरह तरह की परेशानियों से घिरे हुए हैं। मोहम्मद असलम काजमी ने कहा कि इस्लाम धर्म हमेशा से प्यार, मोहब्बत और आपसी सौहार्द का संदेश देता आया है। कुरआन की तालीम सिखाती है कि हर धर्म और उसके मानने वालों का सम्मान करो। असलम काजमी ने सभी से बच्चों को दीनी तालीम ग्रहण कराए जाने का आह्वान किया। अंत में मौलाना अब्दुल रशीद ने मुल्क में अमनो अमान, आपसी सौहार्द के लिए दुआ कराई। इस मौके पर वसीम अहमद, तसव्वुर हुसैन, सुफियान काजमी, फैजी सिद्दीकी, मो. अकरम काजमी, मौलाना अब्दुल्ला कासमी आदि मौजूद रहे।
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सोमवार को मोहल्ला दीवान स्थित तैय्यद मस्जिद में आयोजित इस्लाही मुआशरा (समाज सुधार) कार्यक्रम में मौलाना अब्दुल रशीद ने कुरआन-ए-पाक की तालीम पर रोशनी डालते हुए कहा कि जिस किसी ने भी इस पर अमल किया वो कामयाब हुआ है और जो लोग इससे हटे हैं वो तरह तरह की परेशानियों से घिरे हुए हैं। मोहम्मद असलम काजमी ने कहा कि इस्लाम धर्म हमेशा से प्यार, मोहब्बत और आपसी सौहार्द का संदेश देता आया है। कुरआन की तालीम सिखाती है कि हर धर्म और उसके मानने वालों का सम्मान करो। असलम काजमी ने सभी से बच्चों को दीनी तालीम ग्रहण कराए जाने का आह्वान किया। अंत में मौलाना अब्दुल रशीद ने मुल्क में अमनो अमान, आपसी सौहार्द के लिए दुआ कराई। इस मौके पर वसीम अहमद, तसव्वुर हुसैन, सुफियान काजमी, फैजी सिद्दीकी, मो. अकरम काजमी, मौलाना अब्दुल्ला कासमी आदि मौजूद रहे।
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