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भाकियू कार्यकर्ताओं ने तहसील में की नारेबाजी
Updated Sat, 16 Sep 2017 01:35 AM IST
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बेहट (सहारनपुर)। शुक्रवार को तहसील परिसर में आहूत मासिक पंचायत के दौरान भाकियू कार्यकर्ताओं ने दस सूत्रीय मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि तहसील के अधिकारी एवं कर्मचारी भ्रष्टाचार में डूबे है। किसानों का उत्पीड़न किया जा रहा है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जिलाध्यक्ष चौधरी चरण सिंह ने कहा कि तहसील में समस्या से पीड़ित किसानों की बिना सुविधा शुल्क दिए सुनवाई नहीं की जाती। कोई किसान पैमाइश का प्रार्थना पत्र लेकर आता है, तो उसे टरका दिया जाता है। भूमि अधिग्रहण आदि मामलों में भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्हें जरूरत पड़ने पर मासिक पंचायत को हर बार धरने में तब्दील करने की चेतावनी दी। डॉ. राजबीर सिंह एवं सुरेंद्र काम्बोज ने कहा कि कई बार भाकियू द्वारा ज्ञापन दिए जाने के बाद भी गांव औरंगाबाद में पूर्व माध्यमिक विद्यालय में आने जाने के लिए रास्ते की व्यवस्था नहीं की जा सकी। उन्होंने बकाया गन्ना भुगतान का मुद्दा उठाते हुए कहा कि शासन प्रशासन गन्ना भुगतान कराने में असमर्थ है। इससे सरकार की उदासीनता का पता चलता है। उन्होंने गन्ना मूल्य निर्धारित किए जाने और खस्ताहाल सड़कों की मरम्मत किए जाने की मांग की।
पंचायत और धरने के बाद भाकियू कार्यकर्ताओं ने विभिन्न समस्याओं से संबंधित दस सूत्रीय मांग पत्र एसडीएम को सौंपा। इस मौके पर हामिद खां, सुरेश चौहान, आलिम प्रधान, गंगाराम शर्मा, अशोक कुमार, देवेंद्र कुमार, चंचल सिंह, अजय कुमार, बबली कुमार, महीपाल सिंह, नरेश कुमार स्वामी, प्रदीप चौधरी, सरदार जगत सिंह, सोहन बीर सिंह, सुचेत राणा, दीपक कुमार, केहर सिंह, रघुवीर सिंह आदि मौजूद रहे।
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जिलाध्यक्ष चौधरी चरण सिंह ने कहा कि तहसील में समस्या से पीड़ित किसानों की बिना सुविधा शुल्क दिए सुनवाई नहीं की जाती। कोई किसान पैमाइश का प्रार्थना पत्र लेकर आता है, तो उसे टरका दिया जाता है। भूमि अधिग्रहण आदि मामलों में भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्हें जरूरत पड़ने पर मासिक पंचायत को हर बार धरने में तब्दील करने की चेतावनी दी। डॉ. राजबीर सिंह एवं सुरेंद्र काम्बोज ने कहा कि कई बार भाकियू द्वारा ज्ञापन दिए जाने के बाद भी गांव औरंगाबाद में पूर्व माध्यमिक विद्यालय में आने जाने के लिए रास्ते की व्यवस्था नहीं की जा सकी। उन्होंने बकाया गन्ना भुगतान का मुद्दा उठाते हुए कहा कि शासन प्रशासन गन्ना भुगतान कराने में असमर्थ है। इससे सरकार की उदासीनता का पता चलता है। उन्होंने गन्ना मूल्य निर्धारित किए जाने और खस्ताहाल सड़कों की मरम्मत किए जाने की मांग की।
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पंचायत और धरने के बाद भाकियू कार्यकर्ताओं ने विभिन्न समस्याओं से संबंधित दस सूत्रीय मांग पत्र एसडीएम को सौंपा। इस मौके पर हामिद खां, सुरेश चौहान, आलिम प्रधान, गंगाराम शर्मा, अशोक कुमार, देवेंद्र कुमार, चंचल सिंह, अजय कुमार, बबली कुमार, महीपाल सिंह, नरेश कुमार स्वामी, प्रदीप चौधरी, सरदार जगत सिंह, सोहन बीर सिंह, सुचेत राणा, दीपक कुमार, केहर सिंह, रघुवीर सिंह आदि मौजूद रहे।
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