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Saharanpur News: टैक्स में 20 फीसदी की छूट केवल 30 जून तक
Mon, 23 Jun 2025 11:52 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Mon, 23 Jun 2025 11:52 PM IST
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सहारनपुर। गृहकर एवं जलकर के बिलों में 20 प्रतिशत छूट का लाभ केवल 30 जून तक ही मिलेगा। इसके बाद बकाएदारों को पूरा टैक्स चुकाना होगा। महापौर डॉ. अजय कुमार और नगर आयुक्त शिपू गिरि ने नागरिकों से छूट का लाभ उठाने की अपील की है।
नगर निगम बोर्ड ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की वर्तमान मांग पर यानि चालू वित्तीय वर्ष के गृहकर एवं जलकर बिलों में 20 प्रतिशत की छूट मई माह से एक माह बढ़ाकर 30 जून तक कर दी थी। कर अधीक्षक सुधीर शर्मा ने बताया कि टैक्स के बिलों में दी जा रही छूट की अवधि 30 जून को समाप्त हो जाएगी, जिसके बाद कोई छूट नहीं दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि जिन भवन स्वामियों को जीआईएस सर्वे के बिल भेजे जा रहे हैं यदि उन्हें कोई आपत्ति है तो वह आपत्ति लगाकर कार्यालय में प्रस्तुत करें और समय से निस्तारण कराकर अपना टैक्स जमा कराएं। उन्होंने करदाताओं से अपील की है कि यदि किसी भवन स्वामी को बिल प्राप्त नहीं हुआ है तो वह निगम पहुंचकर अपना बिल प्राप्त कर टैक्स जमा करा सकता है।
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कर अधीक्षक ने यह भी बताया कि कुछ लोग जीआईएस सर्वे के बिलों में वृद्धि देखकर भ्रमित हो रहे हैं। बिलों में वृद्धि के निम्न कारण हो सकते हैं। पहला यह कि भवन का क्षेत्रफल पूर्व में कम दर्ज किया गया हो और मौके पर अधिक हो। दूसरा यह कि कवर्ड एरिया में वृद्धि की गई हो और तीसरा यह कि भवन की प्रकृति में परिवर्तन किया गया हो। यानी आवासीय से व्यावसायिक कर दिया गया हो।
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नगर निगम बोर्ड ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की वर्तमान मांग पर यानि चालू वित्तीय वर्ष के गृहकर एवं जलकर बिलों में 20 प्रतिशत की छूट मई माह से एक माह बढ़ाकर 30 जून तक कर दी थी। कर अधीक्षक सुधीर शर्मा ने बताया कि टैक्स के बिलों में दी जा रही छूट की अवधि 30 जून को समाप्त हो जाएगी, जिसके बाद कोई छूट नहीं दी जाएगी।
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उन्होंने बताया कि जिन भवन स्वामियों को जीआईएस सर्वे के बिल भेजे जा रहे हैं यदि उन्हें कोई आपत्ति है तो वह आपत्ति लगाकर कार्यालय में प्रस्तुत करें और समय से निस्तारण कराकर अपना टैक्स जमा कराएं। उन्होंने करदाताओं से अपील की है कि यदि किसी भवन स्वामी को बिल प्राप्त नहीं हुआ है तो वह निगम पहुंचकर अपना बिल प्राप्त कर टैक्स जमा करा सकता है।
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कर अधीक्षक ने यह भी बताया कि कुछ लोग जीआईएस सर्वे के बिलों में वृद्धि देखकर भ्रमित हो रहे हैं। बिलों में वृद्धि के निम्न कारण हो सकते हैं। पहला यह कि भवन का क्षेत्रफल पूर्व में कम दर्ज किया गया हो और मौके पर अधिक हो। दूसरा यह कि कवर्ड एरिया में वृद्धि की गई हो और तीसरा यह कि भवन की प्रकृति में परिवर्तन किया गया हो। यानी आवासीय से व्यावसायिक कर दिया गया हो।