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हज यात्रियों से अतिरिक्त रकम वसूलने के फैसले पर पुनर्विचार करे हज कमेटी: उलमा
Updated Sun, 14 Oct 2018 12:45 AM IST
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हज यात्रियों से अतिरिक्त रकम वसूलने पर पुनर्विचार करे हज कमेटी : उलमा
देवबंद(सहारनपुर)। डॉलर के मुकाबले रुपये के कमजोर होने के चलते हज कमेटी ऑफ इंडिया द्वारा हाजियों से 73 करोड़ रुपये वसूल करने पर देवबंदी उलमा का कहना है कि हज कमेटी को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए। ताकि हज यात्रा पर जाने वाले लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
हज कमेटी ऑफ इंडिया ने फरमान जारी किया है कि 5340 रुपये से लेकर 9540 रुपये तक की रकम हाजियों से वसूल की जाएगी, जबकि इससे पूर्व हज कमेटी ने दावा किया था कि उन्होंने 73 करोड़ रुपये चुका दिए हैं। इस मामले में फतवा ऑनलाइन के चेयरमैन मौलाना मुफ्ती अरशद फारुकी का कहना है कि डॉलर की कीमत घटती बढ़ती रहती है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि सरकार हज यात्रा पर जाने वाले लोगों पर इसका बोझ डाल दे और उनसे भारी भरकम रकम की वसूली की जाए। कहा कि सरकारें हज यात्रियों को सब्सिडी और रियायतें देती रही हैं। इसलिए हज कमेटी को चाहिए कि वह अपने फरमान पर पुनर्विचार करे। ताकि हज यात्रा पर जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। मुफ्ती अरशद फारुकी ने कहा कि लोग सालों साल हज यात्रा पर जाने के लिए अपने खून पसीने की कमाई को जमा करते हैं ताकि वह जायज कमाई से हज कर सकें, लेकिन सरकारों और हज कमेटी के रवैये से उन्हें भारी परेशानी उठानी पड़ती है। हर वर्ष हज कमेटी कोई न कोई नया फरमान जारी कर हज यात्रियों पर अतिरिक्त बोझ डालने का काम करती है। जिसे किसी भी दशा में सही नहीं ठहराया जा सकता।
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देवबंद(सहारनपुर)। डॉलर के मुकाबले रुपये के कमजोर होने के चलते हज कमेटी ऑफ इंडिया द्वारा हाजियों से 73 करोड़ रुपये वसूल करने पर देवबंदी उलमा का कहना है कि हज कमेटी को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए। ताकि हज यात्रा पर जाने वाले लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
हज कमेटी ऑफ इंडिया ने फरमान जारी किया है कि 5340 रुपये से लेकर 9540 रुपये तक की रकम हाजियों से वसूल की जाएगी, जबकि इससे पूर्व हज कमेटी ने दावा किया था कि उन्होंने 73 करोड़ रुपये चुका दिए हैं। इस मामले में फतवा ऑनलाइन के चेयरमैन मौलाना मुफ्ती अरशद फारुकी का कहना है कि डॉलर की कीमत घटती बढ़ती रहती है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि सरकार हज यात्रा पर जाने वाले लोगों पर इसका बोझ डाल दे और उनसे भारी भरकम रकम की वसूली की जाए। कहा कि सरकारें हज यात्रियों को सब्सिडी और रियायतें देती रही हैं। इसलिए हज कमेटी को चाहिए कि वह अपने फरमान पर पुनर्विचार करे। ताकि हज यात्रा पर जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। मुफ्ती अरशद फारुकी ने कहा कि लोग सालों साल हज यात्रा पर जाने के लिए अपने खून पसीने की कमाई को जमा करते हैं ताकि वह जायज कमाई से हज कर सकें, लेकिन सरकारों और हज कमेटी के रवैये से उन्हें भारी परेशानी उठानी पड़ती है। हर वर्ष हज कमेटी कोई न कोई नया फरमान जारी कर हज यात्रियों पर अतिरिक्त बोझ डालने का काम करती है। जिसे किसी भी दशा में सही नहीं ठहराया जा सकता।
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