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ठिठुरते हुए स्कूल पहुंच रहे हैं मासूम
Updated Sat, 04 Nov 2017 12:14 AM IST
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ठिठुरते हुए स्कूल पहुंच रहे हैं मासूम
सहारनपुर। सरकार ने परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों को जूते और स्वेटर देने का वादा किया था, मगर अभी तक एक भी बच्चे ये मुहैया नहीं हो सके हैं। नवंबर चल रहा है, जिसमें सर्दी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में बच्चों ने जूते और स्वेटर मिलने का इंतजार भी शुरू कर दिया है। आलम यह है कि बेहद गरीब घरों के यह मासूम ठिठुरते हुए स्कूल पहुंच रहे हैं।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत सरकारी स्कूलों में आठवीं तक के बच्चों से किसी तरह का शुल्क नहीं लिया जा सकता। सरकार इन बच्चों को किताब और बैग से लेकर यूनिफॉर्म तक मुहैया कराती आ रही है। इस बार सरकार ने बच्चों को जूते और स्वेटर भी देने का ऐलान किया था। मगर सर्दी शुरू हो चुकी है और अभी तक एक भी स्कूल में जूते या स्वेटर नहीं पहुुंचे हैं। विभागीय सूत्रों ने बताया कि बच्चों की संख्या और उनके पैरों के साइज मांगे गए थे, जो काफी समय पहले शासन को भेजे जा चुके हैं। शासन ने जूते भेजे हुए हैं, जो विभाग ने रिसीव भी कर लिए हैं, मगर पर्याप्त मात्रा में जूते नहीं पहुंचने की वजह से उनका वितरण नहीं कराया जा रहा है। इसी प्रकार स्वेटर का माप भी मांगा गया था। अब स्वेटर आने का इंतजार है। उधर, अभी तक स्वेटर और जूते न मिलने की वजह से बच्चे परेशान हैं। नवंबर का महीना शुरू हो जाने के बावजूद ज्यादातर बच्चे बिना जूतों और स्वेटर के ही स्कूल पहुंच रहे हैं।
ज्यादातर बच्चों के जूते प्राप्त हो चुके हैं। कुछ जूते आने हैं, जिसके बाद सभी बच्चों को जूतों का वितरण किया जाएगा। स्वेटर की खरीद की जा रही है। कोशिश है कि नवंबर महीने में ही सभी बच्चों को जूते और स्वेटर दोनों उपलब्ध करा दिए जाएं।
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रमेंद्र कुमार सिंह, बीएसए।
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सहारनपुर। सरकार ने परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों को जूते और स्वेटर देने का वादा किया था, मगर अभी तक एक भी बच्चे ये मुहैया नहीं हो सके हैं। नवंबर चल रहा है, जिसमें सर्दी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में बच्चों ने जूते और स्वेटर मिलने का इंतजार भी शुरू कर दिया है। आलम यह है कि बेहद गरीब घरों के यह मासूम ठिठुरते हुए स्कूल पहुंच रहे हैं।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत सरकारी स्कूलों में आठवीं तक के बच्चों से किसी तरह का शुल्क नहीं लिया जा सकता। सरकार इन बच्चों को किताब और बैग से लेकर यूनिफॉर्म तक मुहैया कराती आ रही है। इस बार सरकार ने बच्चों को जूते और स्वेटर भी देने का ऐलान किया था। मगर सर्दी शुरू हो चुकी है और अभी तक एक भी स्कूल में जूते या स्वेटर नहीं पहुुंचे हैं। विभागीय सूत्रों ने बताया कि बच्चों की संख्या और उनके पैरों के साइज मांगे गए थे, जो काफी समय पहले शासन को भेजे जा चुके हैं। शासन ने जूते भेजे हुए हैं, जो विभाग ने रिसीव भी कर लिए हैं, मगर पर्याप्त मात्रा में जूते नहीं पहुंचने की वजह से उनका वितरण नहीं कराया जा रहा है। इसी प्रकार स्वेटर का माप भी मांगा गया था। अब स्वेटर आने का इंतजार है। उधर, अभी तक स्वेटर और जूते न मिलने की वजह से बच्चे परेशान हैं। नवंबर का महीना शुरू हो जाने के बावजूद ज्यादातर बच्चे बिना जूतों और स्वेटर के ही स्कूल पहुंच रहे हैं।
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ज्यादातर बच्चों के जूते प्राप्त हो चुके हैं। कुछ जूते आने हैं, जिसके बाद सभी बच्चों को जूतों का वितरण किया जाएगा। स्वेटर की खरीद की जा रही है। कोशिश है कि नवंबर महीने में ही सभी बच्चों को जूते और स्वेटर दोनों उपलब्ध करा दिए जाएं।
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रमेंद्र कुमार सिंह, बीएसए।