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पुलिस को वृद्धों से भी शांतिभंग का खतरा
Updated Sun, 04 Nov 2018 12:22 AM IST
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वाह री पुलिस : वृद्धों से भी शांतिभंग का खतरा
बड़गांव (सहारनपुर)। बड़गांव पुलिस को 62 वर्ष की उम्र पार कर चुके वृद्धों से शांतिभंग का खतरा है। इस मामले में पुलिस ने पुणे में ड्यूटी पर तैनात एक फौजी को भी इस कार्रवाई में लपेट लिया है।
गत बुधवार की सुबह बड़गांव के दो पक्षों में हुए विवाद के चलते पुलिस ने गांव के करीब 140 लोगों के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई की थी, जिसमें इनकों मुचलका पाबंद किया गया था। इसमें पुलिस की लिस्ट में सातवें नंबर पर कस्बा निवासी दुष्यंत फौजी पुत्र सोमपाल सिंह का नाम अंकित है। परिजनों के अनुसार दुष्यंत इस समय पुणे में अपनी ड्यूटी पर तैनात है, उसका इस विवाद से कोई लेना देना तक भी नहीं है। पुलिस की इस कार्यवाही का शिकार कई ग्रामीण तो 62 वर्ष की उम्र से ऊपर के हैं। बड़गांव पुलिस की इस एक तरफा कार्रवाई के चलते ग्रामीणों में भारी रोष बना हुआ है। उधर, थाना प्रभारी संजीव कुमार का कहना है कि इस संबंध में खुद फौजी का फोन उनके पास भी आया था और उसके परिजन भी उनसे आकर मिले थे। जांच में शिकायत सही पाये जाने के बाद नाम को हटा दिया गया है।
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बड़गांव (सहारनपुर)। बड़गांव पुलिस को 62 वर्ष की उम्र पार कर चुके वृद्धों से शांतिभंग का खतरा है। इस मामले में पुलिस ने पुणे में ड्यूटी पर तैनात एक फौजी को भी इस कार्रवाई में लपेट लिया है।
गत बुधवार की सुबह बड़गांव के दो पक्षों में हुए विवाद के चलते पुलिस ने गांव के करीब 140 लोगों के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई की थी, जिसमें इनकों मुचलका पाबंद किया गया था। इसमें पुलिस की लिस्ट में सातवें नंबर पर कस्बा निवासी दुष्यंत फौजी पुत्र सोमपाल सिंह का नाम अंकित है। परिजनों के अनुसार दुष्यंत इस समय पुणे में अपनी ड्यूटी पर तैनात है, उसका इस विवाद से कोई लेना देना तक भी नहीं है। पुलिस की इस कार्यवाही का शिकार कई ग्रामीण तो 62 वर्ष की उम्र से ऊपर के हैं। बड़गांव पुलिस की इस एक तरफा कार्रवाई के चलते ग्रामीणों में भारी रोष बना हुआ है। उधर, थाना प्रभारी संजीव कुमार का कहना है कि इस संबंध में खुद फौजी का फोन उनके पास भी आया था और उसके परिजन भी उनसे आकर मिले थे। जांच में शिकायत सही पाये जाने के बाद नाम को हटा दिया गया है।
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