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पांवधोई की अनदेखी करेंगे तो गंगा भी नहीं होगी साफ
Updated Fri, 04 May 2018 11:56 PM IST
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सहारनपुर। सहारनपुर की गंगा यानी पांवधोई को साफ किए बिना हम असल गंगा नदी के साफ होने की कल्पना नहीं कर सकते हैं। यह हम नहीं, बल्कि पर्यावरणविदों का तर्क है। गौरतलब है कि पांवधोई नदी ढमोला, ढमोला नदी हिंडन, हिंडन नदी यमुना, और यमुना नदी गंगा में जाकर गिरती है। ऐसे में गंगा की सफाई के लिए सरकार द्वारा चलाया जा रहा अभियान तब तक सफल नहीं हो सकता, जब तक उसमें मिलने वाली नदियों को साफ नहीं किया जाएगा। निर्मल हिंडन अभियान से जुड़े सदस्य और पर्यावरणविद् डॉ. पीके शर्मा ने पांवधोई नदी को बचाने के लिए अमर उजाला की ओर से चलाई जा रही मुहिम की सराहना की। उन्होंने पांवधोई को स्वच्छ और अविरल बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर से बड़े कदम उठाने के साथ ही आम आदमी के जागरूक होने की जरूरत बताई। उनका कहना है कि पांवधोई में कोई भी बाहरी कचरा कतई न डाला जाए। साथ ही इसमें डाले जा रहे नाले और सीवरों के पानी को साफ करने के लिए एचटीपी बनाए जाने की भी जरूरत बताई। बताया कि पांवधोई, ढमोला या हिंडन को साफ किए बिना गंगा के साफ होने की कल्पना तक करना बेमानी होगा। यह भी बताया कि पांवधोई की सफाई गंगा मिशन के तहत की जानी चाहिए। हिंडन और पांवधोई को बचाने के लिए चल रहे अभियानों से जुड़े दूसरे पर्यावरणविद् डॉ. एसके उपाध्याय ने भी अमर उजाला के अभियान को सराहा। उन्होंने पांवधोई या अन्य नदियों के गंदा होने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को जिम्मेदार माना। कहा कि हमें नदियों के प्रति करुणा और प्रेम अपने दिलों में जगाना होगा। नदियों में डाले जा रहे नाले और सीवरों के पानी का शुद्धिकरण किया जाना जरूरी है।
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