{"_id":"5c0ac3a1bdec2241b95b35dc","slug":"161544209313-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीएम की सख्ती के बाद भी नहीं रुका अवैध खनन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डीएम की सख्ती के बाद भी नहीं रुका अवैध खनन
Updated Sat, 08 Dec 2018 12:31 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरसावा। यमुना नदी से अवैध रेत खनन रुक नहीं पा रहा है। जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडेय ने 10 दिन पूर्व छापा मारा था, तो मौके से रेत से लदी 15 ट्रालियां और ट्रैक्टर बरामद हुए थे। खनन माफिया फिर सक्रिय हो गए अवैध रेत खनन शुरू कर दिया है।
शाहजहांपुर चौकी क्षेत्र के गांव ढिक्का कलां और ढीक्का टपरी, झरौली, हुसैनपुर, कुतुबपुर, घाघोंड़ छावड़ी, वाजिदपुर यमुना नदी किनारे पर हैं, जहां से खनन सामग्री के वाहन गुजरते हैं। ट्रैक्टर ट्राली और डंपर से रेत की ढुलाई हो रही है। गांव कुतुबपुर, झरौली निवासी अनुज, जोगेंद्र, सतीश, देवेंद्र, कमल, श्याम सिंह, सुभाष और कर्मवीर आदि का कहना है कि खनिज सामग्री से लदे वाहनों के कारण उनके गांव की सड़के टूट जाती हैं। व्यस्त रास्तों से आने वाले वाहनों के कारण दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि जिलाधिकारी ने दस दिन पूर्व छापा मारा था, तो लगा था कि अब अवैध खनन पर अंकुश लगेगा, लेकिन खनन माफिया फिर सक्रिय हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ट्रालियों को गांव से गुजरने का विरोध करते हैं, तो खनन माफिया झगड़े पर उतारू हो जाते हैं। पुलिस भी कार्रवाई नहीं कर रही है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि अवैध खनन पर रोक लगवाई जाए। उधर, सरसावा थानाध्यक्ष आदेश त्यागी का कहना है कि नदी से खनन रोकना खान अधिकारी का कार्य क्षेत्र में आता है। कार्रवाई के लिए यदि पुलिस की मांग की जाती है, तो पूरा सहयोग किया जाएगा।
विज्ञापन
शाहजहांपुर चौकी क्षेत्र के गांव ढिक्का कलां और ढीक्का टपरी, झरौली, हुसैनपुर, कुतुबपुर, घाघोंड़ छावड़ी, वाजिदपुर यमुना नदी किनारे पर हैं, जहां से खनन सामग्री के वाहन गुजरते हैं। ट्रैक्टर ट्राली और डंपर से रेत की ढुलाई हो रही है। गांव कुतुबपुर, झरौली निवासी अनुज, जोगेंद्र, सतीश, देवेंद्र, कमल, श्याम सिंह, सुभाष और कर्मवीर आदि का कहना है कि खनिज सामग्री से लदे वाहनों के कारण उनके गांव की सड़के टूट जाती हैं। व्यस्त रास्तों से आने वाले वाहनों के कारण दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि जिलाधिकारी ने दस दिन पूर्व छापा मारा था, तो लगा था कि अब अवैध खनन पर अंकुश लगेगा, लेकिन खनन माफिया फिर सक्रिय हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ट्रालियों को गांव से गुजरने का विरोध करते हैं, तो खनन माफिया झगड़े पर उतारू हो जाते हैं। पुलिस भी कार्रवाई नहीं कर रही है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि अवैध खनन पर रोक लगवाई जाए। उधर, सरसावा थानाध्यक्ष आदेश त्यागी का कहना है कि नदी से खनन रोकना खान अधिकारी का कार्य क्षेत्र में आता है। कार्रवाई के लिए यदि पुलिस की मांग की जाती है, तो पूरा सहयोग किया जाएगा।
विज्ञापन