फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   शब-ए-कद्र की रात साल में एक बार आती है, जागकर करें इबादत

शब-ए-कद्र की रात साल में एक बार आती है, जागकर करें इबादत

Mon, 04 Jun 2018 11:48 PM IST
Updated Mon, 04 Jun 2018 11:48 PM IST
विज्ञापन
शब-ए-कद्र की रात साल में एक बार आती है, जागकर करें इबादत
शब-ए-कद्र की रात जागकर करें इबादत
विज्ञापन

देवबंद। दारुल उलूम वक्फ के वरिष्ठ उस्ताद मौलाना नसीम अख्तर शाह कैसर ने कहा कि शब-ए-कद्र बड़ी मुबारक रात है। कुरआन पाक में पूरी एक सूरत इस रात की फजीलत में नाजिल हुई है और उसमें शब-ए-कद्र की रात को एक हजार रातों से अफजल करार दिया गया है।

पवित्र रमजान माह की अहमियत पर रोशनी डालते हुए मौलाना नसीम अख्तर शाह कैसर ने कहा कि शब-ए-कद्र को लैयलतुल कद्र इसीलिए कहा जाता है कि इसे दूसरी रातों के मुकाबले में शफ और अजमत हासिल है। इस रात में तमाम उम्मत के लिए जो कुछ तकदीर में लिखा हुआ है उसे अल्लाह की तरफ से दिया जाता है। उन्होंने कहा कि कुरआन पाक में शब-ए-कद्र की चार फजीलतें बयान की गई हैं। नंबर एक इस रात में कुरआन पाक नाजिल हुआ, नंबर दो ये रात हजार महीनों से अफजल है, नंबर तीन इस रात में फरिश्ते उतरते हैं और नंबर चार इस रात में सुबह सादिक तक खैर व बरकत और अमन व सलामती की बारिश होती है। मौलाना नसीम अख्तर शाह ने कहा कि शब-ए-कद्र रमजान के आखिरी अशरे (अंतिम दस दिन) में होती है। उन दस रातकों में से खास ताक रातें यानी 21, 23, 25, 27 व 29 की होती हैं। लेकि हर रमजान में यह बदलती भी रहती है। उन्होंने कहा कि ये रात साल में सिर्फ एक बार आती है इस रात की बरकतों से महरुम रह जाना बड़ी बदनसीबी है। इसलिए सभी लोगों को चाहिए कि व शब-ए-कद्र में सिर्फ जागकर अपना वक्त खराब न करें बल्कि ज्यादा से ज्यादा अल्लाह की इबादत करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed