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सहकारी समितियों के निर्वाचन क्षेत्रों में अनियमिताएं बरतने का आरोप
Updated Mon, 15 Jan 2018 11:58 PM IST
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सहारनपुर। भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष और सहकारिता क्षेत्र के वरिष्ठ नेता चौधरी विनय कुमार ने जिलाधिकारी पीके पांडे को ज्ञापन सौंपकर समितियों के निर्वाचन क्षेत्रों के आरक्षण में अनियमितता बरतने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि विशेष व्यक्तियों को लाभ पहुंचाने के लिए सहकारी निर्वाचन मार्गदर्शिका 2017 का भी उल्लंघन किया गया है।
सोमवार को जिलाधिकारी को सौंपे ज्ञापन में भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि जनपद की प्रारंभिक कृषि ऋण समितियों, सहकारी संघ, सहकारी क्रय विक्रय समितियों के निर्वाचन क्षेत्रों के आरक्षण में अनियमितताएं बरती गई हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि विकास खंड नागल की किसान सेवा सहकारी समिति बचीटी में सदस्य संख्या 525 और सलेमपुर में 420 है। इस पर सलेमपुर में प्रतिनिधियों की संख्या 4 और बचीटी में यह संख्या दो रखी गई है। जो सहकारी अधिनियम 1965 के विरुद्घ है। इसी प्रकार किसान सहकारी समिति बसेड़ा में ग्राम पनियाली कासिमपुर एक ग्राम सभा है, इसका मजरा भिक्खनपुर है। इसमें केवल 40 सदस्य हैं, लेकिन दोनों को अलग अलग करके दो प्रतिनिधि कर दिए गए। ज्ञापन में उन्होंने कहा कि गांगनौली किसान सेवा सहकारी समिति में दो अलग अलग ग्राम सभाओं को चहलोली और पठोड़ी बक्काल को एक जगह रखकर एक ही प्रतिनिधि दिया गया है, जबकि दूसरी एक ग्राम सभा के गांव नगली महनाज और कुकावी को अलग अलग कर दो प्रतिनिधि कर दिए गए हैं। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। इस मौके पर मेवाराम, ब्रह्मपाल सिंह त्यागी आदि रहे।
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सोमवार को जिलाधिकारी को सौंपे ज्ञापन में भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि जनपद की प्रारंभिक कृषि ऋण समितियों, सहकारी संघ, सहकारी क्रय विक्रय समितियों के निर्वाचन क्षेत्रों के आरक्षण में अनियमितताएं बरती गई हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि विकास खंड नागल की किसान सेवा सहकारी समिति बचीटी में सदस्य संख्या 525 और सलेमपुर में 420 है। इस पर सलेमपुर में प्रतिनिधियों की संख्या 4 और बचीटी में यह संख्या दो रखी गई है। जो सहकारी अधिनियम 1965 के विरुद्घ है। इसी प्रकार किसान सहकारी समिति बसेड़ा में ग्राम पनियाली कासिमपुर एक ग्राम सभा है, इसका मजरा भिक्खनपुर है। इसमें केवल 40 सदस्य हैं, लेकिन दोनों को अलग अलग करके दो प्रतिनिधि कर दिए गए। ज्ञापन में उन्होंने कहा कि गांगनौली किसान सेवा सहकारी समिति में दो अलग अलग ग्राम सभाओं को चहलोली और पठोड़ी बक्काल को एक जगह रखकर एक ही प्रतिनिधि दिया गया है, जबकि दूसरी एक ग्राम सभा के गांव नगली महनाज और कुकावी को अलग अलग कर दो प्रतिनिधि कर दिए गए हैं। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। इस मौके पर मेवाराम, ब्रह्मपाल सिंह त्यागी आदि रहे।
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