फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   निरस्त हुए छात्रवृति के 40 प्रतिशत फार्म

निरस्त हुए छात्रवृति के 40 प्रतिशत फार्म

Sun, 17 Jun 2018 12:32 AM IST
Updated Sun, 17 Jun 2018 12:32 AM IST
विज्ञापन
निरस्त हुए छात्रवृति के 40 प्रतिशत फार्म
निरस्त हुए छात्रवृत्ति के 40 प्रतिशत फार्म
विज्ञापन


सहारनपुर। जनपद में शिक्षण संस्थानों की लापरवाही से छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति के 40 प्रतिशत फार्म निरस्त हो गए है। आनलाइन आवेदन प्रक्रिया में शिक्षण संस्थानों ने गंभीरता नहीं दिखाई, जिस कारण छात्रों को परेशान होना पड़ रहा है। वंचित हुए छात्र अब जिला समाज कल्याण विभाग और जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग का दरवाजा खटखटा रहे हैं।
जिला समाज कल्याण और जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के मुताबिक पिछले दिनों मुन्ना लाल डिग्री कॉलेज की 17 छात्राओं ने छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति का पैसा खाते में आने ना आने पर शिकायत दर्ज कराई। जांच करने पर पता चला कि छात्राओं के आनलाइन भरे गए फार्म को कॉलेज द्वारा फारवर्ड नहीं किया गया। इसकी शिकायत छात्राओं ने मंडलायुक्त से की। यह तो उदाहरण मात्र हैं। इसी तरह जिले की शिक्षण संस्थाओं में पढ़ने वाले करीब 40 प्रतिशत छात्रों के फार्म शासन स्तर से निरस्त कर दिए हैं। फार्म भरने में शिक्षण संस्थाओं की ओर से तमाम खामियां की गई। यह हाल तब है, जब विभाग की ओर से फार्म भरने के लिए समय-समय पर शिक्षण संस्थानों के प्रबंधन तंत्र को प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण में भी जिले के 50 प्रतिशत शिक्षण संस्थानों के लोग ही भाग लेते हैं। इस वजह से छात्रों को फार्म भरने की सही जानकारी नहीं मिल पाती है। शिक्षण संस्थान द्वारा भी फार्म की त्रुटियों को दूर नहीं किया जाता।
विज्ञापन

मुन्नालाल गर्ल्स कालेज की प्राचार्य डा. मधु जैन ने बताया कालेज स्टाफ की गलती से 17 छात्राओं के छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति के फार्म रिजेक्ट हुए हैं। स्टाफ की ओर से फार्म पोर्टल पर समय रहते फारवर्ड ही नहीं किए गए। वह पूरा प्रयास कर रही हैं कि किसी भी तरह छात्राओं को छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ मिल सके। मंडलायुक्त को लिखित रूप में अपना पक्ष रख चुकी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

उधर, इस मामले में जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी शरद प्रकाश श्रीवास्तव और जिला समाज कल्याण अधिकारी कृष्णा प्रसाद ने बताया कि 40 प्रतिशत छात्रों के फार्म निरस्त हुए हैं। जांच करने पर पता चला कि किसी छात्र के फार्म में उसके अंक सही नहीं भरे गए तो किसी फार्म में कॉलम ही खाली छोड़ दिए गए। यह लापरवाही शिक्षण संस्थाओं द्वारा की गई। प्रशिक्षण में भी शिक्षण संस्थान गंभीरता नहीं दिखाते हैं। अब परेशान छात्र विभागों के चक्कर काट रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed