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माध्यमिक शिक्षकों का धरना, अनशन भी किया
Updated Mon, 04 Jun 2018 11:52 PM IST
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माध्यमिक शिक्षकों का धरना, अनशन भी किया
सहारनपुर। सेवानिवृत्त शिक्षकों के पेंशन के पुनरीक्षण में हो रही देरी को लेकर माध्यमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारी नाराज हैं। सोमवार को संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय पर धरना दिया गया। इतना ही नहीं, कई शिक्षक अनशन पर भी रहे। अधिकारियों पर शिक्षक हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया गया। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों और जुड़े शिक्षकों ने सोमवार को संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय पर धरना दिया और नारेबाजी की। वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुशील पुंडीर, मंडलीय मंत्री हरीपाल सिंह, जिलाध्यक्ष नेत्रपाल सिंह चौहान, जिला मंत्री अनिल शर्मा अनशन पर रहे। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षकों को सम्मानजनक वेतन और सेवा सुरक्षा बड़े संघर्षों के बाद मिली है। इसके लिए अनेक साथियों ने जेल यात्रा तक की। मगर कुछ अधिकारियों की गलत कार्यप्रणाली की वजह से शिक्षकों के सामने अनेक समस्याएं खड़ी हैं। सेवानिवृत्त शिक्षकों के पेंशन पुनरीक्षण के प्रकरणों को लटकाया जा रहा है, जो निंदनीय है। मौके पर पहुंचे संयुक्त शिक्षा निदेशक से निस्तारण का आश्वासन दिया, जिसके बाद शिक्षकों ने अनशन तोड़ा। धरने में डॉ. सादाराम, ब्रिजेश पुंडीर, रामवीर सिंह, बलवीर सिंह, पंकज मिश्रा, राजकुमार, रवि गुप्ता, राजेश्वर बंधु, अभ्भन सिंह, रइस फातमा, ऋषिपाल सिंह आदि रहे।
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सहारनपुर। सेवानिवृत्त शिक्षकों के पेंशन के पुनरीक्षण में हो रही देरी को लेकर माध्यमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारी नाराज हैं। सोमवार को संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय पर धरना दिया गया। इतना ही नहीं, कई शिक्षक अनशन पर भी रहे। अधिकारियों पर शिक्षक हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया गया। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों और जुड़े शिक्षकों ने सोमवार को संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय पर धरना दिया और नारेबाजी की। वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुशील पुंडीर, मंडलीय मंत्री हरीपाल सिंह, जिलाध्यक्ष नेत्रपाल सिंह चौहान, जिला मंत्री अनिल शर्मा अनशन पर रहे। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षकों को सम्मानजनक वेतन और सेवा सुरक्षा बड़े संघर्षों के बाद मिली है। इसके लिए अनेक साथियों ने जेल यात्रा तक की। मगर कुछ अधिकारियों की गलत कार्यप्रणाली की वजह से शिक्षकों के सामने अनेक समस्याएं खड़ी हैं। सेवानिवृत्त शिक्षकों के पेंशन पुनरीक्षण के प्रकरणों को लटकाया जा रहा है, जो निंदनीय है। मौके पर पहुंचे संयुक्त शिक्षा निदेशक से निस्तारण का आश्वासन दिया, जिसके बाद शिक्षकों ने अनशन तोड़ा। धरने में डॉ. सादाराम, ब्रिजेश पुंडीर, रामवीर सिंह, बलवीर सिंह, पंकज मिश्रा, राजकुमार, रवि गुप्ता, राजेश्वर बंधु, अभ्भन सिंह, रइस फातमा, ऋषिपाल सिंह आदि रहे।