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लापरवाही से कुछ केंद्रों पर हुआ नाममात्र तौल
Updated Mon, 04 Jun 2018 11:48 PM IST
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लापरवाही से गेहूं खरीदने में पिछड़े कई क्रय केंद्र
साढ़ौली कदीम। सहकारी समितियों पर बने गेहूं क्रय केन्द्रों में पिछले वर्ष अव्वल खरीद करने वाले केन्द्र हरिपुर ने इस वर्ष भी छह हजार 53 कुंतल गेहूं क्रय कर विकास खंड में पहला स्थान पाया है, लेकिन विभागीय कर्मियों की लापरवाही के चलते कुछ केंद्रों पर लक्ष्य पूरा करना तो दूर उसके पास तक भी नहीं पहुंच पाए हैं।
विकास खंड साढ़ौली कदीम के अंतर्गत गेहूं की सरकारी खरीद के लिए इस वर्ष चार क्रय केन्द्र बनाए गए थे। क्रय केन्द्र निर्धारण में मानकों की अनदेखी के चलते विकास खंड गेहूं खरीद में काफी पिछड़ा रहा। क्रय केन्द्रों पर तौल के लिए पर्याप्त जगह, भंडारण स्थान एवं कर्मचारियों की कमी लगातार बनी रही। कादरपुर एवं हरिपुर आस पास दो किलोमीटर के दायरे में दो केन्द्र संचालित कर दिए गए। जबकि विकास खंड मुख्यालय से बादशाही बाग एवं हथनीकुंड बैराज तक कई किलोमीटर के दायरे में एक भी क्रय केन्द्र संचालित नहीं है। ऐसे में क्षेत्र के अधिकतर किसानों ने सुविधा के अनुसार हरियाणा की मंडियों में गेहूं बेचना बेहतर समझा जिससे विकास खंड में बेहतर गेहूं खरीद नहीं हो पाया। साधन सहकारी समिति हरिपुर में संचालित क्रय केन्द्र पर गत वर्ष 4544 कुंतल व इस वर्ष 6053 कुंतल गेहूं खरीद कर लगातार दो वर्षों से विकास खंड में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। समिति के सचिव रविंद्र कांबोज के अनुसार इस बार उन्हें चार हजार कुंतल गेहूं खरीद का लक्ष्य दिया गया था। लक्ष्य से अधिक मात्रा में उन्होंने किसानों के गेहूं की खरीद की है। कांसेपुर समिति के सचिव अशोक कुमार के अनुसार गत वर्ष 1309 कुंतल व इस वर्ष 2856 कुंतल गेहूं की खरीद की गयी। समिति में जगह के अभाव के चलते उन्हें क्रय केन्द्र मंदिर परिसर में संचालित करना पड़ा। साढ़ौली कदीम समिति के सचिव रोहताश सिंह के अनुसार गत वर्ष 485 कुंतल व इस वर्ष 1905 कुंतल गेहूं की खरीद की गयी, जबकि लक्ष्य छह हजार कुंतल का था। कादरपुर समिति के सचिव फोनी सिंह के अनुसार गत वर्ष 2648 कुंतल व इस वर्ष 4167 कुंतल गेहूं की खरीद की गई। किसान ब्रिजेश काम्बोज, प्रेमपाल, बिजेन्द्र सिंह, नितिन कुमार, सुखबीर सिंह, रणजीत सिंह, सुखपाल, अफजाल, ताहिर हसन, खालिद का कहना है कि सरकार को चाहिए कि प्रत्येक समिति पर धान एवं गेहूं क्रय केन्द्र संचालित करें तथा तौल कार्य नियमित एवं सुचारु रूप से करें। अधिकतर क्रय केन्द्रों पर एक दिन तौल कर कई कई दिन तौल बंद रहने के चलते किसान परेशान हो जाता है। जिससे वह मजबूर होकर अन्यत्र स्थान पर अपनी फसल को बेचने को बाध्य होता है।
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साढ़ौली कदीम। सहकारी समितियों पर बने गेहूं क्रय केन्द्रों में पिछले वर्ष अव्वल खरीद करने वाले केन्द्र हरिपुर ने इस वर्ष भी छह हजार 53 कुंतल गेहूं क्रय कर विकास खंड में पहला स्थान पाया है, लेकिन विभागीय कर्मियों की लापरवाही के चलते कुछ केंद्रों पर लक्ष्य पूरा करना तो दूर उसके पास तक भी नहीं पहुंच पाए हैं।
विकास खंड साढ़ौली कदीम के अंतर्गत गेहूं की सरकारी खरीद के लिए इस वर्ष चार क्रय केन्द्र बनाए गए थे। क्रय केन्द्र निर्धारण में मानकों की अनदेखी के चलते विकास खंड गेहूं खरीद में काफी पिछड़ा रहा। क्रय केन्द्रों पर तौल के लिए पर्याप्त जगह, भंडारण स्थान एवं कर्मचारियों की कमी लगातार बनी रही। कादरपुर एवं हरिपुर आस पास दो किलोमीटर के दायरे में दो केन्द्र संचालित कर दिए गए। जबकि विकास खंड मुख्यालय से बादशाही बाग एवं हथनीकुंड बैराज तक कई किलोमीटर के दायरे में एक भी क्रय केन्द्र संचालित नहीं है। ऐसे में क्षेत्र के अधिकतर किसानों ने सुविधा के अनुसार हरियाणा की मंडियों में गेहूं बेचना बेहतर समझा जिससे विकास खंड में बेहतर गेहूं खरीद नहीं हो पाया। साधन सहकारी समिति हरिपुर में संचालित क्रय केन्द्र पर गत वर्ष 4544 कुंतल व इस वर्ष 6053 कुंतल गेहूं खरीद कर लगातार दो वर्षों से विकास खंड में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। समिति के सचिव रविंद्र कांबोज के अनुसार इस बार उन्हें चार हजार कुंतल गेहूं खरीद का लक्ष्य दिया गया था। लक्ष्य से अधिक मात्रा में उन्होंने किसानों के गेहूं की खरीद की है। कांसेपुर समिति के सचिव अशोक कुमार के अनुसार गत वर्ष 1309 कुंतल व इस वर्ष 2856 कुंतल गेहूं की खरीद की गयी। समिति में जगह के अभाव के चलते उन्हें क्रय केन्द्र मंदिर परिसर में संचालित करना पड़ा। साढ़ौली कदीम समिति के सचिव रोहताश सिंह के अनुसार गत वर्ष 485 कुंतल व इस वर्ष 1905 कुंतल गेहूं की खरीद की गयी, जबकि लक्ष्य छह हजार कुंतल का था। कादरपुर समिति के सचिव फोनी सिंह के अनुसार गत वर्ष 2648 कुंतल व इस वर्ष 4167 कुंतल गेहूं की खरीद की गई। किसान ब्रिजेश काम्बोज, प्रेमपाल, बिजेन्द्र सिंह, नितिन कुमार, सुखबीर सिंह, रणजीत सिंह, सुखपाल, अफजाल, ताहिर हसन, खालिद का कहना है कि सरकार को चाहिए कि प्रत्येक समिति पर धान एवं गेहूं क्रय केन्द्र संचालित करें तथा तौल कार्य नियमित एवं सुचारु रूप से करें। अधिकतर क्रय केन्द्रों पर एक दिन तौल कर कई कई दिन तौल बंद रहने के चलते किसान परेशान हो जाता है। जिससे वह मजबूर होकर अन्यत्र स्थान पर अपनी फसल को बेचने को बाध्य होता है।
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