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जमीयत ने जुर्माना अदा कर तिहाड़ जेल से आजाद कराए आठ कैदी, छह हिंदू शमिल
Updated Fri, 02 Feb 2018 11:40 PM IST
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देवबंद (सहारनपुर)। मुसलमानों की सबसे बड़ी जमात जमीयत उलमा-ए-हिंद के प्रयासों से जुर्माना अदा न करने की वजह से तिहाड़ जेल में सजा काट रहे आठ कैदियों को जुर्माना अदा कर रिहा कराया है। इसमें छह हिंदू कैदी भी शामिल हैं।
जमीयत उलमा-ए-हिंद के सचिव मौलाना हकीमुद्दीन कासमी ने बताया कि अलग अलग मामलों में पिछले लंबे समय से तिहाड़ जेल में सजा काट रहे कैदियों को छुड़ाने के लिए जमीयत उलमा-हिंद लगातार प्रयास कर रही है। कुछ कैदी ऐसे भी हैं जो महज जुर्माना अदा न करने की वजह से रिहा नहीं हो सके हैं। शुक्रवार को राष्ट्रीय महासचिव मौलाना महमूद मदनी के निर्देशानुसार आठ कैदियों का जुर्माना अदा कर उन्हें रिहा कराया गया। उन्होंने बताया कि रिहा होने वालों में चमन पुत्र ओमप्रकाश, धीरज पुत्र पन्नालाल, भीम सैन पुत्र मोतीराम, अमित पुत्र राजेंद्र, संजीव पुत्र तलाशा, उदय पुत्र एमरात्रा समेत आठ कैदी शामिल हैं। मौलाना हकीमुद्दीन कासमी ने बताया कि रिहा कराए गए कैदियों में एक 75 वर्ष का बुजुर्ग भी है जो पिछले करीब 18 वर्षों से जेल में बंद था। साथ ही कहा कि ये एक शुरुआत है। जमीयत उलमा आगे भी मौलाना महमूद मदनी के नेतृत्व में कैदियों को रिहा कराने की दिशा में काम करती रहेगी।
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जमीयत उलमा-ए-हिंद के सचिव मौलाना हकीमुद्दीन कासमी ने बताया कि अलग अलग मामलों में पिछले लंबे समय से तिहाड़ जेल में सजा काट रहे कैदियों को छुड़ाने के लिए जमीयत उलमा-हिंद लगातार प्रयास कर रही है। कुछ कैदी ऐसे भी हैं जो महज जुर्माना अदा न करने की वजह से रिहा नहीं हो सके हैं। शुक्रवार को राष्ट्रीय महासचिव मौलाना महमूद मदनी के निर्देशानुसार आठ कैदियों का जुर्माना अदा कर उन्हें रिहा कराया गया। उन्होंने बताया कि रिहा होने वालों में चमन पुत्र ओमप्रकाश, धीरज पुत्र पन्नालाल, भीम सैन पुत्र मोतीराम, अमित पुत्र राजेंद्र, संजीव पुत्र तलाशा, उदय पुत्र एमरात्रा समेत आठ कैदी शामिल हैं। मौलाना हकीमुद्दीन कासमी ने बताया कि रिहा कराए गए कैदियों में एक 75 वर्ष का बुजुर्ग भी है जो पिछले करीब 18 वर्षों से जेल में बंद था। साथ ही कहा कि ये एक शुरुआत है। जमीयत उलमा आगे भी मौलाना महमूद मदनी के नेतृत्व में कैदियों को रिहा कराने की दिशा में काम करती रहेगी।
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