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Saharanpur News: जिपं के खजाने में भरे पड़े 135 करोड़, खर्च में कंजूसी

Fri, 06 Jun 2025 01:16 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर Updated Fri, 06 Jun 2025 01:16 AM IST
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135 crores are lying in the treasury of Zila Parishad, there is stinginess in spending
सहारनपुर। जिला पंचायत में पिछले कई साल से विकास कार्यों पर पूरा बजट खर्च नहीं हो रहा। स्थिति यह है कि हर साल बचा हुआ बजट अगले वित्तीय वर्ष में जुड़ रहा है और फिलहाल जिला पंचायत के पास 135 करोड़ रुपये जमा हो गए। पूरे प्रदेश में बजट खर्च नहीं करने पर रायबरेली पहले और सहारनपुर दूसरे नंबर पर है। रायबरेली के पास मौजूदा समय में 153 करोड़ रुपये जमा हैं।
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दरअसल, जिला पंचायत का वार्षिक बजट करीब 35 करोड़ है। इस धनराशि से 49 वार्डों में विकास कार्य होते हैं। पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो जिला पंचायत में पूरा बजट खर्च ही नहीं हो रहा। अब जिला पंचायत के पास 135 करोड़ रुपये जमा हो गया। ऐसे में यह बजट इकट्ठा होता जा रहा है।
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बुधवार को जिला पंचायत सदस्यों ने कार्यालय पर तालाबंदी कर धरना भी दिया था। इसमें आरोप था कि विकास कार्यों के टेंडर पड़े हुए हैं, लेकिन काम शुरू नहीं कराया जा रहा। आरोप लगाया था कि एक अधिकारी की वजह से कुछ वार्ड तो ऐसे भी हैं, जिसमें कई साल से एक भी विकास कार्य नहीं हुआ।
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ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि 135 करोड़ रुपये जमा होने के बाद भी आखिर विकास कार्य क्यों नहीं कराए जा रहे। त्रिस्तरीय चुनाव को लेकर भी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। अधिसूचना जारी होने के बाद न कोई नया काम होगा और न ही बजट खर्च हो पाएगा।

दो माह में केवल दो करोड़ ही खर्च
जिला पंचायत के खाते में भले ही 135 करोड़ रुपये पड़ा हो, लेकिन वित्तीय वर्ष के आंकड़ों पर नजर डालें तो अप्रैल और मई माह में केवल 2.104 करोड़ रुपये ही खर्च हुए। इसमें अधिकारियों और कर्मियों के वेतन के अलावा कुछ छोटे टेंडर हैं। ऐसी स्थिति में साल के आखिर तक यह बजट खर्च होना संभव नहीं दिख रहा।

पिछले साल हुई थी 14 करोड़ की आय
जिला पंचायत में वार्षिक बजट के अलावा आय के भी स्रोत हैं। इसमें खनन परिवहन, लाइसेंस और अलग-अलग कर शामिल हैं। पिछले साल जिला पंचायत को इन स्रोतों से करीब 14 करोड़ की आय हुई।


वर्जन
विकास कार्यों को लेकर कोई कोताही नहीं बरती जा रही है। 135 करोड़ में जिला पंचायत की आय की धनराशि भी शामिल है। ज्यादातर विकास कार्यों के टेंडर हो चुके हैं और जल्दी ही काम शुरू करा दिया जाएगा। - मांगेराम चौधरी, अध्यक्ष जिला पंचायत
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