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उलमा ने की गांवों का दौरा कर शराब छोड़ने की अपील
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छुटमलपुर (सहारनपुर)। तंजीम अबनाए मदारिस वेलफेयर एजूकेशनल ट्रस्ट के सदस्यों ने बृहस्पतिवार को जहरीली शराब से मरे ग्रामीणों के परिजनों से मिल कर उन्हें सांत्वना दी। साथ ही प्रभावित गांवों में बैठकों का आयोजन कर ग्रामीणों से शराब को पूरी तरह छोड़ने की अपील की।
उमाही और पुंडेन गांवों में नुक्कड़ बैठकों के दौरान ट्रस्ट के चेयरमैन मौलाना मेहंदी हसन कासमी ने कहा कि शराब बड़ी सामाजिक बुराई है। इसके दुष्परिणाम ने जिले में सौ से भी ज्यादा परिवारों के सदस्यों को अकाल मौत का शिकार बना दिया। उन्होंने ग्रामीणों से आह्वान किया वे शराब से तौबा करें और दूसरे लोगों को भी इससे दूर रहने के लिए सीख दें। संस्था के अध्यक्ष मुफ्ती अताउर्रहमान जमील कासमी ने कहा कि शराब से मरने वालों लोगों में से ज्यादातर गरीब परिवारों से हैं। उनके आश्रितों के सामने रोजी रोटी का भी संकट खड़ा हो गया है। इस हादसे से लोगों को सबक लेना चाहिए। उन्होंने गांव दर गांव शराब बंदी के खिलाफ मुहीम चला कर ज्यादा से ज्यादा संख्या में लोगों को इससे जोड़ने की जरूरत पर बल दिया।
उलमा ने युवा पीढ़ी से आह्वान किया कि वह आगे आकर इस सामाजिक बुराई के खिलाफ अपना योगदान दे। इस दौरान कारी नसीरुद्दीन कासमी, चौ सुहैल बचीटी, मौलाना मरगुबुर्रहमान, कारी जुबैर आलम, प्रवक्ता जामिया शेख नानका कारी आजम रहमानी, कारी अब्दुल वहाब आदि मौजूद रहे।
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उमाही और पुंडेन गांवों में नुक्कड़ बैठकों के दौरान ट्रस्ट के चेयरमैन मौलाना मेहंदी हसन कासमी ने कहा कि शराब बड़ी सामाजिक बुराई है। इसके दुष्परिणाम ने जिले में सौ से भी ज्यादा परिवारों के सदस्यों को अकाल मौत का शिकार बना दिया। उन्होंने ग्रामीणों से आह्वान किया वे शराब से तौबा करें और दूसरे लोगों को भी इससे दूर रहने के लिए सीख दें। संस्था के अध्यक्ष मुफ्ती अताउर्रहमान जमील कासमी ने कहा कि शराब से मरने वालों लोगों में से ज्यादातर गरीब परिवारों से हैं। उनके आश्रितों के सामने रोजी रोटी का भी संकट खड़ा हो गया है। इस हादसे से लोगों को सबक लेना चाहिए। उन्होंने गांव दर गांव शराब बंदी के खिलाफ मुहीम चला कर ज्यादा से ज्यादा संख्या में लोगों को इससे जोड़ने की जरूरत पर बल दिया।
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उलमा ने युवा पीढ़ी से आह्वान किया कि वह आगे आकर इस सामाजिक बुराई के खिलाफ अपना योगदान दे। इस दौरान कारी नसीरुद्दीन कासमी, चौ सुहैल बचीटी, मौलाना मरगुबुर्रहमान, कारी जुबैर आलम, प्रवक्ता जामिया शेख नानका कारी आजम रहमानी, कारी अब्दुल वहाब आदि मौजूद रहे।
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