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शैक्षिक स्तर में सुधार को हर महीने होगा बच्चों का टेस्ट

Thu, 23 Nov 2017 12:38 AM IST
Updated Thu, 23 Nov 2017 12:38 AM IST
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शैक्षिक स्तर में सुधार को हर महीने होगा बच्चों का टेस्ट
सहारनपुर। परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शैक्षिण स्तर को सुधारने के लिए कवायद शुरू कर दी गई है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने तमाम खंड शिक्षा अधिकारियों को सर्कुलर जारी किया है, जिसमें बच्चों के शैक्षिक ज्ञान के स्तर की प्रगति जानने के लिए प्रत्येक महीने उनका टेस्ट लेने की बात कही गई है। इसमें अन्य बिंदू भी हैं, जिनपर शिक्षकों को काम करना होगा। बीएसए ने दिए गए दिशा निर्देशों पर तुरंत काम शुरू कर देने की बात कही है। आगामी दिनों में होने वाली समीक्षा बैठक में खंड शिक्षा अधिकारियों से इस संबंध में रिपोर्ट भी मांगी जाएगी।
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दिशा निर्देशों के अनुरूप शिक्षकों को प्रत्येक बच्चे का न्यूनतम शैक्षिक स्तर निर्धारण के लिए भाषा, परिवेश ज्ञान, सामान्य ज्ञान, अंक गणितीय क्षमता का मूल्यांकन करना होगा। इसके लिए प्रत्येक विद्यालय में एक मुद्रित पंजिका रखनी होगी, जिसमें निष्पक्ष रूप से प्रत्येक बच्चे का संप्राप्ति स्तर का अंकीय मान अंकित करना होगा। इसके आगामी माह के अंकीय मान से तुलना करनी होगी, जिससे पता चल सके कि बच्चे का शैक्षिक विकास हो रहा है या नहीं। इसके अलावा स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए प्रत्येक महीने न्याय पंचायत, विकास खंड स्तर पर बच्चों की निबंध प्रतियोगिताएं कराकर चयनित बच्चों को पुरस्कृत करना होगा। शिक्षकों को इसकी फोटोग्राफ अपनी वेबसाइट पर अपलोड करनी होगी। जनपदीय चयनित बालकों की मान्यता प्राप्त विद्यालयों से प्रतियोगिता कराने की भी बात कही गई है। इसके अलावा विकास खंड और जनपद स्तर पर आठवीं के बच्चों की गणितीय प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। चयनित बच्चों की प्रतिस्पर्धा अन्य स्कूलों के बच्चों से कराई जाएगी। चयनित बच्चों को पुरस्कृत किया जाएगा।
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शिक्षकों को ऑनलाइन करना होगा आवेदन
उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों में प्रतिस्पर्धा की भावना जागृत करने के उद्देश्य से बेसिक शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर ही सर्वश्रेष्ठ शिक्षक चयन के लिए ऑनलाइन आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। इसमें आवेदनकर्ता को अधिकतम 600 शब्दों में नामांकन प्रविष्टि करनी होगी। आवेदन अलग-अलग श्रेणी जैसे सामान्य अध्यापक, गणित अध्यापक, विज्ञान अध्यापक करेंगे। साथ ही उन्हें कृत कार्यों का संक्षिप्त विवरण देना हगा। वेबसाइट पर प्राप्त प्रविष्टियों का मूल्यांकन जनपद स्तर पर गठित विशेषज्ञ समिति द्वारा किया जाएगा।
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एप के जरिये दर्ज होगी उपस्थिति
जनपद के सभी परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों की उपस्थिति एप के जरिये होगी। यह एप कानपुर आईआईटी के द्वारा तैयार किया गया है। एप एवं पासवर्ड सभी एबीआरसी, एनपीआरसी एवं शिक्षकों को उपलब्ध कराते हुए सभी को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में मानकों के अनुसार विद्यालय संचालन और गुणवत्ता सुधार शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस संबंध में सीडीओ के द्वारा भी बैठक ली जा चुकी है। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को शैक्षिक स्तर में सुधार के लिए निर्देशित किया गया है। कोशिश यही है कि सरकारी विद्यालयों को लेकर लोगों के मन में बनी सोच को बदला जा सके।
रमेंद्र कुमार सिंह, बीएसए।
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