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हिंदू-मुस्लिमों के बीच दूरियों को मिटाने का काम करेगी जमीयत: मदनी
Updated Sun, 01 Jul 2018 11:40 PM IST
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हिंदू मुस्लिमों के बीच दूरियां कम करेगी जमीयत : मदनी
देवबंद (सहारनपुर)। जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना सैय्यद महमूद मदनी ने कहा कि देश की वर्तमान स्थिति से निपटने और हिंदू-मुस्लिमों के बीच बढ़ रही दूरियां मिटाने और इस्लामिक नैतिकता से गैर मुस्लिमों को अवगत कराने के लिए हिंदी, अंग्रेजी और क्षेत्रीय भाषाओं में लिटरेचर उपलब्ध कराने का काम किया जाएगा। साथ ही सामाजिक सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
रविवार को जारी बयान में मौलाना सैयद महमूद मदनी ने कहा कि अमन फैलाने की दिशा में काम जरूरी है। इसके लिए सामाजिक सेवाओं के क्षेत्र में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया जाएगा ताकि आपसी गलतफहमी को दूर किया जा सके। इसके साथ ही सांप्रदायिक हिंसा की घटनाएं रोकने के लिए केंद्र, राज्य सरकारों और जिला प्रशासन से संपर्क किया जाएगा।
मौलाना मदनी ने कहा कि अयोध्या विवाद मामले में अगर किसी समय कोई जरूरत पड़ती है तो जमीयत उलमा हर तरह से सहयोग करेगी तथा असम में नागरिकता अधिकार समस्या के गंभीर मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में पूरी ताकत के साथ इसका मुकदमा लड़ा जएगा। साथ ही मदनी ने केंद्र से फिलीस्तीनी जनता के वैध अधिकारों का हर मोर्चे पर समर्थन करने की मांग की। मदनी ने कहा कि इन सभी मुद्दों को लेकर बीते दिन दिल्ली में आयोजित हुई जमीयत की बैठक में प्रस्ताव भी पारित किए गए हैं। इन पर शीघ्र ही अमल शुरु कर दिया जाएगा।
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देवबंद (सहारनपुर)। जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना सैय्यद महमूद मदनी ने कहा कि देश की वर्तमान स्थिति से निपटने और हिंदू-मुस्लिमों के बीच बढ़ रही दूरियां मिटाने और इस्लामिक नैतिकता से गैर मुस्लिमों को अवगत कराने के लिए हिंदी, अंग्रेजी और क्षेत्रीय भाषाओं में लिटरेचर उपलब्ध कराने का काम किया जाएगा। साथ ही सामाजिक सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
रविवार को जारी बयान में मौलाना सैयद महमूद मदनी ने कहा कि अमन फैलाने की दिशा में काम जरूरी है। इसके लिए सामाजिक सेवाओं के क्षेत्र में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया जाएगा ताकि आपसी गलतफहमी को दूर किया जा सके। इसके साथ ही सांप्रदायिक हिंसा की घटनाएं रोकने के लिए केंद्र, राज्य सरकारों और जिला प्रशासन से संपर्क किया जाएगा।
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मौलाना मदनी ने कहा कि अयोध्या विवाद मामले में अगर किसी समय कोई जरूरत पड़ती है तो जमीयत उलमा हर तरह से सहयोग करेगी तथा असम में नागरिकता अधिकार समस्या के गंभीर मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में पूरी ताकत के साथ इसका मुकदमा लड़ा जएगा। साथ ही मदनी ने केंद्र से फिलीस्तीनी जनता के वैध अधिकारों का हर मोर्चे पर समर्थन करने की मांग की। मदनी ने कहा कि इन सभी मुद्दों को लेकर बीते दिन दिल्ली में आयोजित हुई जमीयत की बैठक में प्रस्ताव भी पारित किए गए हैं। इन पर शीघ्र ही अमल शुरु कर दिया जाएगा।
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