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रमजान में रोजा रखने वालों पर ही बरसती हैं अल्लाह की रहमतें
Updated Sat, 19 May 2018 12:09 AM IST
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देवबंद (सहारनपुर)। मुकद्दस रमजान माह तमाम महीनों का सरदार तो है ही साथ ही इस महीने में अल्लाह अपने बंदों की हर नेकी के बदले में इजाफा कर देता है। रमजान की इन्हीं विशेषताओं पर रोशनी डालते हुए दारुल उलूम वक्फ के वरिष्ठ उस्ताद मौलाना नसीम अख्तर शाह कैसर ने कहा कि इस महीने में अल्लाह अपने बंदों को खास नेअमतों से नवाजता है।
शुक्रवार को रमजान की फजीलतों का बखान करते हुए मौलाना नसीम अख्तर शाह कैसर ने कहा की रमजान में हर इबादत और नेक अमल का सवाब बढ़ा दिया जाता है और बंदा-ए-मोमिन की हर नेकी के बदले में इजाफा हो जाता है। उन्होंने कहा कि रमजान माह में तीन हिस्से हैं और हर हिस्से का नाम दिया गया है। पहले हिस्से को जो 10 दिन का है उसे रहमत कहा जाता है, दूसरा हिस्सा जो रमजान की 11 तारीख से 20 रमजान तक होता है उसे मगफिरत कहा जाता है और तीसरा हिस्सा जो 21 रमजान से शुरू होकर 30 रमजान को खत्म होता है उसे जहन्नुम से आजादी का हिस्सा कहा जाता है। यानि रमजान माह में अल्लाह अपने बंदों पर रहमत, मगफिरत और जहन्नुम से आजादी के दरवाजे खोल देता है। मौलाना नसीम ने कहा कि यह सब चीजें रोजा रखने वाले को मिलती है जो अल्लाह की नजदीकी पाने के लिए और उसे खुश रखने के लिए रोजा रखता है। यदि कोई रोजा नहीं रखता और जान बूझकर ऐसा करता है तो वो खुदा से बगावत का एलान करता है और अल्लाह ऐसे बागियों को सजा देता है।
फोटो संख्या 3
रमजान माह में धार्मिक स्थलों के आसपास हो सफाई व्यवस्था : शर्मा
देवबंद। श्री त्रिपुर मां बाला सुंदरी देवी मंदिर सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष पंडित सतेंद्र शर्मा ने रमजान माह में बिजली, पानी और सफाई व्यवस्था को दुरुस्त बनाए जाने की मांग की है।
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शुक्रवार को जारी बयान में पंडित सतेंद्र शर्मा ने कहा कि नगर पालिका को चाहिए कि वह रमजान माह में रोजेदारों की समस्याओं को ध्यान में रखकर उनका समाधान कराएं। बिजली, पानी की आपूर्ति दुरुस्त होने के साथ ही साफ सफाई की व्यवस्था चाक चौबंद होनी चाहिए ताकि रोजेदारों को किसी भी तरह की परेशानी न उठानी पड़े। पंडित सतेंद्र शर्मा ने प्रशासन से रमजान माह में धार्मिक स्थलों के आसपास सफाई व्यवस्था कराने, बिजली पानी की सप्लाई ठीक से किए जाने तथा टूटी सड़कों की मरम्मत कराए जाने की मांग की है। ताकि रोजेदारों को कोई दिक्कत न उठानी पड़े।
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शुक्रवार को रमजान की फजीलतों का बखान करते हुए मौलाना नसीम अख्तर शाह कैसर ने कहा की रमजान में हर इबादत और नेक अमल का सवाब बढ़ा दिया जाता है और बंदा-ए-मोमिन की हर नेकी के बदले में इजाफा हो जाता है। उन्होंने कहा कि रमजान माह में तीन हिस्से हैं और हर हिस्से का नाम दिया गया है। पहले हिस्से को जो 10 दिन का है उसे रहमत कहा जाता है, दूसरा हिस्सा जो रमजान की 11 तारीख से 20 रमजान तक होता है उसे मगफिरत कहा जाता है और तीसरा हिस्सा जो 21 रमजान से शुरू होकर 30 रमजान को खत्म होता है उसे जहन्नुम से आजादी का हिस्सा कहा जाता है। यानि रमजान माह में अल्लाह अपने बंदों पर रहमत, मगफिरत और जहन्नुम से आजादी के दरवाजे खोल देता है। मौलाना नसीम ने कहा कि यह सब चीजें रोजा रखने वाले को मिलती है जो अल्लाह की नजदीकी पाने के लिए और उसे खुश रखने के लिए रोजा रखता है। यदि कोई रोजा नहीं रखता और जान बूझकर ऐसा करता है तो वो खुदा से बगावत का एलान करता है और अल्लाह ऐसे बागियों को सजा देता है।
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फोटो संख्या 3
रमजान माह में धार्मिक स्थलों के आसपास हो सफाई व्यवस्था : शर्मा
देवबंद। श्री त्रिपुर मां बाला सुंदरी देवी मंदिर सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष पंडित सतेंद्र शर्मा ने रमजान माह में बिजली, पानी और सफाई व्यवस्था को दुरुस्त बनाए जाने की मांग की है।
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शुक्रवार को जारी बयान में पंडित सतेंद्र शर्मा ने कहा कि नगर पालिका को चाहिए कि वह रमजान माह में रोजेदारों की समस्याओं को ध्यान में रखकर उनका समाधान कराएं। बिजली, पानी की आपूर्ति दुरुस्त होने के साथ ही साफ सफाई की व्यवस्था चाक चौबंद होनी चाहिए ताकि रोजेदारों को किसी भी तरह की परेशानी न उठानी पड़े। पंडित सतेंद्र शर्मा ने प्रशासन से रमजान माह में धार्मिक स्थलों के आसपास सफाई व्यवस्था कराने, बिजली पानी की सप्लाई ठीक से किए जाने तथा टूटी सड़कों की मरम्मत कराए जाने की मांग की है। ताकि रोजेदारों को कोई दिक्कत न उठानी पड़े।