{"_id":"59724abe4f1c1be6708b4597","slug":"121500662462-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"थम गई कांवड़ियों की दौड़, संपन्न हुए शिविर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
थम गई कांवड़ियों की दौड़, संपन्न हुए शिविर
Updated Sat, 22 Jul 2017 12:11 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
थम गई कांवड़ियों की दौड़, संपन्न हुए शिविर
सहारनपुर। शुक्रवार की शाम तक कांवड़ियों का आना धीरे-धीरे थम गया। डाक कांवड़ लेकर भी शाम तक संख्या गिनती की ही रह गई। कांवड़ियों की सेवा के लिए लगाए गए शिविर भी संपन्न हो गए। मंदिरों में सभी शिव भक्त जलाभिषेक के लिए पहुंचे और भगवान शिव का जलाभिषेक किया।
पूरा शहर शिवमय हो गया। मंदिरों में सुबह से ही भारी भीड़ उमड़ती रही। हरिद्वार से कांवड़ लेकर आने वाले कांवड़ियों की संख्या धीरे-धीरे कम होती चली गई। शाम तक कांवड़ियों का आना थम गया। डाक कांवड़ लेकर दौड़ लगा रहे शिवभक्तों की संख्या भी कम ही रह गई। शाम तक कांवड़ रूट लगभग सुनसान हो गए। कांवड़ रूट पर लगे कांवड़ियों की सेवा के लिए शिविरों में भी सामान समेटे जाने का कार्य शुरू हो गया। अधिकांश टेंट उखड़ गए। डीजे का शोर भी थम गया। शाम तक मंदिरों पर कांवड़ियों की भीड़ लग गई। शिवभक्तों ने जलाभिषेक भी शुरू कर दिया। पूरे दिन शहर हर-हर, बम-बम से गूंजता रहा। मंदिरों में शिवभक्ति गीत बजते रहे और कांवड़िए झूमते रहे।
विज्ञापन
सहारनपुर। शुक्रवार की शाम तक कांवड़ियों का आना धीरे-धीरे थम गया। डाक कांवड़ लेकर भी शाम तक संख्या गिनती की ही रह गई। कांवड़ियों की सेवा के लिए लगाए गए शिविर भी संपन्न हो गए। मंदिरों में सभी शिव भक्त जलाभिषेक के लिए पहुंचे और भगवान शिव का जलाभिषेक किया।
पूरा शहर शिवमय हो गया। मंदिरों में सुबह से ही भारी भीड़ उमड़ती रही। हरिद्वार से कांवड़ लेकर आने वाले कांवड़ियों की संख्या धीरे-धीरे कम होती चली गई। शाम तक कांवड़ियों का आना थम गया। डाक कांवड़ लेकर दौड़ लगा रहे शिवभक्तों की संख्या भी कम ही रह गई। शाम तक कांवड़ रूट लगभग सुनसान हो गए। कांवड़ रूट पर लगे कांवड़ियों की सेवा के लिए शिविरों में भी सामान समेटे जाने का कार्य शुरू हो गया। अधिकांश टेंट उखड़ गए। डीजे का शोर भी थम गया। शाम तक मंदिरों पर कांवड़ियों की भीड़ लग गई। शिवभक्तों ने जलाभिषेक भी शुरू कर दिया। पूरे दिन शहर हर-हर, बम-बम से गूंजता रहा। मंदिरों में शिवभक्ति गीत बजते रहे और कांवड़िए झूमते रहे।
विज्ञापन