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मुसलमानों में शिक्षा के प्रति जागरूकता पैदा करना जरूरी : बुलंदशहरी
Updated Fri, 05 Oct 2018 12:27 AM IST
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मुसलमानों में शिक्षा के प्रति जागरूकता पैदा करना जरूरी : बुलंदशहरी
देवबंद (सहारनपुर)। मिल्ली तालीमी ट्रस्ट के महासचिव मौलाना याकूब बुलंदशहरी ने कहा कि 9 अक्तूबर को सहारनपुर में पहुंचने वाले सैय्यद हामिद फाउंडेशन व यूपी राब्ता कमेटी के तालीमी कारवां का पुरजोर तरीके से स्वागत किया जाएगा।
बृहस्पतिवार को ईदगाह रोड स्थित महमूद हाल में हुई प्रेस वार्ता में मौलाना याकूब बुलंदशहरी ने कहा कि तालीमी कारवां का उद्देश्य मुसलमानों में शिक्षा के प्रति जागरूकता पैदा करना है। आमतौर पर देखने में आता है कि मुसलमानों शादियों या अन्य कामों में लाखों करोड़ों रुपये खर्च कर देता है लेकिन बच्चों की पढ़ाई लिखाई को लेकर संजीदा नहीं है। ऐसे में तालीमी कारवां लोगों को जागरूक करने के लिए मुहिम चलाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि आज सबसे ज्यादा जरूरत बच्चों की तालीम पर ध्यान देने की है। ऑल इंडिया इक्तेसादी कौंसिल के अध्यक्ष मौलाना हसीब सिद्दीकी ने कहा कि हिंदुस्तान का मुसलमान शिक्षा के मामले में बहुत पिछड़ा हुआ है। ऐसा नहीं की कौम ने उन्हें शिक्षा के अवसर नहीें दिए हैं। सोचनीय विषय यह है कि तमाम अवसर मौजूद होने के बावजूद भी कौम शिक्षा में पिछड़ी हुई क्यों है। उन्होंने कहा कि इसका सीधा से मतलब यह है कि हम हमारे अंदर जागरूकता की कमी है। कहा कि आज युवा पीढ़ी तरह तरह की बुराइयों में फंसी हुई है। हमारा प्रयास है कि हम युवाओं को बुराइयों के रास्ते से निकालकर उनका रुख तालीम की तरफ मोड़े। फतवा आनलाइन के चेयरमैन मुफ्ती अरशद फारुकी ने कहा कि शिक्षा के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाना आज वक्त की जरूरत है। क्योंकि जागरूकता के बिना कोई भी कार्यक्रम कभी कामयाब नहीं होता। उन्होंने कहा कि तमाम मुस्लिम इदारों को भी इसका अहसास करना चाहिए कि कौम को जागरूक कैसे किया जाए।
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देवबंद (सहारनपुर)। मिल्ली तालीमी ट्रस्ट के महासचिव मौलाना याकूब बुलंदशहरी ने कहा कि 9 अक्तूबर को सहारनपुर में पहुंचने वाले सैय्यद हामिद फाउंडेशन व यूपी राब्ता कमेटी के तालीमी कारवां का पुरजोर तरीके से स्वागत किया जाएगा।
बृहस्पतिवार को ईदगाह रोड स्थित महमूद हाल में हुई प्रेस वार्ता में मौलाना याकूब बुलंदशहरी ने कहा कि तालीमी कारवां का उद्देश्य मुसलमानों में शिक्षा के प्रति जागरूकता पैदा करना है। आमतौर पर देखने में आता है कि मुसलमानों शादियों या अन्य कामों में लाखों करोड़ों रुपये खर्च कर देता है लेकिन बच्चों की पढ़ाई लिखाई को लेकर संजीदा नहीं है। ऐसे में तालीमी कारवां लोगों को जागरूक करने के लिए मुहिम चलाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि आज सबसे ज्यादा जरूरत बच्चों की तालीम पर ध्यान देने की है। ऑल इंडिया इक्तेसादी कौंसिल के अध्यक्ष मौलाना हसीब सिद्दीकी ने कहा कि हिंदुस्तान का मुसलमान शिक्षा के मामले में बहुत पिछड़ा हुआ है। ऐसा नहीं की कौम ने उन्हें शिक्षा के अवसर नहीें दिए हैं। सोचनीय विषय यह है कि तमाम अवसर मौजूद होने के बावजूद भी कौम शिक्षा में पिछड़ी हुई क्यों है। उन्होंने कहा कि इसका सीधा से मतलब यह है कि हम हमारे अंदर जागरूकता की कमी है। कहा कि आज युवा पीढ़ी तरह तरह की बुराइयों में फंसी हुई है। हमारा प्रयास है कि हम युवाओं को बुराइयों के रास्ते से निकालकर उनका रुख तालीम की तरफ मोड़े। फतवा आनलाइन के चेयरमैन मुफ्ती अरशद फारुकी ने कहा कि शिक्षा के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाना आज वक्त की जरूरत है। क्योंकि जागरूकता के बिना कोई भी कार्यक्रम कभी कामयाब नहीं होता। उन्होंने कहा कि तमाम मुस्लिम इदारों को भी इसका अहसास करना चाहिए कि कौम को जागरूक कैसे किया जाए।
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