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कैराना उप चुनाव के लिए ईवीएम और वीवीपैट का प्रदर्शन किया
Updated Fri, 11 May 2018 11:49 PM IST
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सहारनपुर। जिला मजिस्ट्रेट/जिला निर्वाचन अधिकारी पीके पांडेय ने कहा कि सरकार उपचुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष कराने के लिए कृतसंकल्प है। उन्होंने राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों एवं मीडियाकर्मियों के सामने ईवीएम एवं वोटर वेरीफाएबल पेपर ऑडिट ट्रेल यानी वीवीपैट का प्रदर्शन कराने के बाद कहा कि इस मशीन को किसी भी प्रकार से हैक नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि कैराना उप चुनाव में सभी मतदान केन्द्रों पर वीवीपैट लगाया जाएगा।
शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में ईवीएम और वीवीपैट के प्रदर्शन किया गया। डीएम ने कहा कि वोटर वेरीफाएबल पेपर ऑडिट ट्रेल यानी वीवीपैट के तहत वोटर डालने के तुरंत बाद कागज की एक पर्ची बनती है। इस पर जिस उम्मीदवार को वोट दिया गया है, उनका नाम और चुनाव चिह्न छपा होता है। उन्होंने बताया कि इस पर्ची को हम सात सेकेंड तक ही देख सकते है। उसके बाद पर्ची मशीन में बने बॉक्स में चला जाता है। उन्होंने बताया कि यह व्यवस्था इसलिए है कि किसी तरह का विवाद होने पर ईवीएम में पड़े वोट के साथ वीवीपैट की पर्ची का मिलान किया जा सके। उन्होंने बताया कि इस बार हर विधानसभा के एक मतदान केंद्र की रैंडम आधार पर ईवीएम और वीपीपैट की पर्चियों की गिनती कराकर वोटों का मिलान किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि लोग अफवाह में ध्यान ना दें, क्योंकि चुनाव में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है। हर मतदाता अपने उम्मीदवार को वोट देेकर वीवीपैट की स्क्रीन पर देख सकते है। उन्होंने कहा कि मतदान के दौरान जहां भी कोई ईवीएम खराब होती है, उसे 15 से 30 मिनट तक बदले जाने की व्यवस्था की जा रही है। अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) एसके दूबे, सहायक निर्वाचन अधिकारी आलोक शर्मा सहित सभी राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि आदि रहे।
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शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में ईवीएम और वीवीपैट के प्रदर्शन किया गया। डीएम ने कहा कि वोटर वेरीफाएबल पेपर ऑडिट ट्रेल यानी वीवीपैट के तहत वोटर डालने के तुरंत बाद कागज की एक पर्ची बनती है। इस पर जिस उम्मीदवार को वोट दिया गया है, उनका नाम और चुनाव चिह्न छपा होता है। उन्होंने बताया कि इस पर्ची को हम सात सेकेंड तक ही देख सकते है। उसके बाद पर्ची मशीन में बने बॉक्स में चला जाता है। उन्होंने बताया कि यह व्यवस्था इसलिए है कि किसी तरह का विवाद होने पर ईवीएम में पड़े वोट के साथ वीवीपैट की पर्ची का मिलान किया जा सके। उन्होंने बताया कि इस बार हर विधानसभा के एक मतदान केंद्र की रैंडम आधार पर ईवीएम और वीपीपैट की पर्चियों की गिनती कराकर वोटों का मिलान किया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि लोग अफवाह में ध्यान ना दें, क्योंकि चुनाव में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है। हर मतदाता अपने उम्मीदवार को वोट देेकर वीवीपैट की स्क्रीन पर देख सकते है। उन्होंने कहा कि मतदान के दौरान जहां भी कोई ईवीएम खराब होती है, उसे 15 से 30 मिनट तक बदले जाने की व्यवस्था की जा रही है। अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) एसके दूबे, सहायक निर्वाचन अधिकारी आलोक शर्मा सहित सभी राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि आदि रहे।
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