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उद्यान वैज्ञानिक ने दिए गुणवतायुक्त उत्पादन के टिप्स
Updated Sun, 18 Mar 2018 01:15 AM IST
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उद्यान वैज्ञानिक ने दिए गुणवत्तायुक्त उत्पादन के टिप्स
सहारनपुर। कृषि विज्ञान केंद्र के उद्यान विशेषज्ञ ने बागवानों को आम और लीची की बढ़िया गुणवत्तायुक्त फल उत्पादन के टिप्स दिए। उन्होंने कहा कि बौर आने के समय सिंचाई नहीं करनी चाहिए।
विशेषज्ञ डॉ. बीपी शाही लीची और आम के बागवानों को बढ़िया उत्पादन के बारे में जानकारी दी। ग्राम जगहैता गुर्जर और ढकदेवी के बागों का निरीक्षण करने के बाद उन्होंने कहा कि फूल आते समय बागों में सिंचाई नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस समय कीटनाशकों का छिड़काव करने से बचना चाहिए। उन्होंने फलत के समय बागों में मधुमक्खी के बक्से रखने का सुझाव दिया। उद्यान विशेषज्ञ ने बताया कि फल लगने के एक सप्ताह बाद प्लैनोफिक्स दवाई का एक स्प्रे करना चाहिए। इससे फलों को झड़ने से रोका जा सकता है। इसके एक पखवाडे़ बाद बोरेक्स का छिड़काव करना मुफीद रहता है। इस छिड़काव से जहां फलों का झड़ना कम हो जाता है वहीं फलों के मिठास में भी वृद्धि होती है, फलों के आकार और रंग में सुधार के साथ ही फल के फटने की समस्या पर अंकुश लग जाता है।
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सहारनपुर। कृषि विज्ञान केंद्र के उद्यान विशेषज्ञ ने बागवानों को आम और लीची की बढ़िया गुणवत्तायुक्त फल उत्पादन के टिप्स दिए। उन्होंने कहा कि बौर आने के समय सिंचाई नहीं करनी चाहिए।
विशेषज्ञ डॉ. बीपी शाही लीची और आम के बागवानों को बढ़िया उत्पादन के बारे में जानकारी दी। ग्राम जगहैता गुर्जर और ढकदेवी के बागों का निरीक्षण करने के बाद उन्होंने कहा कि फूल आते समय बागों में सिंचाई नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस समय कीटनाशकों का छिड़काव करने से बचना चाहिए। उन्होंने फलत के समय बागों में मधुमक्खी के बक्से रखने का सुझाव दिया। उद्यान विशेषज्ञ ने बताया कि फल लगने के एक सप्ताह बाद प्लैनोफिक्स दवाई का एक स्प्रे करना चाहिए। इससे फलों को झड़ने से रोका जा सकता है। इसके एक पखवाडे़ बाद बोरेक्स का छिड़काव करना मुफीद रहता है। इस छिड़काव से जहां फलों का झड़ना कम हो जाता है वहीं फलों के मिठास में भी वृद्धि होती है, फलों के आकार और रंग में सुधार के साथ ही फल के फटने की समस्या पर अंकुश लग जाता है।
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