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सॉफ्टवेयर से सुलभ होगा समस्याओं का समाधान
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सहारनपुर। अब नगर निगम के अधिकारी लोगों की शिकायतों की अनदेखी नहीं कर सकेंगे। साथ ही उनके शिकायती पत्रों को भी दबाकर नहीं रख सकेंगे। दरअसल, नगर निगम ने एक सॉफ्टवेयर तैयार कराया है, जिस पर शिकायत दर्ज होते ही पहला संदेश शिकायतकर्ता के मोबाइल तथा दूसरा संदेश संबंधित विभाग के अधिकारी के मोबाइल पर जाएगा। जिसका मतलब होगा कि शिकायत दर्ज हो चुकी है।
नगर निगम से जनता की सेवाएं और सुविधाएं सीधे तौर पर जुड़ी हैं। पथ प्रकाश व्यवस्था, पेयजल व्यवस्था, सड़क, सीवर, नाली, खड़ंजा, सफाई, अतिक्रमण, विभिन्न प्रकार के टैक्स आदि से जुड़ी समस्याओं को लेकर प्रतिदिन लोग नगर निगम में पहुंचते हैं। निगम सूत्रों की मानें तो प्रतिदिन 40 से 50 शिकायतें निगम तक पहुंचती हैं, जिनमें से ज्यादातर का समाधान नहीं हो पाता है। ज्यादातर लोग सीधे नगरायुक्त के पास पहुंचते हैं, जिनका शिकायती पत्र स्टेनो के माध्यम से संबंधित विभाग के अधिकारी के पास भेजा जाता है। अभी तक अधिकारी शिकायती पत्र उन तक नहीं पहुंचने की बात कहकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते रहे हैं, मगर अब ऐसा नहीं होगा। नगर निगम ने एक सॉफ्टवेयर तैयार कराया है। सॉफ्टवेयर के एक्टिव होने के बाद जो भी शिकायत नगर निगम तक पहुंचा करेगी। नगर निगम उक्त शिकायत को सॉफ्टवेयर पर दर्ज करेगा। जिसके तुरंत बाद एक संदेश शिकायतकर्ता के मोबाइल पर पहुंचेगा, जिसका मतलब होगा कि उनकी शिकायत दर्ज हो चुकी है। साथ ही दूसरा संदेश संबंधित विभाग के अधिकारी के मोबाइल पर जाएगा, जिसके बाद उक्त अधिकारी को शिकायत का संज्ञान लेकर समाधान कराना होगा। यानी संबंधित अधिकारी यह कहने की स्थिति में नहीं होगा कि शिकायत उस तक नहीं पहुंची है।
यह हैं निगम के विभाग
- निर्माण विभाग।
- स्वास्थ्य विभाग।
- पथ प्रकाश विभाग।
- जलकल विभाग।
- जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र विभाग।
- जल, सीवर और गृह कर विभाग।
- संपत्ति विभाग आदि
जनता की शिकायतों का निराकरण समय से हो। इसके लिए सॉफ्टवेयर तैयार कराया गया है, जिसको जल्द लागू किया जाएगा। नगर निगम में आने वाली मैनुअल शिकायतों की सॉफ्टवेयर पर एंट्री हुआ करेगी, जिसके बाद शिकायतकर्ता और संबंधित अधिकारी के मोबाइल पर संदेश जाया करेगा। निश्चित ही यह नई तकनीक जनता के लिए लाभकारी सिद्ध होगी। - ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त।
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नगर निगम से जनता की सेवाएं और सुविधाएं सीधे तौर पर जुड़ी हैं। पथ प्रकाश व्यवस्था, पेयजल व्यवस्था, सड़क, सीवर, नाली, खड़ंजा, सफाई, अतिक्रमण, विभिन्न प्रकार के टैक्स आदि से जुड़ी समस्याओं को लेकर प्रतिदिन लोग नगर निगम में पहुंचते हैं। निगम सूत्रों की मानें तो प्रतिदिन 40 से 50 शिकायतें निगम तक पहुंचती हैं, जिनमें से ज्यादातर का समाधान नहीं हो पाता है। ज्यादातर लोग सीधे नगरायुक्त के पास पहुंचते हैं, जिनका शिकायती पत्र स्टेनो के माध्यम से संबंधित विभाग के अधिकारी के पास भेजा जाता है। अभी तक अधिकारी शिकायती पत्र उन तक नहीं पहुंचने की बात कहकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते रहे हैं, मगर अब ऐसा नहीं होगा। नगर निगम ने एक सॉफ्टवेयर तैयार कराया है। सॉफ्टवेयर के एक्टिव होने के बाद जो भी शिकायत नगर निगम तक पहुंचा करेगी। नगर निगम उक्त शिकायत को सॉफ्टवेयर पर दर्ज करेगा। जिसके तुरंत बाद एक संदेश शिकायतकर्ता के मोबाइल पर पहुंचेगा, जिसका मतलब होगा कि उनकी शिकायत दर्ज हो चुकी है। साथ ही दूसरा संदेश संबंधित विभाग के अधिकारी के मोबाइल पर जाएगा, जिसके बाद उक्त अधिकारी को शिकायत का संज्ञान लेकर समाधान कराना होगा। यानी संबंधित अधिकारी यह कहने की स्थिति में नहीं होगा कि शिकायत उस तक नहीं पहुंची है।
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यह हैं निगम के विभाग
- निर्माण विभाग।
- स्वास्थ्य विभाग।
- पथ प्रकाश विभाग।
- जलकल विभाग।
- जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र विभाग।
- जल, सीवर और गृह कर विभाग।
- संपत्ति विभाग आदि
जनता की शिकायतों का निराकरण समय से हो। इसके लिए सॉफ्टवेयर तैयार कराया गया है, जिसको जल्द लागू किया जाएगा। नगर निगम में आने वाली मैनुअल शिकायतों की सॉफ्टवेयर पर एंट्री हुआ करेगी, जिसके बाद शिकायतकर्ता और संबंधित अधिकारी के मोबाइल पर संदेश जाया करेगा। निश्चित ही यह नई तकनीक जनता के लिए लाभकारी सिद्ध होगी। - ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त।
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