{"_id":"5bdb4b87bdec2269a771687f","slug":"101541098375-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘बेगुनाह सिखों के कातिलों को फांसी की सजा मिले’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘बेगुनाह सिखों के कातिलों को फांसी की सजा मिले’
Updated Fri, 02 Nov 2018 12:22 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देवबंद (सहारनपुर)। युवा पंजाबी क्लब ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर 1984 में हुए नरसंहार में मारे गए बेगुनाह सिखों के कातिलों को फांसी की सजा दिलाने की मांग की।
प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में कहा गया है कि 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद दिल्ली समेत पूरे देश में 31 अक्तूबर से 4 नवंबर तक सिखों का कत्लेआम किया गया। दंगाइयों ने हजारों बेगुनाह सिखों का कत्ल कर दिया, लेकिन 34 साल का लंबा समय बीत जाने के बाद भी आज तक बेगुनाहों के परिवारों को इंसाफ नहीं मिल सका। सरकारों ने आयोग का गठन कर केवल जांच को लंबा खींचा है, जबकि दोषी आज भी आजाद घूम रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2014 में देश में भाजपा सरकार बनने पर सिखों में उम्मीद जगी थी कि अब शायद उन्हें इंसाफ मिल जाएगा, परंतु 5 साल बीतने को हैं, लेकिन मृतकों के परिवार को इंसाफ नहीं मिल पाया। जबकि दोषियों को सजा-ए-मौत व उम्रकैद होनी चाहिए। इस दौरान पंजाबी समाज के संरक्षक सेठ कुलदीप कुमार, विशेष सलाहकार बालेंद्र सिंह, अध्यक्ष गुरजोत सिंह सेठी, अरविंदर सिंह कपूर, डा. गुरदीप सिंह सोढ़ी, हेमंत गुगलानी, बलदीप सिंह, सतीश अरोड़ा, राजेश अनेजा, राजपाल नारंग, राजपाल राजू आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में कहा गया है कि 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद दिल्ली समेत पूरे देश में 31 अक्तूबर से 4 नवंबर तक सिखों का कत्लेआम किया गया। दंगाइयों ने हजारों बेगुनाह सिखों का कत्ल कर दिया, लेकिन 34 साल का लंबा समय बीत जाने के बाद भी आज तक बेगुनाहों के परिवारों को इंसाफ नहीं मिल सका। सरकारों ने आयोग का गठन कर केवल जांच को लंबा खींचा है, जबकि दोषी आज भी आजाद घूम रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2014 में देश में भाजपा सरकार बनने पर सिखों में उम्मीद जगी थी कि अब शायद उन्हें इंसाफ मिल जाएगा, परंतु 5 साल बीतने को हैं, लेकिन मृतकों के परिवार को इंसाफ नहीं मिल पाया। जबकि दोषियों को सजा-ए-मौत व उम्रकैद होनी चाहिए। इस दौरान पंजाबी समाज के संरक्षक सेठ कुलदीप कुमार, विशेष सलाहकार बालेंद्र सिंह, अध्यक्ष गुरजोत सिंह सेठी, अरविंदर सिंह कपूर, डा. गुरदीप सिंह सोढ़ी, हेमंत गुगलानी, बलदीप सिंह, सतीश अरोड़ा, राजेश अनेजा, राजपाल नारंग, राजपाल राजू आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन