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मनुष्य को सदैव सत्य के मार्ग पर लगाना चाहिए अपना जीवन
Updated Fri, 23 Feb 2018 12:53 AM IST
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रामपुर मनिहारान (सहारनपुर)। अखिल भारतीय सोहम महामंडल शाखा सोना अर्जुनपुर के तत्वावधान में चल रहे सात दिवसीय श्रीमदभागवत कथा व संत सम्मेलन के समापन पर सोहम महामंडल के पीठाधीश्वर स्वामी सत्यानंद महाराज ने कहा कि मानव को अपना जीवन हमेशा सत्य कर्मों में लगाना चाहिए।
सत्यानंद महाराज ने कहा कि अधर्म के खिलाफ भगवान श्रीकृष्ण ने गीता संदेश में अर्जुन को जो ज्ञान दिया उसका पालन करना ही उत्तम धर्म है। उन्होंने कहा कि अर्जुन वही है जिसने ज्ञान का अर्जन कर लिया हो यानि उसे ग्रहण कर लिया हो। अर्जुन ही इस चक्रव्यूह के सातों द्वार को तोड़ने की कला जानते हैं। उन्होंने कहा कि जिसके सारथी स्वयं श्रीकृष्ण भगवान हो उसे कौन पराजित कर सकता है। उन्होंने श्रद्धालुओं का आह्वान किया कि वह अर्जुन की तरह से परमात्मा के संदेश को अपने अंदर ग्रहण करें। तभी वह मोक्ष को प्राप्त कर सकता है। संत सम्मेलन के समापन के मौके पर स्वामी ज्ञानानंद महाराज, स्वामी निगमानंद, स्वामी परमानंद, स्वामी नारायण नंद, गौरव स्वरूप, पंडित चंद्रप्रकाश शास्त्री आदि ने भी प्रवचन किए और श्रद्धालुओं ने संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर भंडारे का आयोजन किया गया।
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सत्यानंद महाराज ने कहा कि अधर्म के खिलाफ भगवान श्रीकृष्ण ने गीता संदेश में अर्जुन को जो ज्ञान दिया उसका पालन करना ही उत्तम धर्म है। उन्होंने कहा कि अर्जुन वही है जिसने ज्ञान का अर्जन कर लिया हो यानि उसे ग्रहण कर लिया हो। अर्जुन ही इस चक्रव्यूह के सातों द्वार को तोड़ने की कला जानते हैं। उन्होंने कहा कि जिसके सारथी स्वयं श्रीकृष्ण भगवान हो उसे कौन पराजित कर सकता है। उन्होंने श्रद्धालुओं का आह्वान किया कि वह अर्जुन की तरह से परमात्मा के संदेश को अपने अंदर ग्रहण करें। तभी वह मोक्ष को प्राप्त कर सकता है। संत सम्मेलन के समापन के मौके पर स्वामी ज्ञानानंद महाराज, स्वामी निगमानंद, स्वामी परमानंद, स्वामी नारायण नंद, गौरव स्वरूप, पंडित चंद्रप्रकाश शास्त्री आदि ने भी प्रवचन किए और श्रद्धालुओं ने संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर भंडारे का आयोजन किया गया।
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