{"_id":"643c3eafedb8881a3a05bcc4","slug":"100-crores-spent-in-the-metropolis-in-four-years-yet-the-thirst-is-not-quenched-saharanpur-news-c-30-1-smrt1053-988-2023-04-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Saharanpur News: चार साल में महानगर में 100 करोड़ खर्च, फिर भी नहीं बुझती प्यास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Saharanpur News: चार साल में महानगर में 100 करोड़ खर्च, फिर भी नहीं बुझती प्यास
विज्ञापन
कहीं आपूर्ति नहीं होती तो कहीं प्रेशर कम, शहरी निकायों में हर जगह ऐसी ही हालत
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। पेयजल मनुष्य की बुनियादी जरूरतों में सबसे अहम है। महानगर की ही बात करे तो 2019 से 2022 तक अमृत योजना के तहत पेयजल व्यवस्था पर करीब 100 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसके बाद भी कहीं पेयजल की आपूर्ति नहीं हो रही है तो कहीं प्रेशर बहुत कम है। यह स्थिति लगभग हर शहरी निकाय की है।
महानगर में 1.42 लाख घरों में पेयजल कनेक्शन हैं। लेकिन इनमें कईं कॉलोनियां ऐसी हैं, जहां कनेक्शन तो तीन साल पहले हो चुके हैं, लेकिन पानी अभी तक नहीं पहुंचा है। इनमें ज्ञानागढ़, बिशनपुर, बाबूगढ़, किशनपुरा, कृष्णाधम कॉलोनी आदि शामिल हैं। पानी पहुंचाने के लिए नलकूप लगाया गया, लेकिन उसका विद्युत कनेक्शन नहीं होने के कारण व्यवस्था ठप पड़ी है। इसके अलावा गर्मी शुरू होते ही महानगर के कईं वार्डों में पेयजल समस्या पनपने लगी है। बीते एक महीने में कईं जगह ऐसा हो चुका है। करीब एक महीने पहले डेरा इलाहीपुरा में पानी की समस्या पैदा हुई। लोगों को मस्जिद में लगे हैंडपंप से पानी खींचना पड़ा। अब भी समस्या पूरी तरह ठीक नहीं हुई है। एक सप्ताह पहले ही कमेला क्षेत्र के करीब पांच हजार घरों में कईं दिन तक पानी नहीं आया। वजह थी पेयजल लाइन का फटना। इसके बाद कपिल विहार और न्यू कपिल विहार में पानी का प्रेशर बेहद कम होने की समस्या सामने आई। महानगर की कईं कॉलोनियां खासकर बाहरी कॉलोनियों में पानी का प्रेशर बेहद कम है। इससे भी गंभीर बात यह है कि पानी दो घंटे सुबह और दो घंटे शाम को आता है।
दूषित पेयजलआपूर्ति बड़ी समस्या
लाइनों में लीकेज से दूषित पेयजलापूर्ति भी शहरी निकायों में बड़ी समस्या है। नगर निगम हर साल ढाई से तीन करोड़ रुपये लीकेज ठीक करने पर खर्च करता है। लाइनों के डालने पर भी हर साल एक करोड़ रुपये खर्च होते हैं, लेकिन फिर भी कहीं न कहीं लीकेज होता रहता है।
विज्ञापन
निगम के संसाधनों की स्थिति
ओवरहेड टैंक-- -- -- -- -22
बड़े नलकूप-- -- -- -- -- 112
छोटे नलकूप-- -- -- -- -- 104
पेयजल कनेक्शन-- -- -- -1.6 लाख
महानगर की आबादी-- -- -13 लाख से अधिक
देवबंद में पेयजल संकट
देवबंद नगर पालिका क्षेत्र की शिक्षक नगर, वेदविहार, विवेक विहार, वृंदावन सिटी आदि कॉलोनियों में पेयजल समस्या है। लोग कईं बार हंगामा प्रदर्शन कर चुके हैं। जिसके बाद नलकूप बनाया गया था, लेकिन अभी तक उसे चालू नहीं किया है और न ही पाइपलाइन डली हैं। श्री त्रिपुर मां बाला सुंदरी देवी मेला मैदान में करोड़ों की लागत से ओवरहैड टैंक बना है, लेकिन अभी तक उससे भी पेयजल आपूर्ति चालू नहीं की गई है। दो साल से लोग बाट जोह रहे हैं। गजराज सिंह राणा और विजेंद्र गुप्ता ने नगर पालिका पर जनसमस्या की अनदेखी का आरोप लगाया।
चिलकाना में हैंडपंप खराब
नगर पंचायत में 30 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन डाली गई है। 210 इंडिया मार्का हैंडपंप लगे हैं, जिनमें से 30 खराब पड़े हैं। सुल्तानपुर के मोहल्ला मंदिर जी और शोलाल में पानी नहीं पहुंचता है। लोग परेशान हैं। प्रदीप सैनी का कहना है कि गर्मी में समस्या और बढ़ जाती है। लोगों की पेयजल की अपनी व्यवस्था है।
छुटमलपुर में पेयजल सुविधा नहीं
तीन साल पहले अस्तित्व में आई छुटमलपुर नगर पंचायत में अभी तक पेयजल के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं। नगर पंचायत द्वारा दो नलकूपों का बोरिंग कराया गया, लेकिन वर्षों पहले यहां स्थापित हुई जल निगम की पेयजल योजना अभी तक नगर पंचायत को हस्तांतरित नहीं की गई है। फिलहाल जल निगम ही कुछ हद तक आपूर्ति कर पा रहा है। रामपुर मनिहारान में लगवाए गए कईं फ्रिज खराब पड़े हैं, जिसके कारण लोगों को समस्या है। रमेश सैनी और वीरेंद्र कुमार का कहना है कि इससे लोगों को परेशानी हो रही है।
-
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। पेयजल मनुष्य की बुनियादी जरूरतों में सबसे अहम है। महानगर की ही बात करे तो 2019 से 2022 तक अमृत योजना के तहत पेयजल व्यवस्था पर करीब 100 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसके बाद भी कहीं पेयजल की आपूर्ति नहीं हो रही है तो कहीं प्रेशर बहुत कम है। यह स्थिति लगभग हर शहरी निकाय की है।
महानगर में 1.42 लाख घरों में पेयजल कनेक्शन हैं। लेकिन इनमें कईं कॉलोनियां ऐसी हैं, जहां कनेक्शन तो तीन साल पहले हो चुके हैं, लेकिन पानी अभी तक नहीं पहुंचा है। इनमें ज्ञानागढ़, बिशनपुर, बाबूगढ़, किशनपुरा, कृष्णाधम कॉलोनी आदि शामिल हैं। पानी पहुंचाने के लिए नलकूप लगाया गया, लेकिन उसका विद्युत कनेक्शन नहीं होने के कारण व्यवस्था ठप पड़ी है। इसके अलावा गर्मी शुरू होते ही महानगर के कईं वार्डों में पेयजल समस्या पनपने लगी है। बीते एक महीने में कईं जगह ऐसा हो चुका है। करीब एक महीने पहले डेरा इलाहीपुरा में पानी की समस्या पैदा हुई। लोगों को मस्जिद में लगे हैंडपंप से पानी खींचना पड़ा। अब भी समस्या पूरी तरह ठीक नहीं हुई है। एक सप्ताह पहले ही कमेला क्षेत्र के करीब पांच हजार घरों में कईं दिन तक पानी नहीं आया। वजह थी पेयजल लाइन का फटना। इसके बाद कपिल विहार और न्यू कपिल विहार में पानी का प्रेशर बेहद कम होने की समस्या सामने आई। महानगर की कईं कॉलोनियां खासकर बाहरी कॉलोनियों में पानी का प्रेशर बेहद कम है। इससे भी गंभीर बात यह है कि पानी दो घंटे सुबह और दो घंटे शाम को आता है।
विज्ञापन
दूषित पेयजलआपूर्ति बड़ी समस्या
लाइनों में लीकेज से दूषित पेयजलापूर्ति भी शहरी निकायों में बड़ी समस्या है। नगर निगम हर साल ढाई से तीन करोड़ रुपये लीकेज ठीक करने पर खर्च करता है। लाइनों के डालने पर भी हर साल एक करोड़ रुपये खर्च होते हैं, लेकिन फिर भी कहीं न कहीं लीकेज होता रहता है।
विज्ञापन
निगम के संसाधनों की स्थिति
ओवरहेड टैंक
बड़े नलकूप
छोटे नलकूप
पेयजल कनेक्शन
महानगर की आबादी
देवबंद में पेयजल संकट
देवबंद नगर पालिका क्षेत्र की शिक्षक नगर, वेदविहार, विवेक विहार, वृंदावन सिटी आदि कॉलोनियों में पेयजल समस्या है। लोग कईं बार हंगामा प्रदर्शन कर चुके हैं। जिसके बाद नलकूप बनाया गया था, लेकिन अभी तक उसे चालू नहीं किया है और न ही पाइपलाइन डली हैं। श्री त्रिपुर मां बाला सुंदरी देवी मेला मैदान में करोड़ों की लागत से ओवरहैड टैंक बना है, लेकिन अभी तक उससे भी पेयजल आपूर्ति चालू नहीं की गई है। दो साल से लोग बाट जोह रहे हैं। गजराज सिंह राणा और विजेंद्र गुप्ता ने नगर पालिका पर जनसमस्या की अनदेखी का आरोप लगाया।
चिलकाना में हैंडपंप खराब
नगर पंचायत में 30 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन डाली गई है। 210 इंडिया मार्का हैंडपंप लगे हैं, जिनमें से 30 खराब पड़े हैं। सुल्तानपुर के मोहल्ला मंदिर जी और शोलाल में पानी नहीं पहुंचता है। लोग परेशान हैं। प्रदीप सैनी का कहना है कि गर्मी में समस्या और बढ़ जाती है। लोगों की पेयजल की अपनी व्यवस्था है।
छुटमलपुर में पेयजल सुविधा नहीं
तीन साल पहले अस्तित्व में आई छुटमलपुर नगर पंचायत में अभी तक पेयजल के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं। नगर पंचायत द्वारा दो नलकूपों का बोरिंग कराया गया, लेकिन वर्षों पहले यहां स्थापित हुई जल निगम की पेयजल योजना अभी तक नगर पंचायत को हस्तांतरित नहीं की गई है। फिलहाल जल निगम ही कुछ हद तक आपूर्ति कर पा रहा है। रामपुर मनिहारान में लगवाए गए कईं फ्रिज खराब पड़े हैं, जिसके कारण लोगों को समस्या है। रमेश सैनी और वीरेंद्र कुमार का कहना है कि इससे लोगों को परेशानी हो रही है।
-