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चलती ट्रेन से फेंके गए यात्री ही निकले डकैत
आगरा/हाथरस/सहपऊ/ब्यूरो
Updated Wed, 03 Apr 2013 10:48 AM IST
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जनसाधारण एक्सप्रेस के कोच से फेंके जाने वाले लोग यात्री नहीं बल्कि लुटेरे थे। सोमवार की शाम इन बदमाशों ने जब ट्रेन में लूटपाट शुरू की तो यात्रियों ने एकजुट होकर इनसे मोर्चा ले लिया।
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जान बचाने के लिए बदमाश चलती ट्रेन से कूद पड़े। मंगलवार सुबह सहपऊ के गांव महरारा के निकट एक शव भी बरामद हुआ, जबकि उससे थोड़ी ही दूरी पर ग्रामीणों को एक घायल भी मिला।
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कानून के शिकंजे से बचने के लिए बदमाश खुद को यात्री बताकर जीआरपी अफसरों को गुमराह करते रहे। एक ने तो मंगलवार सुबह आईजी जीआरपी के साथ चाय की चुस्की तक ली। पूछताछ में मामला खुला तो जीआरपी ने छह लुटेरों को दबोच लिया। सरगना सहित दो फरार लुटेरों की धरपकड़ के लिए टीमें लगाई गई हैं।
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सोमवार शाम को जब जनसाधारण एक्सप्रेस आनंद विहार टर्मिनल से पटना के लिए रवाना हुई तो ट्रेन में आठ बदमाश भी चढ़ गए। जीआरपी लाइन, आगरा में प्रेसवार्ता के दौरान आईजी जीआरपी शैलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया ट्रेन के अलीगढ़ पहुंचने के बाद बदमाशों ने साधारण कोच की खिड़की और गेट बंद कर यात्रियों के साथ लूटपाट शुरू कर दी।
चाकू, पंच और डंडे से मारपीट कर पैसे और मोबाइल छीनने लगे। चीख पुकार होने पर एकजुट यात्रियों ने लुटेरों से मोर्चा ले लिया। इसी दौरान मितावली स्टेशन से आगे ट्रेन की रफ्तार धीमी होते ही कुंदन पुत्र नारायण चौधरी निवासी भागलपुर, मुन्ना शाह पुत्र गोधन निवासी मुजफ्फरपुर, रवि पुत्र रमेश चंद्र निवासी भजनपुरा, ललित चंद्र पुत्र ऐलम निवासी भजनपुरा और राजन उर्फ राजेश पुत्र हेमचंद निवासी, भजनपुरा और भोला निवासी दिल्ली ट्रेन से कूद गए।
राजन को गंभीर चोट आने पर चारो साथियों ने खुद को ट्रेन का यात्री बताकर लूटपाट का शिकार होने पर हॉस्पिटल में उपचार लिया। भोला मौके से फरार हो गया। वहीं राजन एसएन में भर्ती है।
उधर, इटावा स्टेशन पर जीआरपी ने दिलशाद उर्फ मट्टू निवासी दिल्ली और आईटीआई कर रहे यात्री मो. आजाद निवासी दिल्ली के जख्मी होने से ट्रेन से उतार लिया। मंगलवार सुबह आईजी ने इन दोनों से बतौर यात्री ट्रेन से कूदे लुटेरों की पहचान कराई। उसी दौरान लुटेरों ने दिलशाद को अपना साथी बताया। उसे भी पकड़ लिया गया। वहीं सरगना कैलाश और भोला फरार हैं।
पकड़े गए लुटेरे रिक्शा चलाने और छपाई का काम करते हैं। प्रेसवार्ता में एसपी जीआरपी वजीह अहमद, सीओ जीआरपी रोहित मिश्र आदि मौजूद रहे। वहीं मंगलवार को ही सहपऊ थाना क्षेत्र के गांव महरारा के निकट गेट संख्या 83 सी के पास एक व्यक्ति तड़पता मिला। वहां से गुजर रही 355 डाउन बरेली पैसेंजर ट्रेन में उसे इलाज के लिए टूंडला भिजवाया गया।
इसके अलावा एक व्यक्ति का शव भी इसी गेट के पास मिला। मृतक की पहचान नहीं हो सकी है। उसके पास बिना सिम का एक मोबाइल फोन, 1,300 रुपये नकद और आनंद विहार से पटना तक का टिकट मिला है।
10 रुपये की चेन, 10 हजार का इनाम
ट्रेन चलने के साथ ही दिलशाद ने 10 रुपये की चेन पर 10 हजार का ईनाम देने की बात कही। ईनाम न निकलने पर पैसे वापस करने की बात कह यात्रियों को जाल में फंसाया। शुरू में दिलशाद के अन्य साथियों ने चेन खरीदकर यात्रियों में उत्सुकता जगाई। इसके बाद एक- एक कर यात्रियों को चेन खरीदने के लालच में फंसाकर लूटपाट शुरू कर दी।