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हे भगवान! कब पिघलेगा धरती के भगवान का दिल इलाज को तरस रहे मरीज
Sun, 10 Nov 2019 12:47 PM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: Trainee Trainee
Updated Sun, 10 Nov 2019 12:47 PM IST
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बीमार मां की देखभाल करती बेटी
- फोटो : अमर उजाला
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बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में तीन नवंबर को दो रेजिडेंट डाॅक्टरों की पिटाई के विरोध में शनिवार को भी हड़ताल जारी रही। विवाद के बाद से ही सुरक्षा के साथ ही जांच, मुकदमे आदि के मुद्दे पर अस्पताल प्रशासन और रेजिडेंटों के बीच रार बढ़ती ही जा रही है।
शनिवार को रेजिडेंटों ने खुद को इमरजेंसी सेवाओं से भी अलग रखा। इस वजह से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा आैर रोगियों के साथ आए परिजन मदद की गुहार लगाते रहे, लेकिन उनकी सुनने वाला कोइ नही था।
दरअसल, पिटाई की घटना के विरोध में हड़ताल को छह दिन हो गए हैं। विवाद को खत्म करने के लिए अब तक कई बार अस्पताल प्रशासन ने वार्ता भी की, लेकिन सारी कोशिश बेनतीजा ही साबित हुई। एक ओर रेजिडेंट डाॅक्टर जहां बिना सुरक्षा की गारंटी के काम पर लौटने को तैयार नहीं है।
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एेसे में जैसे-जैसे हड़ताल बढ़ रही है वह अस्पताल प्रशासन आैर खास तौर पर वाराणसी आैर आसपास के जिलों से आने वाले रोगियों आैर उनके परिजनों के लिए सिरदर्द बनता जा रहा है।
इस बीच, शनिवार शाम को आईएमएस निदेशक प्रो. आरके जैन ने विभागाध्यक्षों की आपात बैठक बुलाई। इसमें भी हड़ताल की वजह से अस्पताल पर पड़ते प्रभाव पर चर्चा की गई। निदेशक ने एक अपील जारी कर शनिवार को आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए हड़ताल से वापस आने की अपील की।
इसके साथ ही आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जिला प्रशासन को भी पत्र भेजे जाने की जानकारी दी। रेजिडेंटों ने अगले निर्णय तक इमरजेंसी में काम न करने की चेतावनी दी है।
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शनिवार को रेजिडेंटों ने खुद को इमरजेंसी सेवाओं से भी अलग रखा। इस वजह से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा आैर रोगियों के साथ आए परिजन मदद की गुहार लगाते रहे, लेकिन उनकी सुनने वाला कोइ नही था।
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दरअसल, पिटाई की घटना के विरोध में हड़ताल को छह दिन हो गए हैं। विवाद को खत्म करने के लिए अब तक कई बार अस्पताल प्रशासन ने वार्ता भी की, लेकिन सारी कोशिश बेनतीजा ही साबित हुई। एक ओर रेजिडेंट डाॅक्टर जहां बिना सुरक्षा की गारंटी के काम पर लौटने को तैयार नहीं है।
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एेसे में जैसे-जैसे हड़ताल बढ़ रही है वह अस्पताल प्रशासन आैर खास तौर पर वाराणसी आैर आसपास के जिलों से आने वाले रोगियों आैर उनके परिजनों के लिए सिरदर्द बनता जा रहा है।
इस बीच, शनिवार शाम को आईएमएस निदेशक प्रो. आरके जैन ने विभागाध्यक्षों की आपात बैठक बुलाई। इसमें भी हड़ताल की वजह से अस्पताल पर पड़ते प्रभाव पर चर्चा की गई। निदेशक ने एक अपील जारी कर शनिवार को आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए हड़ताल से वापस आने की अपील की।
इसके साथ ही आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जिला प्रशासन को भी पत्र भेजे जाने की जानकारी दी। रेजिडेंटों ने अगले निर्णय तक इमरजेंसी में काम न करने की चेतावनी दी है।