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UP TET: रैंकिंग में गड़बड़झाला, आवेदक परेशान
नई दिल्ली/इलाहबाद/इंटरनेट डेस्क
Updated Wed, 23 Jan 2013 09:06 AM IST
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बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से प्राइमरी विद्यालयों में शिक्षक भर्ती के लिए मंगलवार को अभ्यर्थियों के प्राप्तांक के अनुरूप रैंक जारी कर दी गई। टीईटी पास अभ्यर्थियों की भर्ती के लिए इस बार पहले चरण में मेरिट नहीं बल्कि रैंकिंग जारी की गई है, जिसे लेकर प्रदेश के सभी जिलों में अभ्यर्थियों में भारी भ्रम है। अभ्यर्थियों की रैंक के अनुसार मेरिट उनके संबंधित जिले में 25 जनवरी तक भेजी जाएगी।
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हालांकि एक ही आवेदक की रैंकिंग में अलग-अलग जिले में भारी अंतर होने के कारण सभी में भारी भ्रम है। उदाहरण के लिए अशोक कुमार यादव ने प्रदेश के 50 जिलों में शिक्षक भर्ती के लिए फार्म भरे। सोनभद्र में 1600 पद हैं और उनकी सामान्य रैंकिंग 52 और आरक्षित वर्ग में 23 आई है। इसी तरह श्रावस्ती में 1200 पद हैं। इस जिलें में सामान्य वर्ग में उनकी रैंकिंग 50 और आरक्षित वर्ग में 21 आई है। गुणांक के आधार पर इतनी कम मेरिट नहीं आ सकती है। इसलिए मेरिट निर्धारण में कहीं न कहीं चूक जरूर हुई है।
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परिषद की ओर से जारी सूची में ज्यादातर जिलों में 68 से 70 फीसदी वालों की रैंकिंग 20 हजार से ऊपर है। कई जिलों में 68 फीसदी प्राप्तांक वालों का रैंक 45 हजार से अधिक है। अभ्यर्थी यह सोचकर परेशान हैं कि जिस जिले में सात सौ या एक हजार पद हैं, वहां 70 फीसदी वालों का रैंक बीस हजार से ऊपर हैं तो चयन किस आधार पर होगा। विभाग की तरफ से स्थिति पूरी तरह साफ न होने से अभ्यर्थी ज्यादा परेशान हैं। अभ्यर्थियों की रैंक के अनुसार मेरिट उनके संबंधित जिले में 25 जनवरी तक भेजने की तैयारी है।
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काउंसिलिंग 29 जनवरी से
काउंसिलिंग के लिए अभ्यर्थियों को संबंधित जिले में 29 जनवरी को रिपोर्ट करना होगा। मेरिट के टॉप पायदान वालों को पहले चरण की काउंसलिंग में शामिल होने का मौका मिलेगा। एक जिले की काउंसलिंग में शामिल होने के बाद उसका मूल प्रमाण पत्र जमा करा लिया जाएगा और अन्य जिलों में उसके द्वारा किए गए आवेदन को मेरिट से हटा दिया जाएगा। यह अनुमान लगाया जा रहा है कि कम से कम तीन चरणों की काउंसलिंग की जाएंगी।
उत्तर प्रदेश में शिक्षकों की भर्ती के लिए इस बार रिकार्ड तोड़ 69 लाख आवेदन आए हैं। इसलिए मेरिट भी काफी अधिक गई है। मेरिट का निर्धारण गुणांक के आधार पर यानी हाईस्कूल 10 प्रतिशत, इंटरमीडिएट 20, स्नातक 40 और बीएड 30 प्रतिशत के आधार पर किया गया है। मेरिट लिस्ट में शामिल अभ्यर्थियों के अंक समान होने पर अधिक आयु के अभ्यर्थी को काउंसलिंग में वरीयता दी जाएगी। अंक और आयु दोनों समान होने पर अंग्रेजी वर्णमाला के क्रम के आधार मानते हुए मौका दिया जाएगा।
सीतापुर की रैंक सबसे अधिक
शिक्षक भर्ती में अभ्यर्थियों ने सबसे अधिक आवेदन उन जिलों में किए जहां पर पदों की संख्या अधिक थी। परिषद की ओर से जारी विज्ञापन में सीतापुर जिले में सबसे अधिक पद थे, इस जिले की रैंक भी सबसे अधिक है। उदाहरण के तौर पर एक अभ्यर्थी जिसका हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक और बीएड का औसत अंक 61.3 है, इसकी सीतापुर में रैंक 83 हजार से अधिक है। इसी अभ्यर्थी की सबसे कम रैंक वाराणसी जिले में 8287 है। जिन अभ्यर्थियों ने अब तक अपना रैंक नहीं निकाला है, उन्हें इससे अपनी स्थिति समझने में आसानी होगी।
काउंसिलिंग के दौरान आवश्यक प्रमाण पत्र
-प्रशिक्षु शिक्षक पद पर आवेदन के लिए रजिस्ट्रेशन का प्रिंट आउट
-बैंक में जमा शुल्क की रसीद और चालान की प्रति
-जनपद में किए गए ई-चालान का प्रिंट आउट
-सभी शैक्षिक, मूल अभिलेख, जाति, निवास, विशेष आरक्षण संबंधी प्रमाण पत्र के दो सेट
-दो पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो
-10 रुपए के नान जूडिसियल स्टैम्प पर निर्धारित नोटरी की ओर से प्रमाणित शपथ पत्र
-ई- आवेदन में निर्दिष्ट पहचान पत्र मूल रूप में
-दो बिना टिकट लगा, पता लिखा हुआ लिफाफा