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बिटिया से 'गलत काम' करने वाले को फांसी की सजा
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
Updated Sun, 30 Jun 2013 09:49 AM IST
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लखनऊ से सटे बाराबंकी के देवां थाना क्षेत्र के एक गांव में चौदह माह पूर्व चार वर्षीय बच्ची से दुराचार के बाद हत्या के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दरिंदे रंजीत यादव को फांसी की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर आठ हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
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'मानवता पर कलंक हैं ऐसे लोग'
अदालत ने फैसले में सख्त टिप्पणी की कि ऐसे अपराधी मानवता के नाम पर कलंक हैं और ऐसा कुकृत्य मनुष्य योनि में पैदा हुआ कोई व्यक्ति नहीं कर सकता। शुक्रवार को दोष सिद्ध होने के बाद अदालत ने दरिंदे को जेल भेज दिया था। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. राजेश सिंह ने फैसले में कहा कि चार वर्षीय मासूम बच्ची के साथ बलात्कार करने वाले अभियुक्त के प्रति दया बरते जाने का कोई न्यायोचित आधार नहीं है।
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''यह अपराध दुर्लभतम श्रेणी में आता है। अभियुक्त मानवता एवं समाज का अपराधी है। मदिरा पान किए हुए कामांध द्वारा किया गया अपराध दया के योग्य नहीं है।'' -अदालत
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और बिस्तर से गायब हो गई थी बच्ची
सहायक शासकीय अधिवक्ता राज कुमार वर्मा ने बताया कि थाना देवां के एक गांव में पिछले साल सात अप्रैल को पीड़ित पक्ष के यहां मुंडन संस्कार के अवसर पर भोज का आयोजन था। रात करीब 11 बजे जब परिवारीजन भजन-कीर्तन सुन रहे थे, बच्ची बिस्तर से गायब हो गई। गांव में ही एक खेत के पास उसका रक्तरंजित शव पड़ा मिला।
शव के पास पड़ी थी शराब
शराब की खाली बोतल भी पास पड़ी थी। गांव के ही कुछ लोगों ने बताया कि उन्होंने रंजीत यादव को बच्ची को गांव के बाहर ले जाते देखा था। घटना के खुलासे के लिए पुलिस ने डॉग स्क्वॉयड की मदद ली। रंजीत की मां उसके घर पर नहीं होने की बात कहती रही लेकिन खोजी कुत्ता ठीक उस जगह जाकर भौंकने लगा जहां रंजीत छिपा था।
'आज बिटिया की आत्मा को शांति मिली'
फैसले के बाद मृत बच्ची के घर में शनिवार को जश्न जैसा माहौल दिखाई दिया। परिवार के लोगों ने ईश्वर को धन्यवाद देने के साथ ही मंदिर में माथा टेका और मिठाइयां बांटीं। मृतका की मां रो-रोकर कह रही थी कि आजु हमरी बिटिया की आत्मा का शांति मिली होई। वहीं डबडबाई आंखों के साथ बेबस बाप बोला- वाह साहिब आजुए पता लागि की कानून का इंसाफ कैसन होत है।
डॉग स्क्वॉयड ने कातिल तक पहुंचाया
जिस मासूम के साथ दुराचार कर उसकी हत्या करने वाले दंरिदे को अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है उसे डॉग स्क्वॉयड ने खोज निकाला था। डॉग स्क्वॉयड के दिखाए रास्ते पर पुलिस के हत्थे चढ़ा दरिंदा रंजीत घर के सामने ही रहता था। लखनऊ से मंगाया डॉग स्क्वॉयड घटना स्थल से सीधे रंजीत के घर जाकर दो बार रुका था।
और उसने खुद सुनाई दरिंदगी की कहानी
घर के दरवाजे पर ताला लगा था। पर शक के आधार पर एएसपी और सीओ के निर्देशन पर छत के रास्ते से घर में पहुंच गए। उसे हिरासत में लिया गया। पूछताछ में पहले तो उसने मना किया पर सख्ती पर टूट गया और पूरी कहानी बता दी।
वो चिल्लाई तो कर दी थी हत्या
पुलिस ने बताया था कि 7 अप्रैल को रंजीत की छुट्टी थी, पर वह शहर गया था। लौटते समय शराब पी। रात करीब 11 बजे के बाद घर के सामने राजेश के घर मुंडन संस्कार की दावत में चल रहे मंगल गीत सुनने के लिए वह भी पहुंच गया। वहां थोड़ी देर खड़े रहने के बाद रंजीत चारपाई पर सो रही मासूम बच्ची को ले जाकर दुष्कर्म किया। चिल्लाने पर उसकी हत्या कर दी।