फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Rampur News ›   There is a shortage of teachers in the government college, 1935 students are supported by only 12 teachers

Rampur News: राजकीय महाविद्यालय में शिक्षकों का टोटा सिर्फ 12 शिक्षकों के सहारे 1935 विद्यार्थी

Wed, 06 Aug 2025 01:40 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर Updated Wed, 06 Aug 2025 01:40 AM IST
विज्ञापन
There is a shortage of teachers in the government college, 1935 students are supported by only 12 teachers
बिलासपुर (रामपुर)। श्री गुरु तेग बहादुर साहिब राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शिक्षकों का अभाव है। महाविद्यालय में शिक्षकों के 22 पदों में से सिर्फ 12 शिक्षक हैं। पांच विषयाें के शिक्षकों की तैनाती नहीं है। ऐसे में महाविद्यालय में पंजीकृत 1935 विद्यार्थी सिर्फ 12 शिक्षकों के सहारे पढ़ाई कर रहे हैं।
विज्ञापन

गांव कुआंखेड़ा के जंगल में सैंजनी नदी किनारे 1996 में श्री गुरुतेग बहादुर साहिब राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय की स्थापना की गई थी। महाविद्यालय में बीए, बीएससी, बीकॉम, एमए, एमएससी और एमकॉम के पाठ्यक्रमों में 1935 विद्यार्थी अध्यनरत हैं। विद्यार्थियों के अनुसार महाविद्यालय में केमिस्ट्री, ज्योग्राफी, सोशियोलॉजी, जूलॉजी, हिंदी के शिक्षक नहीं हैं, जिसकी वजह से इन विषयों को अन्य शिक्षक अपने विषय के अतिरिक्त अध्ययन कराते हैं।
विज्ञापन

महाविद्यालय में 22 शिक्षकों के स्थान पर मात्र 12 शिक्षक हैं। दस शिक्षकों का अभाव बीते कई वर्षों से चला आ रहा है। इन पांच विषयों के शिक्षक न होने की वजह से विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। महाविद्यालय कार्यालय में मात्र एक लिपिक है, छह लोग होने चाहिए। पेयजल के लिए कॉलेज के अंदर मात्र एक फ्रीजर लगा है, जबकि महाविद्यालय मैदान में भी पानी पीने के लिए एक और फ्रीजर की जरूरत बताई गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

महाविद्यालय का दूसरा गेट बंद होने की स्थिति में विद्यार्थियों को बाहर मैदान में बैठने के लिए कोई बेंच आदि की भी व्यवस्था नहीं है। महाविद्यालय जंगल में होने की वजह से सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस की कोई व्यवस्था नहीं है। विद्यार्थी खासकर छात्राओं को महाविद्यालय पहुंचने के लिए ई-रिक्शाओं का सहारा लेना पड़ता है। महाविद्यालय में आंतरिक परीक्षा कराने के लिए भी आसपास के महाविद्यालयों से शिक्षकों को बुलाना पड़ता है, वहीं परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन भी गैर जिलों के महाविद्यालय में पहुंचकर कराना पड़ता है।
-(संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed