{"_id":"579e4a164f1c1b5a7b2b8d92","slug":"second-monday-of-sawan","type":"story","status":"publish","title_hn":"जलाभिषेक के लिए सजे शिवालय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जलाभिषेक के लिए सजे शिवालय
अमर उजाला/ ब्यूरोरामपुर
Updated Mon, 01 Aug 2016 12:27 AM IST
विज्ञापन
मिलक में हाईवे से गुजरता कांवड़ियों का जत्था।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
सावन माह के दूसरे सोमवार पर हजारों शिवभक्त और कांवड़िये शिवालयों में जलाभिषेक करेंगे। इसके लिए जिले के ऐतिहासिक और प्रसिद्ध शिव मंदिरों में सजावट से लेकर आवश्यक व्यवस्थाओं के इंतजाम पूरे कर लिए गए। रठौंडा, पंजाबनगर व भमरौआ स्थित शिव मंदिरों में बैरिकेडिंग भी लगा दिए गए। दूसरे सोमवार पर जलाभिषेक के लिए हजारों कांवड़िये रविवार रात तक शहर पहुंचते रहे।
सावन माह के दूसरे सोमवार पर इस बार कांवड़ियों की अधिक भीड़ रहेगी। तीन दिन से लगातार गुजर रहे कांवड़ियों के बेड़े से इसका अंदाजा हो रहा है। कई बार सावन माह में पांच सोमवार होने के कारण पहले व दूसरे सोमवार पर अधिक भीड़ नहीं होती है। लेकिन, इस बार चार सोमवार होने के कारण दूसरे सोमवार पर भी कांवड़ियों की अधिक भीड़ रहेगी। दूसरे सोमवार पर जलाभिषेक के लिए ब्रजघाट के लिए बुधवार से तो हरिद्वार के लिए सोमवार से बेड़े जाने लगे थे। जबकि शनिवार को कई डाक कांवर के बेड़े भी हरिद्वार के लिए रवाना हुए।
सावन माह के दूसरे सोमवार को लेकर जिले के ऐतिहासिक व प्रसिद्ध शिव मंदिरों में पंजाबनगर के ओउम नागेश्वर महादेव मंदिर, भमरौआ के श्री पातालेश्वर महादेव मंदिर और रठौंडा स्थित शिव मंदिर पर आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गईं। मंदिर समिति व ट्रस्ट द्वारा बैरिकेडिंग लगा दिए गए। कांवड़ियों के विश्राम से लेकर जलाभिषेक तक के लिए व्यवस्था कर दी गई है।
सावन माह के दूसरे सोमवार पर इस बार कांवड़ियों की अधिक भीड़ रहेगी। तीन दिन से लगातार गुजर रहे कांवड़ियों के बेड़े से इसका अंदाजा हो रहा है। कई बार सावन माह में पांच सोमवार होने के कारण पहले व दूसरे सोमवार पर अधिक भीड़ नहीं होती है। लेकिन, इस बार चार सोमवार होने के कारण दूसरे सोमवार पर भी कांवड़ियों की अधिक भीड़ रहेगी। दूसरे सोमवार पर जलाभिषेक के लिए ब्रजघाट के लिए बुधवार से तो हरिद्वार के लिए सोमवार से बेड़े जाने लगे थे। जबकि शनिवार को कई डाक कांवर के बेड़े भी हरिद्वार के लिए रवाना हुए।
विज्ञापन
सावन माह के दूसरे सोमवार को लेकर जिले के ऐतिहासिक व प्रसिद्ध शिव मंदिरों में पंजाबनगर के ओउम नागेश्वर महादेव मंदिर, भमरौआ के श्री पातालेश्वर महादेव मंदिर और रठौंडा स्थित शिव मंदिर पर आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गईं। मंदिर समिति व ट्रस्ट द्वारा बैरिकेडिंग लगा दिए गए। कांवड़ियों के विश्राम से लेकर जलाभिषेक तक के लिए व्यवस्था कर दी गई है।
विज्ञापन