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किसान हित में कृषि कानूनों को वापस ले सरकार
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भोट (रामपुर)। केंद्र सरकार द्वारा पारित कृषि कानूनों के विरोध में भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता बेमियादी धरने के 120वें दिन भी कोयला टोल प्लाजा पर डटे रहे। इस दौरान आक्रोशित किसानों ने केंद्र सरकार को कोसते हुए नारेबाजी की और प्रदर्शन किया। किसानों ने तीनों कृषि कानूनों को वापस किए जाने की मांग की।
केंद्र सरकार द्वारा पारित कृषि कानूनों को वापस किए जाने की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में रामपुर काठगोदाम हाईवे में कोयला टोल प्लाजा पर धरने पर बैठे हैं। शुक्रवार को 120वें दिन भी किसानों का धरना जारी रहा। इस दौरान तहसील अध्यक्ष छिद्दा अली ने कहा कि करीब दस माह से देश का किसान कृषि कानूनों को वापस किए जाने की मांग कर दिल्ली व पूरे देश में आंदोलन कर रहा है। लेकिन, सरकार न तो किसानों से वार्ता कर रही है और न ही देश के किसानों द्वारा नकारे गए तीनों कृषि कानूनों को वापस ही ले रही है। केंद्र सरकार कुछ औद्यौगिक घरानों के दबाव में कृषि कानूनों को वापस नहीं ले रही है। इसलिए, सरकार को देश के किसानों की चिंता करते हुए किसान हित में कृषि कानूनों को वापस ले लेना चाहिए। अगर सरकार कानून वापस नहीं लेती है, तो किसान भी हार मानने वाले नहीं हैं और जब तक सरकार कृषि कानूनों को वापस नहीं ले लेती किसान आंदोलन समाप्त नहीं होगा। इस दौरान 25 सितंबर को ब्लाक सैदनगर में होने वाली पंचायत को सफल बनाने की अपील भी की गई। इस दौरान मंडल उपाध्यक्ष मोहम्मद तालिब, दिलशाद हुसैन, शाकिर अली, शकील अहमद, अब्दुल मुस्तफा, फहीम अहमद, छोटे, आबिद, रिजवान, सचिन कुमार, फैजान, चंद्रसेन, देवी दास आदि मौजूद रहे।
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केंद्र सरकार द्वारा पारित कृषि कानूनों को वापस किए जाने की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में रामपुर काठगोदाम हाईवे में कोयला टोल प्लाजा पर धरने पर बैठे हैं। शुक्रवार को 120वें दिन भी किसानों का धरना जारी रहा। इस दौरान तहसील अध्यक्ष छिद्दा अली ने कहा कि करीब दस माह से देश का किसान कृषि कानूनों को वापस किए जाने की मांग कर दिल्ली व पूरे देश में आंदोलन कर रहा है। लेकिन, सरकार न तो किसानों से वार्ता कर रही है और न ही देश के किसानों द्वारा नकारे गए तीनों कृषि कानूनों को वापस ही ले रही है। केंद्र सरकार कुछ औद्यौगिक घरानों के दबाव में कृषि कानूनों को वापस नहीं ले रही है। इसलिए, सरकार को देश के किसानों की चिंता करते हुए किसान हित में कृषि कानूनों को वापस ले लेना चाहिए। अगर सरकार कानून वापस नहीं लेती है, तो किसान भी हार मानने वाले नहीं हैं और जब तक सरकार कृषि कानूनों को वापस नहीं ले लेती किसान आंदोलन समाप्त नहीं होगा। इस दौरान 25 सितंबर को ब्लाक सैदनगर में होने वाली पंचायत को सफल बनाने की अपील भी की गई। इस दौरान मंडल उपाध्यक्ष मोहम्मद तालिब, दिलशाद हुसैन, शाकिर अली, शकील अहमद, अब्दुल मुस्तफा, फहीम अहमद, छोटे, आबिद, रिजवान, सचिन कुमार, फैजान, चंद्रसेन, देवी दास आदि मौजूद रहे।
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