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पालिका : 20 लाख खर्च के बाद भी गंदगी से अटे नाले
Fri, 21 Nov 2025 02:04 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Fri, 21 Nov 2025 02:04 AM IST
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रामपुर में कचरे से पता नाला। संवाद
रामपुर। सफाई के नाम पर 20 लाख रुपये खर्च होने के बाद भी नाले और नालियां गंदगी से अटे हैं। इसे लापरवाही ही कहेंगे कि जिम्मेदारों ने सफाई की सुध नहीं ली। मानसून के बाद से अब तक नालों की सफाई नहीं कराई गई। ऐसे में पानी निकास न होने की वजह दुर्गंध की वजह से लोग परेशान हैं।
शहर में मौजूदा समय में 82 नाले-नालियां हैं, जिनकी साफ-सफाई का जिम्मा नगर पालिका पर रहता है। हर साल बारिश के दिनों में नालों की तली झाड़ सफाई कराई जाती है। इसके बाद पलट कर नहीं देखा जाता है। वहीं लोग भी जागरुक न होने पर नाले में कचरा फेंकते जाते हैं।
जुलाई माह में बोर्ड फंड से करीब 20 लाख रुपये से साफ-सफाई कराई गई। इसके साथ बारिश शुरू हुई तो नाले-नालियां चोक हो गए। कुछ दिन बाद ही इसमें काफी अधिक कचरा जमा हो गया। माला रोड की तरफ वाले नाले की अगर बात करें तो लोगों ने पुराने गद्दे तक इस नाले में फेंक दिए हैं। इसके साथ नैनीताल रोड पर बड़े नाले का हाल और भी बुरा है। यहां पर नाला कवर नहीं है और सिल्ट की वजह से दुर्गंध काफी अधिक फैल रही है। बी अम्मा गेट के नाले में सबसे ज्यादा झाड़ियां हैं और यहां पर सिल्ट भी काफी ज्यादा जमी हुई है। इसके अलावा अन्य नाले भी कचरे से भरे पड़े है।
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संसाधन पूरे फिर भी गंदगी
शहर को स्वच्छ रखने के लिए नगर पालिका के पास पर्याप्त संसाधन हैं। इनमें दो रोड स्वीपिंग मशीन, चार कंपेक्टर, पांच जेसीबी, डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने के लिए 25 वाहन, इसके अलावा 12 ट्रैक्टर-ट्राॅलियां है। इसके अलावा अभी नाले साफ-सफाई के लिए स्पाइडर मशीन आई है।
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इन इलाकों में होता है जलभराव
नाले उफनाने पर शहर के तोपखाना, लाल कवर, मछली बाजार, कलकत्ता, घेर सरबदाल, घेर सैफुद्दीन, जेल रोड, बरेली गेट, मिस्टनगंज, राजद्वारा, शाहबाद गेट समेत कई इलाकों में जलभराव की स्थिति हो जाती है।
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बोले लोग...
मोहल्ले के नालों की साफ-सफाई अभी तक तो नहीं हुई है। नालों में प्लास्टिक के गिलास, दोने पत्तल, पाॅलिथीन और अन्य चीजें पड़ी हुई हैं। नालों का बहाव रुक गया है। पानी का निकास न होने की वजह से दुर्गंध उठ रही है। -नदीम खां, अस्पताल रोड निवासी
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नालों की इस समय स्थिति खराब है। नालों के साथ नालियां भी चोक पड़ी है और इसमें मच्छर पनप रहे है। कई बार सफाई कर्मी सिल्ट निकालकर सड़क पर ही छोड़ देते है, जिससे और आवागमन में दुर्गंध होती है। -यासीन अली, नैनीताल रोड निवासी
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जुलाई महीने में सफाई हुई थी, लेकिन फिर भी पानी सड़कों पर आया था। नालियां भी बारिश में लबालब थीं। ध्यान न देने से आज नालों और नालियों दोनों की स्थिति काफी खराब हो चुकी है। -काशिफ खां, शाहबाद गेट निवासी
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माला रोड पर तो लोगों ने नाले में पुराने रजाई-गद्दे तक फेंके हुए हैं। उस पर प्लास्टिक कचरा, पॉलिथीन के साथ अन्य वस्तुए फेंकी हैं, जिससे पानी ठहर गया है। साफ-सफाई न होने से ही मच्छर पनप रहे है। -आरिश खां, शौकत अली रोड निवासी
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वर्जन:-
नालों की साफ-सफाई कराई जा चुकी है। लोगों से भी अपील है कि इन नालों में किसी भी तरह का कचरा न फेंके। यदि कहीं पर नाले की सफाई रह गई तो प्लान बनाकर दोबारा करा दी जाएगी। -दुर्गेश्वर त्रिपाठी, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका, रामपुर
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शहर में मौजूदा समय में 82 नाले-नालियां हैं, जिनकी साफ-सफाई का जिम्मा नगर पालिका पर रहता है। हर साल बारिश के दिनों में नालों की तली झाड़ सफाई कराई जाती है। इसके बाद पलट कर नहीं देखा जाता है। वहीं लोग भी जागरुक न होने पर नाले में कचरा फेंकते जाते हैं।
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जुलाई माह में बोर्ड फंड से करीब 20 लाख रुपये से साफ-सफाई कराई गई। इसके साथ बारिश शुरू हुई तो नाले-नालियां चोक हो गए। कुछ दिन बाद ही इसमें काफी अधिक कचरा जमा हो गया। माला रोड की तरफ वाले नाले की अगर बात करें तो लोगों ने पुराने गद्दे तक इस नाले में फेंक दिए हैं। इसके साथ नैनीताल रोड पर बड़े नाले का हाल और भी बुरा है। यहां पर नाला कवर नहीं है और सिल्ट की वजह से दुर्गंध काफी अधिक फैल रही है। बी अम्मा गेट के नाले में सबसे ज्यादा झाड़ियां हैं और यहां पर सिल्ट भी काफी ज्यादा जमी हुई है। इसके अलावा अन्य नाले भी कचरे से भरे पड़े है।
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संसाधन पूरे फिर भी गंदगी
शहर को स्वच्छ रखने के लिए नगर पालिका के पास पर्याप्त संसाधन हैं। इनमें दो रोड स्वीपिंग मशीन, चार कंपेक्टर, पांच जेसीबी, डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने के लिए 25 वाहन, इसके अलावा 12 ट्रैक्टर-ट्राॅलियां है। इसके अलावा अभी नाले साफ-सफाई के लिए स्पाइडर मशीन आई है।
इन इलाकों में होता है जलभराव
नाले उफनाने पर शहर के तोपखाना, लाल कवर, मछली बाजार, कलकत्ता, घेर सरबदाल, घेर सैफुद्दीन, जेल रोड, बरेली गेट, मिस्टनगंज, राजद्वारा, शाहबाद गेट समेत कई इलाकों में जलभराव की स्थिति हो जाती है।
बोले लोग...
मोहल्ले के नालों की साफ-सफाई अभी तक तो नहीं हुई है। नालों में प्लास्टिक के गिलास, दोने पत्तल, पाॅलिथीन और अन्य चीजें पड़ी हुई हैं। नालों का बहाव रुक गया है। पानी का निकास न होने की वजह से दुर्गंध उठ रही है। -नदीम खां, अस्पताल रोड निवासी
नालों की इस समय स्थिति खराब है। नालों के साथ नालियां भी चोक पड़ी है और इसमें मच्छर पनप रहे है। कई बार सफाई कर्मी सिल्ट निकालकर सड़क पर ही छोड़ देते है, जिससे और आवागमन में दुर्गंध होती है। -यासीन अली, नैनीताल रोड निवासी
जुलाई महीने में सफाई हुई थी, लेकिन फिर भी पानी सड़कों पर आया था। नालियां भी बारिश में लबालब थीं। ध्यान न देने से आज नालों और नालियों दोनों की स्थिति काफी खराब हो चुकी है। -काशिफ खां, शाहबाद गेट निवासी
माला रोड पर तो लोगों ने नाले में पुराने रजाई-गद्दे तक फेंके हुए हैं। उस पर प्लास्टिक कचरा, पॉलिथीन के साथ अन्य वस्तुए फेंकी हैं, जिससे पानी ठहर गया है। साफ-सफाई न होने से ही मच्छर पनप रहे है। -आरिश खां, शौकत अली रोड निवासी
वर्जन:-
नालों की साफ-सफाई कराई जा चुकी है। लोगों से भी अपील है कि इन नालों में किसी भी तरह का कचरा न फेंके। यदि कहीं पर नाले की सफाई रह गई तो प्लान बनाकर दोबारा करा दी जाएगी। -दुर्गेश्वर त्रिपाठी, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका, रामपुर