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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Rampur News ›   Mufti Mehboob Ali, who was the Imam of Rampur for 65 years, passed away in America

Rampur News: 65 साल रामपुर के शहर इमाम रहे मुफ्ती महबूब अली का अमेरिका में इंतकाल

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 28 Aug 2025 02:27 AM IST
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Mufti Mehboob Ali, who was the Imam of Rampur for 65 years, passed away in America
रामपुर। 65 साल तक रामपुर के शहर इमाम रहे मुफ्ती महबूब अली का अमेरिका में इंतकाल हो गया। वह 95 साल के थे। इसी महीने अपने पोते की शादी में शामिल होने अमेरिका गए थे। वहां रवाना होने से पहले मौलावी नासिर खान को शहर इमाम बनाने की घोषणा भी कर गए थे।
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डाॅ. शायर उल्लाह खां ने बताया कि बुधवार की सुबह अमेरिका के डेलास शहर से उनके बेटे डॉ. ज़फ़र अली अंजुम वजीही का फोन आया कि मुफ्ती महबूब अली का इंतेकाल हो गया है।
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मुफ्ती महबूब अली का जन्म जून 1930 को मोहल्ला अंगूरी बाग में हाफ़िज़ अमजद अली के घर हुआ था। उन्होंने मदरसा अनवारुल उलूम में प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की और कुरान हिफ़्ज़ किया। 1948 से 1954 तक खतीब-ए-आजम मौलाना शाह वजीहुद्दीन अहमद खान कादरी मुजद्दी के मार्गदर्शन में अरबी की शिक्षा पूरी की।
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1954 में ही मदरसा जामे उल उलूम फ़ुरकानिया में शिक्षक बने और तरक्की करते हुए प्रिंसिपल के पद तक पहुंचे। 1998 में मदरसा बोर्ड की नौकरी से सेवानिवृत्त हुए लेकिन सेवानिवृत्ति के बाद भी शिक्षण सेवाएं देते रहे।
1959 में खतीब-ए-आजम ने उन्हें जामा मस्जिद का इमाम नियुक्त किया था और 1960 में मुफ्ती शहर, शहर इमाम और मुफ्ती फ़ुरकानिया कें पदों पर नियुक्त किया। 65 साल तक लगातार शिक्षण और फतवा जारी करने की सेवाएं देते रहे। इल्म-ए-हदीस की मशहूर किताब मिश्कात शरीफ की उर्दू व्याख्या आठ खंडों में लिखी जो मदरसा फ़ुरकानिया से छपी है।
रामपुर के मदरसा फुरकानिया और खानकाहे अहमदिया कादरिया की इंतेज़ामी कमेटियों के वह सदर और मुतवल्ली भी रहे। पांच अगस्त को वह अमेरिका गए। वहां पर अपने पोते हाफिज़ व कारी सबीह अंजुम की शादी में शरीक हुए लेकिन चंद रोज़ के बाद ही उन्हें ब्रेन स्ट्रोक हुआ। फौरी ऑपरेशन किया गया लेकिन होश नहीं आ सका और उनका चंद रोज़ के बाद इंतकाल हो गया।

शुक्रवार की सुबह तक उनकी मैयत रामपुर पहुंचने की उम्मीद है। उसके बाद ही नमाज जनाजा होगी। उनके परिजनों में पत्नी के अलावा तीन बेटे और तीन बेटियां हैं।
बुधवार को शहर भर में कुरानख्वानी का सिलसिला जारी रहा। दोपहर बारह बजे मदरसा फुरकानिया में सैकड़ों छात्रों और शिक्षकों ने कुरान ख्वानी फरमाई। शहर इमाम मौलवी मोहम्मद नासिर खान ने मरहूम की मगफिरत दुआ फरमाई।
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