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इमाम हत्याकांड : पीटने के बाद गला घोंटकर की गई थी हत्या
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रामपुर। शनिवार को सैफनी थाना क्षेत्र के पुराना रायपुर गांव निवासी मौलाना मोहम्मद माहिर (29) की राजस्थान के अजमेर में लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से इस बात का खुलासा हुआ कि पीटने के बाद इमाम का रस्सी से गला घोंटा गया था। रविवार को इमाम का शव शाहबाद के रायपुर गांव में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। शाहबाद के पुराना रायपुर गांव निवासी मोहम्मद माहिर राजस्थान अजमेर शरीफ के थाना रामगंज क्षेत्र के गांव दूरई के मोहल्ला कंचन नगर स्थित मोहम्मदी मस्जिद में इमाम थे। परिजनों के अनुसार मौलाना पिछले सात साल से अजमेर में रहकर एक मदरसे में बच्चों को पढ़ा रहे थे। मुरादाबाद निवासी मोहम्मदी मस्जिद के इमाम की मौत के बाद मौलाना मोहम्मद माहिर मस्जिद में इमामत करने लगे थे।
27 अप्रैल को तड़केतीन बजे अजमेर के ही मोहम्मदी मस्जिद में तीन अज्ञात नकाबपोश बदमाशों ने घुसकर इमाम की हत्या कर दी थी। के पीछे के रास्ते से दाखिल हुए थे। नकाबपोश बदमाशों ने इमाम पर लाठी-डंडों से ताबड़तोड़ वार करते हुए मौलाना की हत्या कर दी थी। घटना के समय मदरसे में पढ़ने वाले कई बच्चे भी मौजूद थे।
घटना के बाद अजमेर के रामगंज थाने के प्रभारी रविंद्र सिंह ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की थी। पोस्टमार्टम के बाद रविवार को शव शाहबाद पहुंच गया। रविवार सुबह करीब नौ बजे इमाम मोहम्मद माहिर को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। वहीं अजमेर पुलिस हत्याकांड के खुलासे में जुटी है। पुलिस का कहना है कि संभावना है कि हत्यारों ने रेकी करने के बाद वारदात को अंजाम दिया।
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पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया
इमाम की हत्या के मामले में पुलिस ने पूछताछ और सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद शक के आधार पर दो युवकों को हिरासत में लिया है। पुलिस का दावा है जल्द हत्या का खुलासा किया जाएगा। इमाम की हत्या के बाद हत्यारे उनका मोबाइल फोन साथ ले गए हैं। पुलिस इमाम के नंबर की सीडीआर निकाल रही है। पुलिस को शक है कि हत्यारे राजस्थान या यूपी के हो सकते हैं। वहीं परिजनों का कहना है कि इमाम का किसी से कोई विवाद नहीं था।
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27 अप्रैल को तड़केतीन बजे अजमेर के ही मोहम्मदी मस्जिद में तीन अज्ञात नकाबपोश बदमाशों ने घुसकर इमाम की हत्या कर दी थी। के पीछे के रास्ते से दाखिल हुए थे। नकाबपोश बदमाशों ने इमाम पर लाठी-डंडों से ताबड़तोड़ वार करते हुए मौलाना की हत्या कर दी थी। घटना के समय मदरसे में पढ़ने वाले कई बच्चे भी मौजूद थे।
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घटना के बाद अजमेर के रामगंज थाने के प्रभारी रविंद्र सिंह ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की थी। पोस्टमार्टम के बाद रविवार को शव शाहबाद पहुंच गया। रविवार सुबह करीब नौ बजे इमाम मोहम्मद माहिर को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। वहीं अजमेर पुलिस हत्याकांड के खुलासे में जुटी है। पुलिस का कहना है कि संभावना है कि हत्यारों ने रेकी करने के बाद वारदात को अंजाम दिया।
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पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया
इमाम की हत्या के मामले में पुलिस ने पूछताछ और सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद शक के आधार पर दो युवकों को हिरासत में लिया है। पुलिस का दावा है जल्द हत्या का खुलासा किया जाएगा। इमाम की हत्या के बाद हत्यारे उनका मोबाइल फोन साथ ले गए हैं। पुलिस इमाम के नंबर की सीडीआर निकाल रही है। पुलिस को शक है कि हत्यारे राजस्थान या यूपी के हो सकते हैं। वहीं परिजनों का कहना है कि इमाम का किसी से कोई विवाद नहीं था।