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अनाड़ी डॉक्टर ने एक आंख की रोशनी छीनी
ब्यूरो/अमर उजाला, रामपुर
Updated Mon, 11 Apr 2016 11:32 PM IST
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पीड़ित महिला रशीद जहां
- फोटो : अमर उजाला
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क्षेत्र के मानपुर उत्तरी में झोलाछाप की दवाई से महिला की एक आंख की रोशनी चली गई। शिकायत करने पर आरोपी ने दंपति के साथ अभद्रता की। पीड़ित ने कोतवाली पहुंचकर मामले की तहरीर दी है। वहीं झोलाछाप क्लीनिक में ताला बंद कर कहीं भाग गया है। मानपुर गांव निवासी फारुख की पत्नी रशीद जहां की एक आंख लाल हो गई थी। इस पर फारुख उसे एक निजी चिकित्सक केे क्लीनिक पर ले गया। आरोप है कि चिकित्सक ने महिला की आंख देखकर उसे खाने के लिये दवा दी।
साथ ही आंख में सुबह और शाम डालने की आई ड्राप भी दी। बाद में घर पर पहुंचने पर महिला ने आंख में दवा डाली। इसके बाद उसमें सूजन आ गई और उसे एक आंख से दिखाई देना बंद हो गया। इससे परेशान परिजन महिला को लेकर फिर चिकित्सक के पास पहुंचे। इस दौरान चिकित्सक ने अभद्रता कर उन्हें क्लीनिक से भगा दिया। इसके बाद महिला का पति उसे लेकर कोतवाली पहुंचा और आरोपी चिकित्सक के खिलाफ तहरीर दी। उधर, आरोपी रातों रात क्लीनिक में ताला बंद कर भाग गया। कोतवाली प्रभारी हरीश चंद्र जोशी ने बताया कि मामले की तहरीर आई है। मसवासी चौकी इंचार्ज को कार्रवाई के लिये निर्देशित कर दिया गया है।
लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहे झोलाछाप
प्रदेश के वीआईपी जिले में झोलाछाप लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। नगर विकास मंत्री आजम खां के निर्देश के बाद भी उनके खिलाफ कार्रवाई खानापूरी तक सिमट कर रह गई है। घटना होने पर एक-दो स्थानों पर छापेमारी कर अभियान पर पर्दा डाल दिया जाता है। वहीं, ग्रामीण इलाकों में झोलाछाप खुलेआम लोगों का इलाज कर रहे हैं। जिले में मई 2013 में अजीमनगर थाना क्षेत्र के भोट बक्काल गांव में झोलाछाप के इलाज के एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई थी।
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मामले में नगर विकास मंत्री आजम खां ने कार्रवाई के आदेश दिए थे। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने झोलाछाप के खिलाफ अभियान शुरू किया, लेकिन यह कुछ दिनों में ठंडा पड़ गया। जुलाई 2013 में अजीमनगर थाना क्षेत्र के दोेंकपुरी टांडा गांव में झोलाछाप के इंजेक्शन से एक युवक की मौत हो गई थी। मामले में रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी। मई 2014 में शाहबाद के चौकोनी गांव में दो बच्चों की मौत झोलाछाप द्वारा दी गई खुजली की दवा से हो गई थी। मामले में भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। दिसंबर 2015 में बिना लाइसेंस के नर्सिंग होम में प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत हो गई थी।
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साथ ही आंख में सुबह और शाम डालने की आई ड्राप भी दी। बाद में घर पर पहुंचने पर महिला ने आंख में दवा डाली। इसके बाद उसमें सूजन आ गई और उसे एक आंख से दिखाई देना बंद हो गया। इससे परेशान परिजन महिला को लेकर फिर चिकित्सक के पास पहुंचे। इस दौरान चिकित्सक ने अभद्रता कर उन्हें क्लीनिक से भगा दिया। इसके बाद महिला का पति उसे लेकर कोतवाली पहुंचा और आरोपी चिकित्सक के खिलाफ तहरीर दी। उधर, आरोपी रातों रात क्लीनिक में ताला बंद कर भाग गया। कोतवाली प्रभारी हरीश चंद्र जोशी ने बताया कि मामले की तहरीर आई है। मसवासी चौकी इंचार्ज को कार्रवाई के लिये निर्देशित कर दिया गया है।
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लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहे झोलाछाप
प्रदेश के वीआईपी जिले में झोलाछाप लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। नगर विकास मंत्री आजम खां के निर्देश के बाद भी उनके खिलाफ कार्रवाई खानापूरी तक सिमट कर रह गई है। घटना होने पर एक-दो स्थानों पर छापेमारी कर अभियान पर पर्दा डाल दिया जाता है। वहीं, ग्रामीण इलाकों में झोलाछाप खुलेआम लोगों का इलाज कर रहे हैं। जिले में मई 2013 में अजीमनगर थाना क्षेत्र के भोट बक्काल गांव में झोलाछाप के इलाज के एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई थी।
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मामले में नगर विकास मंत्री आजम खां ने कार्रवाई के आदेश दिए थे। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने झोलाछाप के खिलाफ अभियान शुरू किया, लेकिन यह कुछ दिनों में ठंडा पड़ गया। जुलाई 2013 में अजीमनगर थाना क्षेत्र के दोेंकपुरी टांडा गांव में झोलाछाप के इंजेक्शन से एक युवक की मौत हो गई थी। मामले में रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी। मई 2014 में शाहबाद के चौकोनी गांव में दो बच्चों की मौत झोलाछाप द्वारा दी गई खुजली की दवा से हो गई थी। मामले में भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। दिसंबर 2015 में बिना लाइसेंस के नर्सिंग होम में प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत हो गई थी।