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Rampur News: बिजली सुधार कार्य अधूरा, जर्जर पोल और उलझे तारों से बरकरार खतरा
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रामपुर। शहर की बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए पिछले साल जनवरी में शुरू किया गया काम अभी तक पूरा नहीं हो सका है। आरडीएसएस योजना के तहत 1440 किलोमीटर बिजली लाइन और 22,541 पोल बदले जाने थे लेकिन मुख्य सड़कों के अलावा छोटे मोहल्लों और गलियों में जर्जर पोल और उलझे तार आज भी लोगों के लिए खतरा बने हुए हैं।
शाहबाद गेट, शौकत अली रोड और सिविल लाइंस क्षेत्र में कई पोल जर्जर हो चुके हैं, जिन पर तारों का झुंड लटक रहा है। कुछ पोल तिरछे हो गए हैं तो कुछ में नीचे से खोल बन गए हैं। रेलवे स्टेशन की पार्किंग के पास हाईटेंशन लाइन के नजदीक ऐसे ही जोखिम भरे पोल हैं, जिन्हें अभी तक नहीं बदला गया है।
बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने का जिम्मा नागार्जुन कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया था, जो शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य कर रही है। हालांकि, काम की गति धीमी होने के कारण अभी तक योजना का लाभ पूरी तरह से नहीं मिल पाया है।एक्सईएन प्रथम प्रवीन कुमार ने बताया कि बिजली व्यवस्था को दुरुस्त किया जा रहा है और जहां भी जर्जर पोल हैं, उन्हें बदलवाया जाएगा।
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क्या बोले लोग -
बिजली के तार और खंभे अभी नहीं बदले गए हैं। इन खंभों और तारों को बदलने के लिए योजना चलाई गई थी लेकिन कुछ इलाकों तक सिमट के रह गई है। गली-मोहल्लों तक तार लटके हुए हैं।
-शहजाद खां, शाहबाद गेट
लंंबे समय से एक खंभा तिरछा है और उस पर जंक लगी है लेकिन इसको बदला नहीं गया है। इसको यदि जल्द बदल दिया गया तो कई लोगों बिजली की दिक्कत नहीं होगी।
-अमित सिंह, शौकत अली रोड
हमारे इलाके में बिजली के तार अभी भी लटके हुए हैं। यह तार कई बार बारिश से टूट चुके हैं और दोबारा इनको लगाया गया है, लेकिन इनको दोबारा से नई केबिल नहीं पड़ी है। लिहाजा, यह बार-बार टूट जाते हैं।
-आरिश, डूंगरपुर
सीमेंट के खंभे कई जगह लगे हैं, हमारे यहां पर लोहे के पोल जंक खा रहे हैं। मुख्य सड़कों के खंभे बदल दिए गए हैं, लेकिन तार अभी भी नहीं बदले गए हैं। इसके लिए बिजली विभाग ने कोई प्रयास नहीं किया है।
-दिनेश, सिविल लाइंस
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शाहबाद गेट, शौकत अली रोड और सिविल लाइंस क्षेत्र में कई पोल जर्जर हो चुके हैं, जिन पर तारों का झुंड लटक रहा है। कुछ पोल तिरछे हो गए हैं तो कुछ में नीचे से खोल बन गए हैं। रेलवे स्टेशन की पार्किंग के पास हाईटेंशन लाइन के नजदीक ऐसे ही जोखिम भरे पोल हैं, जिन्हें अभी तक नहीं बदला गया है।
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बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने का जिम्मा नागार्जुन कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया था, जो शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य कर रही है। हालांकि, काम की गति धीमी होने के कारण अभी तक योजना का लाभ पूरी तरह से नहीं मिल पाया है।एक्सईएन प्रथम प्रवीन कुमार ने बताया कि बिजली व्यवस्था को दुरुस्त किया जा रहा है और जहां भी जर्जर पोल हैं, उन्हें बदलवाया जाएगा।
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क्या बोले लोग -
बिजली के तार और खंभे अभी नहीं बदले गए हैं। इन खंभों और तारों को बदलने के लिए योजना चलाई गई थी लेकिन कुछ इलाकों तक सिमट के रह गई है। गली-मोहल्लों तक तार लटके हुए हैं।
-शहजाद खां, शाहबाद गेट
लंंबे समय से एक खंभा तिरछा है और उस पर जंक लगी है लेकिन इसको बदला नहीं गया है। इसको यदि जल्द बदल दिया गया तो कई लोगों बिजली की दिक्कत नहीं होगी।
-अमित सिंह, शौकत अली रोड
हमारे इलाके में बिजली के तार अभी भी लटके हुए हैं। यह तार कई बार बारिश से टूट चुके हैं और दोबारा इनको लगाया गया है, लेकिन इनको दोबारा से नई केबिल नहीं पड़ी है। लिहाजा, यह बार-बार टूट जाते हैं।
-आरिश, डूंगरपुर
सीमेंट के खंभे कई जगह लगे हैं, हमारे यहां पर लोहे के पोल जंक खा रहे हैं। मुख्य सड़कों के खंभे बदल दिए गए हैं, लेकिन तार अभी भी नहीं बदले गए हैं। इसके लिए बिजली विभाग ने कोई प्रयास नहीं किया है।
-दिनेश, सिविल लाइंस