{"_id":"668743c44c91fb7a2d0e1876","slug":"driver-laid-to-rest-four-dead-bodies-to-be-buried-today-rampur-news-c-282-1-smbd1029-125093-2024-07-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur News: चालक को किया सुपुर्द-ए-खाक, चार जनाजे आज होंगे दफन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur News: चालक को किया सुपुर्द-ए-खाक, चार जनाजे आज होंगे दफन
विज्ञापन
रामपुर। मूंढापांडे सड़क हादसे में जान गंवाने वाले कार चालक अहसान का शव घर पहुंचा तो चीत्कार मच गया। देर शाम गांव स्थित पैतृक कब्रिस्तान में सिसकियों और आंसुओं के बीच सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। वहीं हाजी अशरफ और उनके तीनों बेटों के जनाजे शुक्रवार सुबह 10 बजे गांव के ही कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किए जाएंगे।
स्वार के मुकरमपुर गांव निवासी अहसान अपने ही कार किराये पर चलाते थे। वह हाजी अशरफ अली और उनकी पत्नी जैतून को दिल्ली एयरपोर्ट से लेने के लिए बुधवार की दोपहर बाद निकले थे। साथ में हाजी अशरफ के चार बेटे भी थे। वापस आते समय बृहस्पतिवार की सुबह मूंढापांडे में हादसा हुआ, जिसमें अहसान की भी मौत हो गई।
पोस्टमार्टम के बाद शाम के समय जब उनका शव घर पहुंचा तो हर तरफ चीख पुकार मच गई। पत्नी और बच्चे समेत अन्य परिजन रो पड़े। अहसान को रात नौ बजे ईशा की नमाज के बाद पैतृक कब्रिस्तान में सुपुर्द ए खाक कर दिया गया।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
पत्नियों और बच्चों के इंतजार में रोका गया दफन
हाजी अशरफ अली और उनके तीन बेटों की सड़क हादसे में हुई मौत से हर तरफ गम का माहौल है। पोस्टमार्टम के बाद चारों शव हालांकि शाम के समय ही घर पहुंच गए थे, लेकिन नक्शे अली और आरिफ की पत्नियों व बच्चों के इंतजार में उनका दफन नहीं हो सका। बाप-बेटों को शुक्रवार की सुबह 10 बजे पैतृक कब्रिस्तान में सुपुर्द ए खाक किया जाएगा।
नक्शे अली और आरिफ विवाहित थे और परिवार के साथ सूरत में ही रह रहे थे, जहां उनका कोट-पैंट की सिलाई का कारखाना है। मां-बाप के हज से आने की खुशी मनाने के लिए दोनों भाई कुछ दिन पहले ही आये थे, लेकिन पत्नी व बच्चे सूरत में थे। बृहस्पतिवार को हादसे में मौत की खबर मिलते ही दोनों की पत्नियां फ्लाइट पकड़ कर रवाना हुईं। साथ में बच्चे भी हैं। साढ़े आठ बजे उनकी फ्लाइट दिल्ली पहुंची। दिल्ली से स्वार का सफर कम से कम चार-साढ़े चार घंटे का है। देर रात में उनके घर पहुंचने की संभावना है। जिसके बाद जनाजों को सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
विज्ञापन
स्वार के मुकरमपुर गांव निवासी अहसान अपने ही कार किराये पर चलाते थे। वह हाजी अशरफ अली और उनकी पत्नी जैतून को दिल्ली एयरपोर्ट से लेने के लिए बुधवार की दोपहर बाद निकले थे। साथ में हाजी अशरफ के चार बेटे भी थे। वापस आते समय बृहस्पतिवार की सुबह मूंढापांडे में हादसा हुआ, जिसमें अहसान की भी मौत हो गई।
विज्ञापन
पोस्टमार्टम के बाद शाम के समय जब उनका शव घर पहुंचा तो हर तरफ चीख पुकार मच गई। पत्नी और बच्चे समेत अन्य परिजन रो पड़े। अहसान को रात नौ बजे ईशा की नमाज के बाद पैतृक कब्रिस्तान में सुपुर्द ए खाक कर दिया गया।
विज्ञापन
पत्नियों और बच्चों के इंतजार में रोका गया दफन
हाजी अशरफ अली और उनके तीन बेटों की सड़क हादसे में हुई मौत से हर तरफ गम का माहौल है। पोस्टमार्टम के बाद चारों शव हालांकि शाम के समय ही घर पहुंच गए थे, लेकिन नक्शे अली और आरिफ की पत्नियों व बच्चों के इंतजार में उनका दफन नहीं हो सका। बाप-बेटों को शुक्रवार की सुबह 10 बजे पैतृक कब्रिस्तान में सुपुर्द ए खाक किया जाएगा।
नक्शे अली और आरिफ विवाहित थे और परिवार के साथ सूरत में ही रह रहे थे, जहां उनका कोट-पैंट की सिलाई का कारखाना है। मां-बाप के हज से आने की खुशी मनाने के लिए दोनों भाई कुछ दिन पहले ही आये थे, लेकिन पत्नी व बच्चे सूरत में थे। बृहस्पतिवार को हादसे में मौत की खबर मिलते ही दोनों की पत्नियां फ्लाइट पकड़ कर रवाना हुईं। साथ में बच्चे भी हैं। साढ़े आठ बजे उनकी फ्लाइट दिल्ली पहुंची। दिल्ली से स्वार का सफर कम से कम चार-साढ़े चार घंटे का है। देर रात में उनके घर पहुंचने की संभावना है। जिसके बाद जनाजों को सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।