{"_id":"61326dce8ebc3e885f25b37c","slug":"dengue-probe-rampur-news-mbd401422896","type":"story","status":"publish","title_hn":"घर-घर जाकर होगी मलेरिया-डेंगू की जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घर-घर जाकर होगी मलेरिया-डेंगू की जांच
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रामपुर। जिले में डेंगू व मलेरिया की रोकथाम और समय से उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग ने काम शुरू कर दिया है। इसके तहत जिला अस्पताल समेत पीएचसी-सीएचसी पर डेंगू वार्ड बनाते हुए बेड आरक्षित कर दिए गए हैं तो वहीं घर-घर जाकर मलेरिया-डेंगू आशंकितों की तलाश और जांच किए जाने के भी निर्देश दिए गए हैं।
जिले में अभी तक इस साल 52 मलेरिया पीड़ित और एक डेंगू पीड़ित सामने आ चुका है। प्रदेश के अन्य जनपदों में डेंगू, वायरल बुखार का प्रकोप बढ़ने पर पूरे प्रदेश में जारी अलर्ट के बाद रामपुर में भी मलेरिया-डेंगू से जंग को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। जिला मलेरिया अधिकारी पंकज द्विवेदी ने बताया कि जिले में मलेरिया और डेंगू आशंकितों की तलाश, जांच व समय से उपचार के लिए घर-घर दो सदस्यीय टीम जाएंगी। जो कि कोरोना आशंकितों की भी जांच करेंगी और डेंगू-मलेरिया आशंकितों की भी जांच करेंगी। इसके लिए आशा कार्यकर्ताओं को मलेरिया जांच किट दी गई है। किसी आशंकित में मलेरिया की पुष्टि न होने पर डेंगू पुष्टि के लिए उसे निकटतम स्वास्थ्य केंद्र ले जाकर एलीजा टेस्ट के माध्यम से डेंगू की जांच की जाएगी। साथ ही जिला अस्पताल में दस बेड व पीएचसी-सीएचसी पर पांच-पांच बेड आरक्षित करते हुए डेंगू वार्ड बनाए गए हैं।
विज्ञापन
जिले में अभी तक इस साल 52 मलेरिया पीड़ित और एक डेंगू पीड़ित सामने आ चुका है। प्रदेश के अन्य जनपदों में डेंगू, वायरल बुखार का प्रकोप बढ़ने पर पूरे प्रदेश में जारी अलर्ट के बाद रामपुर में भी मलेरिया-डेंगू से जंग को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। जिला मलेरिया अधिकारी पंकज द्विवेदी ने बताया कि जिले में मलेरिया और डेंगू आशंकितों की तलाश, जांच व समय से उपचार के लिए घर-घर दो सदस्यीय टीम जाएंगी। जो कि कोरोना आशंकितों की भी जांच करेंगी और डेंगू-मलेरिया आशंकितों की भी जांच करेंगी। इसके लिए आशा कार्यकर्ताओं को मलेरिया जांच किट दी गई है। किसी आशंकित में मलेरिया की पुष्टि न होने पर डेंगू पुष्टि के लिए उसे निकटतम स्वास्थ्य केंद्र ले जाकर एलीजा टेस्ट के माध्यम से डेंगू की जांच की जाएगी। साथ ही जिला अस्पताल में दस बेड व पीएचसी-सीएचसी पर पांच-पांच बेड आरक्षित करते हुए डेंगू वार्ड बनाए गए हैं।
विज्ञापन