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आरोपियों की गिरफ्तारी पर लगी रोक
ब्यूरो/अमर उजाला, रामपुर
Updated Fri, 06 May 2016 01:21 AM IST
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प्रदर्शन
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आलियागंज के नौ आरोपियों की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। बताते चलें कि आलियागंज बवाल में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अब्दुल सलाम सहित 14 को पुलिस ने नामजद किया किया गया था।
अब्दुल सलाम सहित चार पहले से जेल में हैं। बचे हुए 9 लोगों ने हाईकोर्ट में अपील की थी। बवाल के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने लगातार दबिशें दी। पुलिस पर ग्रामीणों ने घरों में तोड़फोड़ और मारपीट के भी आरोप लगाए थे। गिरफ्तारी से बचने के लिए मेहराज समेत नौ लोगों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया था कि उनके द्वारा हाईकोर्ट में पहले ही याचिका दायर की जा चुकी है, जिसमें प्रशासन के लोगों को पक्षकार बनाया गया है। इसी वजह से पुलिस प्रशासन ने उनके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराया है। उनके अधिवक्ता द्वारा दर्ज एफआईआर को निरस्त करने की मांग की। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद आलियागंज निवासी मेहराज समेत नौ लोगों की गिरफ्तारी पर अग्रिम आदेशों तक रोक लगा दी है।
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आलियागंज के पीड़ितों को मुआवजा दिलाया जाए
रामपुर(ब्यूरो)। पीस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। साथ ही डीएम के जरिए राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। आरोप लगाया कि प्रशासन अतिक्रमण के नाम पर गरीबों को बेघर कर रहा है।
आलियागंज में भी गरीबों के घर ध्वस्त कर दिए।पीस पार्टी के नगर अध्यक्ष फारूख मियां के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने डीएम के जरिए राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। इसमें उन्होंने बताया है कि प्रशासन चार साल से गरीबों पर जुल्म कर रहा है। अतिक्रमण के नाम पर गरीबों के मकान और दुकानें ध्वस्त की जा रही हैं। आलियागंज और डूंगरपुर में भी गरीबों के घर ढहा दिए गए। औद्योगिक क्षेत्र रोशनबाग में उद्यमियों ने उद्योग के लिए आवंटित भूमि पर आवास बनवा लिए।
जिला उद्योग केंद्र भी नोटिस दे चुका है, लेकिन प्रशासन उद्यमियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। राज्यपाल से आलियागंज और डूंगरपुर के पीड़ितों को उचित मुआवजा, भूमि आवंटन कर आवास बनवाने और लंबे समय से तैनात अधिकारियों का स्थानांतरण कराने की मांग की।
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अब्दुल सलाम सहित चार पहले से जेल में हैं। बचे हुए 9 लोगों ने हाईकोर्ट में अपील की थी। बवाल के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने लगातार दबिशें दी। पुलिस पर ग्रामीणों ने घरों में तोड़फोड़ और मारपीट के भी आरोप लगाए थे। गिरफ्तारी से बचने के लिए मेहराज समेत नौ लोगों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
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उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया था कि उनके द्वारा हाईकोर्ट में पहले ही याचिका दायर की जा चुकी है, जिसमें प्रशासन के लोगों को पक्षकार बनाया गया है। इसी वजह से पुलिस प्रशासन ने उनके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराया है। उनके अधिवक्ता द्वारा दर्ज एफआईआर को निरस्त करने की मांग की। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद आलियागंज निवासी मेहराज समेत नौ लोगों की गिरफ्तारी पर अग्रिम आदेशों तक रोक लगा दी है।
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आलियागंज के पीड़ितों को मुआवजा दिलाया जाए
रामपुर(ब्यूरो)। पीस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। साथ ही डीएम के जरिए राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। आरोप लगाया कि प्रशासन अतिक्रमण के नाम पर गरीबों को बेघर कर रहा है।
आलियागंज में भी गरीबों के घर ध्वस्त कर दिए।पीस पार्टी के नगर अध्यक्ष फारूख मियां के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने डीएम के जरिए राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। इसमें उन्होंने बताया है कि प्रशासन चार साल से गरीबों पर जुल्म कर रहा है। अतिक्रमण के नाम पर गरीबों के मकान और दुकानें ध्वस्त की जा रही हैं। आलियागंज और डूंगरपुर में भी गरीबों के घर ढहा दिए गए। औद्योगिक क्षेत्र रोशनबाग में उद्यमियों ने उद्योग के लिए आवंटित भूमि पर आवास बनवा लिए।
जिला उद्योग केंद्र भी नोटिस दे चुका है, लेकिन प्रशासन उद्यमियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। राज्यपाल से आलियागंज और डूंगरपुर के पीड़ितों को उचित मुआवजा, भूमि आवंटन कर आवास बनवाने और लंबे समय से तैनात अधिकारियों का स्थानांतरण कराने की मांग की।