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Rampur News: लाखों रुपये लेकर चिटफंड कंपनी फरार, दो पर प्राथमिकी दर्ज
Wed, 01 Apr 2026 01:10 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Wed, 01 Apr 2026 01:10 AM IST
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रामपुर। आरडी के रूप में पॉलिसी धारकों का जमा लाखों रुपये लेकर चिटफंड कंपनी फरार हो गई। कंपनी संचालकों ने अपने ही एजेंट को फंसाने के लिए एग्रीमेंट में उसके फर्जी हस्ताक्षर करा दिए, जिससे कंपनी के भागने के बाद भुगतान का दबाव एजेंट पर आ गया। धारकों के दबाव में एजेंट ने अपनी चल-अचल संपत्ति बेचकर भुगतान किया। अब कोर्ट के आदेश पर सिविल लाइंस कोतवाली में दो आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पटवाई थाना क्षेत्र के चिकटी रामनगर निवासी केदार सिंह की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में बताया गया है कि सिविल लाइंस क्षेत्र के आगापुर रोड पर आनंद रियल स्टेट इंडिया लिमिटेड का कार्यालय था। कंपनी के डायरेक्टर मुखराम की मृत्यु के बाद कृपाल सिंह और अर्जुन सिंह संचालन करने लगे। दोनों ने केदार सिंह को एजेंट नियुक्त कर पॉलिसी धारकों का पैसा आरडी के माध्यम से जमा कराया।
केदार सिंह के अनुसार उसने 64 लोगों की आरडी कराकर रकम कंपनी में जमा कराई। सभी धारकों से 10 रुपये के स्टांप पर एग्रीमेंट किया गया, जिसमें उसकी फोटो लगाकर फर्जी हस्ताक्षर कर दिए गए, ताकि कंपनी के फरार होने पर भुगतान का जिम्मा उसी पर आ जाए।
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धारकों के दबाव में उसे अपनी संपत्ति बेचकर भुगतान करना पड़ा। बाद में आरोपियों से शिकायत करने पर उन्होंने धमकी दी। पुलिस में शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने पर उसने कोर्ट की शरण ली।
सिविल लाइंस कोतवाल ओमकार सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर कृपाल सिंह और अर्जुन सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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पटवाई थाना क्षेत्र के चिकटी रामनगर निवासी केदार सिंह की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में बताया गया है कि सिविल लाइंस क्षेत्र के आगापुर रोड पर आनंद रियल स्टेट इंडिया लिमिटेड का कार्यालय था। कंपनी के डायरेक्टर मुखराम की मृत्यु के बाद कृपाल सिंह और अर्जुन सिंह संचालन करने लगे। दोनों ने केदार सिंह को एजेंट नियुक्त कर पॉलिसी धारकों का पैसा आरडी के माध्यम से जमा कराया।
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केदार सिंह के अनुसार उसने 64 लोगों की आरडी कराकर रकम कंपनी में जमा कराई। सभी धारकों से 10 रुपये के स्टांप पर एग्रीमेंट किया गया, जिसमें उसकी फोटो लगाकर फर्जी हस्ताक्षर कर दिए गए, ताकि कंपनी के फरार होने पर भुगतान का जिम्मा उसी पर आ जाए।
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धारकों के दबाव में उसे अपनी संपत्ति बेचकर भुगतान करना पड़ा। बाद में आरोपियों से शिकायत करने पर उन्होंने धमकी दी। पुलिस में शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने पर उसने कोर्ट की शरण ली।
सिविल लाइंस कोतवाल ओमकार सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर कृपाल सिंह और अर्जुन सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।