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बोर्ड परीक्षा : संतुलित आहार के साथ लें 7-8 घंटे की नींद
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रामपुर। यूपी बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं। ज्यादा से ज्यादा नंबर पाने की होड़ में छात्र-छात्राएं स्वास्थ्य का ख्याल नहीं रख पाते हैं। छात्र-छात्राओं में घबराहट, चिंता और तनाव काफी अधिक बढ़ रहा है। जिला अस्पताल की मनो चिकित्सक अजमी नाज का कहना है कि अभिभावक अपने बच्चों को संतुलित आहार के साथ सात-आठ घंटे की नींद जरूरी लेने दें। इससे पढ़ाई में एकाग्रता बढ़ेगी। सीबीएसई की परीक्षा शुरू हो चुकीं हैं, जबकि 22 फरवरी से यूपी बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं। विद्यार्थियों के रात-दिन जाग कर पढ़ाई करने से सेहत पर असर पड़ सकता है। मानसिक थकान के चलते मेमोरी पर सीधा असर पड़ रहा है। बच्चे बीमार भी पड़ रहे हैं। ऐसे में मनोचिकित्सक डॉ. अजमी नाज ने बताया कि परीक्षाएं आते ही पढ़ाई का दबाव नहीं लेना चाहिए। बल्कि सुकून के साथ पढ़ना चाहिए। विद्यार्थियों को रिवीजन पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि परीक्षा की तैयारी के चलते बच्चों की नींद प्रभावित हो रही है। नींद कम लेने से कोर्टिसोल नाम का हॉर्मोन बढ़ सकता है। इसका असर मेमोरी पर पड़ता है और चीजें ज्यादा देर तक याद नहीं रह पातीं हैं। इसलिए परीक्षा से पहले 7-8 घंटे की नींद बेहद जरूरी है। इससे दिमाग को पर्याप्त मात्रा में आराम मिल सकेगा और दिमाग नई ताजगी के साथ बेहतर काम करेगा।-- -- -- -- -
अभिभावक क्या करें :-- --
-घर में शांत और खुशनुमा माहौल बनाए रखें।
-बच्चों को हेल्दी और पौष्टिक खाना दें।
-बच्चों के साथ दोस्ताना बर्ताव करें।
- बच्चे की आलोचना करने से बचें।
-किसी अन्य बच्चे से तुलना बिल्कुल न करें।
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विद्यार्थियों के सामने आ रहीं ये समस्याएं
1. पढ़ाई में एकाग्रता नहीं बन पा रही है। सुबह का शोरगुल और हो हल्ला में डिस्टर्ब होता है, जबकि रात को सप्लाई की भी दिक्कत होती है। जबकि याद भी नहीं हो पा रहा है।
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2. मन में एकाग्रता नहीं आ पा रही है। भूख भी काफी कम लग रही है। नंबर लाने के दबाव के चलते मानसिक तनाव बढ़ रहा है। इसका असर नींद पर पड़ रहा है। 3. पढ़ाई का स्ट्रेस इतना है कि नींद भी नहीं आ रही है। दिमाग में बस अधिक से अधिक याद करने की कोशिश कर रहे हैं। परीक्षा में बेहतर नंबर लाने के लिए सुबह छह से चार घंटे फिर रात को पढ़ाई करते हैं।
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बच्चों को पढ़ाई के साथ अपनी सेहत का ख्याल भी रखना है। संतुलित आहार के साथ नींद बेहद जरूरी है। यदि नींद पूरी नहीं होगी तो तनाव बढ़ेगा, जिससे याद किया हुआ भी भूल जाओगे। इसलिए सभी विद्यार्थी नींद जरूर पूरी करें।
-अजमी नाज, मनोचिकित्सक, जिला अस्पताल, रामपुर
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उन्होंने कहा कि परीक्षा की तैयारी के चलते बच्चों की नींद प्रभावित हो रही है। नींद कम लेने से कोर्टिसोल नाम का हॉर्मोन बढ़ सकता है। इसका असर मेमोरी पर पड़ता है और चीजें ज्यादा देर तक याद नहीं रह पातीं हैं। इसलिए परीक्षा से पहले 7-8 घंटे की नींद बेहद जरूरी है। इससे दिमाग को पर्याप्त मात्रा में आराम मिल सकेगा और दिमाग नई ताजगी के साथ बेहतर काम करेगा।
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अभिभावक क्या करें :
-घर में शांत और खुशनुमा माहौल बनाए रखें।
-बच्चों को हेल्दी और पौष्टिक खाना दें।
-बच्चों के साथ दोस्ताना बर्ताव करें।
- बच्चे की आलोचना करने से बचें।
-किसी अन्य बच्चे से तुलना बिल्कुल न करें।
विद्यार्थियों के सामने आ रहीं ये समस्याएं
1. पढ़ाई में एकाग्रता नहीं बन पा रही है। सुबह का शोरगुल और हो हल्ला में डिस्टर्ब होता है, जबकि रात को सप्लाई की भी दिक्कत होती है। जबकि याद भी नहीं हो पा रहा है।
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2. मन में एकाग्रता नहीं आ पा रही है। भूख भी काफी कम लग रही है। नंबर लाने के दबाव के चलते मानसिक तनाव बढ़ रहा है। इसका असर नींद पर पड़ रहा है। 3. पढ़ाई का स्ट्रेस इतना है कि नींद भी नहीं आ रही है। दिमाग में बस अधिक से अधिक याद करने की कोशिश कर रहे हैं। परीक्षा में बेहतर नंबर लाने के लिए सुबह छह से चार घंटे फिर रात को पढ़ाई करते हैं।
बच्चों को पढ़ाई के साथ अपनी सेहत का ख्याल भी रखना है। संतुलित आहार के साथ नींद बेहद जरूरी है। यदि नींद पूरी नहीं होगी तो तनाव बढ़ेगा, जिससे याद किया हुआ भी भूल जाओगे। इसलिए सभी विद्यार्थी नींद जरूर पूरी करें।
-अजमी नाज, मनोचिकित्सक, जिला अस्पताल, रामपुर