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भोट प्रकरण ः सर्वे टीम को बंधक बनाकर हंगामा, नारेबाजी
अमर उजाला ब्यूरो/ रामपुर
Updated Thu, 13 Oct 2016 12:39 AM IST
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भोट में बुधवार को सर्वे टीम के अफसरों धरने पर बैठाए ग्रामीण। अमर उजाला
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काठगोदाम हाईवे की जद में आए भोट गांव के लोगों का गुस्सा बुधवार को फिर भड़क उठा। ग्रामीणों ने सर्वे करने पहुंची कंपनी के अफसरों को घेर लिया और उन्हें धरने पर बैठा लिया। कई घंटे तक यहां हंगामा चलता रहा। हंगामे की जानकारी पर हाईवे निर्माण कंपनी के अफसर को भी धरने पर बैठा लिया। बाद में भोट में काम न कराए जाने के आश्वासन पर ग्रामीण माने तब जाकर मामला शांत हुआ।
एनएचएआई की ओर से भोट कसबे के बीच से हाईवे निकाला जा रहा है। इसकी चपेट में गांव के करीब तीन सौ मकान आ रहे हैं। जिसके बाद से यहां के लोगों में खलबली मची हुई है। ग्रामीण इसका विरोध कर रहे हैं। इस बीच बुधवार को जमीन का सर्वे करने के लिए सर्वे एपीसीएल कंपनी के कुछ अफसर पहुंच गए। मामले की जानकारी होने के बाद ग्रामीण एकत्र हो गए और उन्होंने सर्वे करने पहुंचे अफसरों को घेर लिया।
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कंपनी के अफसरों को ग्रामीणों ने हाईवे किनारे स्थित शिवमंदिर के पास धरने पर बैठा लिया। ग्रामीणों ने एनएचएआई के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। प्रधान मुर्शीद हसन भी यहां पहुंच गए। इसके बाद मौके पर मौजूद कंपनी के और अफसर भी यहां पहुंच गए, जिसके बाद ग्रामीणों ने सीनियर सर्वेयर हरिदास को भी धरने पर बैठा लिया। यहां काफी देर तक हंगामा होता रहा।
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भाकियू (भानु गुट) के राष्ट्रीय महासचिव हनीफ वारसी भी यहां पहुंच गए। उन्होंने ग्रामीणों के आंदोलन का समर्थन किया। साथ ही एकजुट होने का आह्वान किया। कई घंटे तक सर्वे कंपनी के अफसरों को ग्रामीण धरने पर बैठाए रखे और इसके बाद धरना स्थल पर हाईवे का निर्माण करने वाली सद्भभाव इंफ्रा स्ट्रक्चर के कंस्ट्रक्शन मैनेजर सुशील कुमार को भी मौके पर बुलवा लिया गया। मैनेजर सुशील कुमार ने इस दौरान ग्रामीणों को आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया, जिसके बाद ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ। ग्रामीणों के मुताबिक एनएचएआई कंस्ट्रक्शन कंपनी के मैनेजर ने यहां पर काम न कराने का भरोसा दिया है, जिसके बाद मामला शांत हुआ।