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Rampur News: भारत बंद का रहा मिला-जुला असर
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रामपुर। संयुक्त किसान मोर्चा के भारत बंद के आह्वान का शुक्रवार को जिले में मिला-जुला असर रहा। कुछ इलाकों में दुकानें पूरी तरह बंद रहीं तो कहीं इलाकों में रोज की तरह बाजार खुला। भाकियू टिकैत सहित किसानों के विभिन्न संगठनों के नेता भारत बंद को सफल बनाने के लिए सड़कों पर उतरे। भारत बंद कर नगरीय क्षेत्र में असर कम रहा। किसानों ने प्रदर्शन भी किया और व्यापारियों से दुकानें बंद करने की अपील की।
भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट के नेता और कार्यकर्ताओं ने भारत बंद को सफल बनाने के लिए शहर में प्रदर्शन किया। भाकियू टिकैत कार्यकर्ताओं ने ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापारियों से दुकानें बंद कराईं। केंद्र सरकार के खिलाफ हाईवे पर प्रदर्शन किया। नेताओं ने किसानों से अगले आंदोलन के लिए तैयार रहने की अपील की। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर गांवों में किसान खेतों पर काम करने नहीं गए।
किसानों ने अपनी दुकानें और अन्य कामों भी पूरी तरह बंद रखा। रामपुर जिले के तहसीलों में मिला-जुला असर देखने को मिला। स्वार, बिलासपुर, शाहबाद व टांडा क्षेत्र में बंद का असर देखने को मिला, जबकि मिलक और अन्य क्षेत्रों में बाजारों में चहल-पहल देखने को मिली। भारत बंद के एलान को लेकर पुलिस और खुफिया विभाग अलर्ट रहा। भाकियू के पुराने रेलवे स्टेशन रोड प्रदेश कैंप कार्यालय पर पुलिस और खुफिया विभाग की कड़ी नजर रही। पुलिसकर्मी कार्यालय के इर्द-गिर्द तैनात रहे।
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भाकियू टिकैत के प्रदेश महासचिव हसीब अहमद के बुलावे पर जिले भर के कार्यकर्ता कार्यालय पहुंचे। जहां से हसीब अहमद और जिला अध्यक्ष जगजीत सिंह गिल के साथ किसान शहर में स्टेशन रोड, सिविल लाइन, राधा रोड, गुरुद्वारा रोड होते हुए वापस कार्यालय पहुंचे, जहां किसानों ने पंचायत कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
सरकार किसानों को बंधुआ मजदूर बनाना चाहती है : हसीब
प्रदेश कैंप कार्यालय पर पंचायत में प्रदेश महासचिव हसीब अहमद ने कहा कि सरकार किसानों को बंधुआ मजदूर बनाना चाहती है। सरकार ने एक भी वादा पूरा नहीं किया। किसानों से अगले आंदोलन के लिए तैयार रहें। जिलाध्यक्ष ने कहा कि सरकार जब तक एमएसपी गारंटी कानून समेत सभी मांगों को नहीं पूरा करेगी तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर युवा जिला अध्यक्ष रंजीत यादव, जिला महासचिव होरीलाल, जिला प्रवक्ता मनजीत सिंह अटवाल आदि मौजूद रहे।
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17 फरवरी को सिसौली पंचायत में जाएंगे किसान
बिलासपुर/शाहबाद। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर शुक्रवार को बिलासपुर में भारत बंद का का मिलाजुला असर दिखा। शुक्रवार की सुबह भारतीय किसान यूनियन टिकैत जिला अध्यक्ष जगजीत सिंह गिल तमाम किसानों के साथ स्थानीय नगर कार्यालय पर पहुंचे। उन्होंने किसानों के साथ रामपुर रोड, केमरी रोड, पटेल चौक आदि स्थानों का भ्रमण किया। उन्होंने खुली दुकानों को बंद कराया और सभी दुकानदारों से भी भारत बंद का सहयोग करने की अपील की। कहा वह 17 फरवरी को सिसौली की पंचायत में भी जाएंगे।
वहीं, भाकियू टिकैत के जिला प्रवक्ता मंजीत सिंह अटवाल ने भी माटखेड़ा रोड, डाकखाना रोड आदि रोडों पर खुली दुकानों को तमाम किसानों के सहयोग से अपील करते हुए बंद कराई। वहीं शाहबाद तहसील क्षेत्र में भारत बंद का असर दिखाई नहीं दिया। इक्का-दुक्का दुकाने बंद थीं। हालांकि, बृहस्पतिवार को भकियू टिकैत द्वारा किए गए एलान से शाहबाद के मीट कारोबारी भ्रमित हो गए थे। उनका कहना था कि उन्हें लगा कि भारत बंद अधिकारियों की ओर से किया गया है। इसलिए मीट कारोबारियों की दुकानें बंद रहीं। भारत बंद को लेकर भाकियू टिकैत के प्रदेश सचिव दरियाव सिंह ने बैठक की। बैठक में भारत बंद को लेकर वार्ता की गई। इस दौरान नावेद खान, अखलाक अहमद, सरफराज अहमद, सतेंद्र यादव आदि मौजूद रहे। वहीं सैफनी में भारत बंद का कोई असर देखने को नहीं मिला। रोजाना की तरह ही दुकानें खुलीं। बाजार में रोजाना की तरह चहल पहल रही। संवाद
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भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट के नेता और कार्यकर्ताओं ने भारत बंद को सफल बनाने के लिए शहर में प्रदर्शन किया। भाकियू टिकैत कार्यकर्ताओं ने ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापारियों से दुकानें बंद कराईं। केंद्र सरकार के खिलाफ हाईवे पर प्रदर्शन किया। नेताओं ने किसानों से अगले आंदोलन के लिए तैयार रहने की अपील की। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर गांवों में किसान खेतों पर काम करने नहीं गए।
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किसानों ने अपनी दुकानें और अन्य कामों भी पूरी तरह बंद रखा। रामपुर जिले के तहसीलों में मिला-जुला असर देखने को मिला। स्वार, बिलासपुर, शाहबाद व टांडा क्षेत्र में बंद का असर देखने को मिला, जबकि मिलक और अन्य क्षेत्रों में बाजारों में चहल-पहल देखने को मिली। भारत बंद के एलान को लेकर पुलिस और खुफिया विभाग अलर्ट रहा। भाकियू के पुराने रेलवे स्टेशन रोड प्रदेश कैंप कार्यालय पर पुलिस और खुफिया विभाग की कड़ी नजर रही। पुलिसकर्मी कार्यालय के इर्द-गिर्द तैनात रहे।
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भाकियू टिकैत के प्रदेश महासचिव हसीब अहमद के बुलावे पर जिले भर के कार्यकर्ता कार्यालय पहुंचे। जहां से हसीब अहमद और जिला अध्यक्ष जगजीत सिंह गिल के साथ किसान शहर में स्टेशन रोड, सिविल लाइन, राधा रोड, गुरुद्वारा रोड होते हुए वापस कार्यालय पहुंचे, जहां किसानों ने पंचायत कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
सरकार किसानों को बंधुआ मजदूर बनाना चाहती है : हसीब
प्रदेश कैंप कार्यालय पर पंचायत में प्रदेश महासचिव हसीब अहमद ने कहा कि सरकार किसानों को बंधुआ मजदूर बनाना चाहती है। सरकार ने एक भी वादा पूरा नहीं किया। किसानों से अगले आंदोलन के लिए तैयार रहें। जिलाध्यक्ष ने कहा कि सरकार जब तक एमएसपी गारंटी कानून समेत सभी मांगों को नहीं पूरा करेगी तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर युवा जिला अध्यक्ष रंजीत यादव, जिला महासचिव होरीलाल, जिला प्रवक्ता मनजीत सिंह अटवाल आदि मौजूद रहे।
17 फरवरी को सिसौली पंचायत में जाएंगे किसान
बिलासपुर/शाहबाद। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर शुक्रवार को बिलासपुर में भारत बंद का का मिलाजुला असर दिखा। शुक्रवार की सुबह भारतीय किसान यूनियन टिकैत जिला अध्यक्ष जगजीत सिंह गिल तमाम किसानों के साथ स्थानीय नगर कार्यालय पर पहुंचे। उन्होंने किसानों के साथ रामपुर रोड, केमरी रोड, पटेल चौक आदि स्थानों का भ्रमण किया। उन्होंने खुली दुकानों को बंद कराया और सभी दुकानदारों से भी भारत बंद का सहयोग करने की अपील की। कहा वह 17 फरवरी को सिसौली की पंचायत में भी जाएंगे।
वहीं, भाकियू टिकैत के जिला प्रवक्ता मंजीत सिंह अटवाल ने भी माटखेड़ा रोड, डाकखाना रोड आदि रोडों पर खुली दुकानों को तमाम किसानों के सहयोग से अपील करते हुए बंद कराई। वहीं शाहबाद तहसील क्षेत्र में भारत बंद का असर दिखाई नहीं दिया। इक्का-दुक्का दुकाने बंद थीं। हालांकि, बृहस्पतिवार को भकियू टिकैत द्वारा किए गए एलान से शाहबाद के मीट कारोबारी भ्रमित हो गए थे। उनका कहना था कि उन्हें लगा कि भारत बंद अधिकारियों की ओर से किया गया है। इसलिए मीट कारोबारियों की दुकानें बंद रहीं। भारत बंद को लेकर भाकियू टिकैत के प्रदेश सचिव दरियाव सिंह ने बैठक की। बैठक में भारत बंद को लेकर वार्ता की गई। इस दौरान नावेद खान, अखलाक अहमद, सरफराज अहमद, सतेंद्र यादव आदि मौजूद रहे। वहीं सैफनी में भारत बंद का कोई असर देखने को नहीं मिला। रोजाना की तरह ही दुकानें खुलीं। बाजार में रोजाना की तरह चहल पहल रही। संवाद