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पिता की बात याद कर रो पड़े अब्दुल्ला: बोले- आपकी दुआओं से आजम खां एक बार फिर हम सबके बीच होंगे
Wed, 19 Jan 2022 09:55 PM IST
प्रशांत कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Wed, 19 Jan 2022 09:55 PM IST
सार
अब्दुल्ला आजम ने कहा कि हमें उम्मीद है कि हमें अदालत से न्याय मिलेगा और मालिक के करम और आपकी दुआओं से आजम खां एक बार फिर हम सबके बीच होंगे।
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पिता आजम खां के साथ अब्दुल्ला आजम, फाइल फोटो
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
अब्दुल्ला आजम का वर्चुअल संवाद उनके पिता सांसद आजम खां और मां शहर विधायक डॉ. तजीन फात्मा के इर्द-गिर्द रहा। कभी आजम खां के संघर्ष, मुश्किलों के दौर और नसीहत को साझा किया तो कभी जेल में बंद बीमार और आईसीयू में भर्ती रहने के दौरान आजम खां से हुई बात को साझा कर रो पड़े। जिस पर कार्यकर्ताओं ने उनकी हिम्मत बंधाई। कहा कि मेरी हैसियत इतनी ही कि मैं आजम खां का बेटा हूं।
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अब्दुल्ला आजम ने अपने संबोधन की शुरुआत ही पिता आजम खां की नसीहतों और संघर्ष को जाहिर करते हुए ही की। कहा कि पहाड़ अपनी जगह छोड़ सकता है लेकिन, आजम खां जुल्म के आगे नहीं झुक सकते हैं। कहा कि उन्हें वालिद ने एक ही नसीहत दी है कि जब भी कोई फैसला लो तो उससे पहले बहुत सोचो, उसके लिए जमीर को तैयार करो और शुभचिंतकों से सुझाव लो उसके बाद ही कोई फैसला लो लेकिन, जब एक बार फैसला कर लो तो किसी जुल्म के आगे मत झुको।
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कभी महिला बैरक की सिपाही दिख जाती तो उससे मां की खैरियत लेते थे
कहा कि मेरी जातीय हैसियत इतनी ही है कि मैं आजम खां का बेटा हूं। मेरी 75 साल की बीमार मां जिसने करीब 35-40 साल बच्चों को पढ़ाया और रिटायर होने के बाद भी जौहर यूनिवर्सिटी का काम देख रहीं थीं, उन्हें जेल भिजवाया गया। वो भी तब जब कुछ दिन पहले ही उनकी रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट आई थी। कहा कि वो जेल में सप्ताह में एक दिन ही अपनी मां से मिल पाते थे। कभी महिला बैरक की सिपाही दिख जाती तो उससे मां की खैरियत लेते थे। कहा कि एक दिन जेल में ही उनकी मां बैरक से बाहर आते समय ठोकर खाकर गिर गईं और कंधा टूट गया। कहा कि उनका क्या गुनाह था जो बीमार मां को दस माह जेल में गुजारने पड़े।
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बेटा अगर मुझे कुछ ऐसा हो गया है कि....
पिता आजम खां को लेकर कहा कि जेल में बीमार पड़े तो आईसीयू में भर्ती हो गए। आईसीयू में भर्ती रहने के दौरान एक बार जब मेरे पास से गुजरे तो बोले कि बेटा अगर मुझे कुछ ऐसा हो गया है कि.....इतना कहकर अब्दुल्ला भावुक हो गए और रो पड़े। उनका गला रुंध सा गया और आवाज निकलनी बंद हो गई। कहा कि आपकी दुआओं का असर हुआ जो वो बच गए वरना इलाज तो चल रही रहा था। कहा कि हमें उम्मीद है कि हमें अदालत से न्याय मिलेगा और मालिक के करम और आपकी दुआओं से आजम खां एक बार फिर हम सबके बीच होंगे।